Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वर्ल्ड अपडेट्स:हॉन्गकॉन्ग सरकार अग्निकांड पीड़ितों के 1700 जले फ्लैट खरीदेगी, बदले में नकद या नया फ्लैट देगी

    6 hours ago

    1

    0

    हॉन्गकॉन्ग में नवंबर 2025 की भीषण आग के तीन महीने बाद सरकार ने पुनर्वास योजना का ऐलान किया है। ताई पो स्थित वांग फुक कोर्ट की 7 इमारतों के करीब 1700 फ्लैट मालिकों से स्वामित्व अधिकार खरीदने या फ्लैट एक्सचेंज का विकल्प दिया जाएगा। 26 नवंबर 2025 को लगी आग में 168 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद हजारों लोग बेघर हो गए थे और अस्थायी ठिकानों में रह रहे हैं। सरकार फिलहाल किराये के लिए वित्तीय मदद दे रही है। इस पूरी प्रक्रिया पर करीब 6.8 अरब हॉन्गकॉन्ग डॉलर (यानी करीब 7892 करोड़ रुपए) खर्च होंगे। इसमें से 4 अरब डॉलर सार्वजनिक फंड से आएंगे, बाकी राहत कोष से। सरकार फ्लैट मालिकों से स्वामित्व अधिकार नकद में खरीदेगी। चाहें तो प्रभावित लोग निर्धारित सरकारी नीति के तहत नया फ्लैट खरीद सकते हैं। जो लोग बड़ी रकम लेने से बचना चाहते हैं, वे सीधे फ्लैट एक्सचेंज कर सकेंगे। मार्च से मालिकों से संपर्क शुरू होगा। एक्सचेंज योजना चुनने वाले सितंबर से नए घर चुन सकेंगे। डिप्टी फाइनेंशियल सेक्रेटरी माइकल वोंग ने कहा कि इमारतों की मरम्मत का कोई उचित और किफायती तरीका नहीं है। प्रशासन सातों इमारतों को ध्वस्त करने के पक्ष में है और साइट पर दोबारा आवासीय निर्माण नहीं किया जाएगा। यहां पार्क या सामुदायिक सुविधाएं बनाई जा सकती हैं। वोंग के मुताबिक, अगर सरकार दखल नहीं देती तो फ्लैट मालिकों को बाजार में खरीदार नहीं मिलेंगे और उनकी वर्षों की निवेश राशि शून्य हो सकती है। उन्होंने बताया कि, सर्वे में 74% प्रभावित लोगों ने सरकार को हक बेचने की इच्छा जताई, जबकि 9% लोग उसी जगह दोबारा निर्माण चाहते हैं, जिसमें करीब दस साल तक लग सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… रिसर्च- अमेरिका में हिंदू सबसे ज्यादा शिक्षित धार्मिक समूह: 70% के पास बैचलर डिग्री, यहूदी दूसरे नंबर पर अमेरिका में हिंदू सबसे ज्यादा शिक्षित धार्मिक समुदाय हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2023-24 रिलिजियस लैंडस्केप स्टडी (RLS) के मुताबिक 70% हिंदुओं के पास बैचलर या उससे अधिक की डिग्री है। इस अध्ययन के अनुसार, हिंदुओं के बाद 65 प्रतिशत यहूदियों के पास बैचलर डिग्री या उससे ऊंची शिक्षा है। यह आंकड़ा पूरे अमेरिका के वयस्कों के औसत से काफी अधिक है, जहां सिर्फ 35 प्रतिशत लोगों के पास बैचलर डिग्री या उससे ऊपर की पढ़ाई है। रिपोर्ट 19 फरवरी को सार्वजनिक की गई थी। अन्य धार्मिक समूहों में भी औसत से ज्यादा शिक्षा स्तर देखा गया है। मुस्लिम, बौद्ध और ऑर्थोडॉक्स ईसाई समुदायों में 40 प्रतिशत से अधिक वयस्कों के पास कम से कम बैचलर डिग्री है। मेनलाइन प्रोटेस्टेंट ईसाई भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर हैं। वहीं, इवैंजेलिकल प्रोटेस्टेंट, कैथोलिक और ऐतिहासिक रूप से ब्लैक प्रोटेस्टेंट चर्चों के सदस्यों में कॉलेज ग्रेजुएट्स का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से कम है। यह सर्वेक्षण 17 जुलाई 2023 से 4 मार्च 2024 तक चला, जिसमें कुल 36,908 अमेरिकी वयस्कों ने हिस्सा लिया। यह अध्ययन अमेरिका में धर्म, शिक्षा और सामाजिक जीवन के बीच संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण है। प्यू के मुताबिक इन शैक्षिक अंतर की बड़ी वजह इमिग्रेशन और जनसांख्यिकीय पैटर्न हैं। हिंदू, मुस्लिम और बौद्ध समुदाय के कई लोग उच्च शिक्षा या स्किल्ड वर्कर कार्यक्रमों के जरिए अमेरिका पहुंचे, जिससे इन समुदायों में उच्च शिक्षित आबादी का अनुपात अधिक है। पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 16 मौतें: सभी एक परिवार के; PAK बोला- TTP के 7 कैंपों को निशाना बनाया पाकिस्तान की सेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की। अल-जजीरा के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े सात कैंपों और ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान सरकार ने इसे हालिया आत्मघाती हमलों के बाद जवाबी अटैक बताया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन था। पाकिस्तान ने कहा, ‘हमारे पास पुख्ता सबूत हैं कि हमले अफगानिस्तान की जमीन से चल रहे नेटवर्क ने कराए।’ अफगानिस्तानी मीडिया टोलो न्यूज के मुताबिक हमले में नांगरहार के एक घर को निशाना बनाया, जिससे एक ही परिवार के 23 लोग मलबे के नीचे दब गए। अब तक सिर्फ चार लोगों को निकाला जा सका है। हमले के समय परिवार सो रहा था, इसलिए उन्हें भागने का मौका ही नहीं मिला। पूरी खबर पढ़ें… ट्रम्प ने 24 घंटे में ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15% किया: कल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द किए, फिर नाराज ट्रम्प ने 10% टैरिफ लगाया था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया है। उन्होंने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इससे पहले ट्रम्प ने शुक्रवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने की बात कही थी। दरअसल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रम्प को IEEPA कानून का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। इससे नाराज होकर ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर नए कानून (सेक्शन-122) का इस्तेमाल कर 10% टैरिफ लगा दिया था। इस कानून के तहत अधिकतम 15% टैरिफ ही लगाया जा सकता है। हालांकि यह टैरिफ सिर्फ 150 दिन के लिए ही लागू रहेगा। अगर इसे आगे बढ़ाना है तो कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    IIM मुंबई ने नॉन-टीचिंग पदों पर निकाली भर्ती, इस कोर्स के लोग कर सकते हैं आवेदन   
    Next Article
    अमेरिका में सिख व्यक्ति का शव मिला:2 दिन पहले गुरुद्वारा साहिब से किडनेप हुआ था, जबरन कार में बैठाकर ले गए थे आरोपी

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment