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    US-India Trade Deal | 'ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं भारत और अमेरिका', राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बड़ा बयान

    3 hours from now

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    ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला आगामी व्यापार समझौता ऐतिहासिक और अनूठा होगा। एक सवाल के जवाब में ट्रम्प ने कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं। हम भी समझौता करने जा रहे हैं। हां, हम काफी करीब हैं। यह हमारे द्वारा पहले किए गए समझौतों से बिल्कुल अलग तरह का समझौता होगा।" ट्रम्प का यह बयान दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।व्यापार समझौते पर ट्रंप ने क्या कहाअमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "यह हमारे द्वारा पहले किए गए समझौतों से बिल्कुल अलग तरह का समझौता होगा।" ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दौरे पर हैं। उन्होंने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया।पीयूष गोयल ने इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधियों से मुलाकात की थीकेंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने की शुरुआत में मिल्वौकी और वाशिंगटन में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात की थी, ताकि व्यापार समझौते के बारीक पहलुओं पर चर्चा की जा सके। गौरतलब है कि फरवरी में भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में टैरिफ (शुल्क) से जुड़ी स्थितियों में बदलाव के कारण इस समझौते पर फिर से बातचीत शुरू हो गई है।मार्को रुबियो ने भारत से ऊर्जा व्यापार बढ़ाने और अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाने का आग्रह कियाइस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नई दिल्ली से ऊर्जा व्यापार बढ़ाने और अमेरिकी तकनीक व प्रणालियों की खरीद में वृद्धि करने का आग्रह किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रुबियो के साथ व्यापक बातचीत की। रुबियो पांच महीने से भी कम समय में दूसरी बार भारत (मुंबई) पहुंचे थे। हालांकि, वाशिंगटन की अनिश्चित व्यापार नीतियों और कड़े होते आव्रजन (इमिग्रेशन) नियमों के कारण दोनों देशों के बीच संबंधों में कुछ तनाव भी बना हुआ है।विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हुई बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और इसे जल्द से जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। रूबियो ने भारत को कच्चे तेल की रिफाइनिंग में 'सुपरपावर' बतायाजयशंकर के साथ अपनी मुलाकात से पहले, रूबियो ने भारत को कच्चे तेल की रिफाइनिंग में एक "सुपरपावर" बताया और भारत में वेनेजुएला के कच्चे तेल की प्रोसेसिंग बढ़ाने का समर्थन किया। अमेरिकी विदेश मंत्री (सेक्रेटरी ऑफ स्टेट) बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी का दौरा करेंगे। मुलाकात से पहले मीडिया से संक्षिप्त बातचीत के दौरान, व्यापार समझौते से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए रूबियो ने कहा कि "कुछ ही चीजें तय होनी बाकी हैं" और उम्मीद जताई कि यह समझौता "जल्द ही" पूरा हो जाएगा।मुलाकात के बाद, जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने और रूबियो ने "हमारे संबंधों को और आगे बढ़ाने पर चर्चा की, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर खास जोर दिया गया।" अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री और भारतीय विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें पश्चिम एशिया के घटनाक्रम भी शामिल थे।Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi 
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