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    वाराणसी में महिला ने सुसाइड किया, बेटा बोला-लाश नहीं उठाएंगे:रास्ते की विवाद की DM-SDM से 100 बार शिकायत की, अब न्याय चाहिए

    11 hours ago

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    वाराणसी में रास्ते के विवाद से परेशान एक 50 साल की महिला ने टॉयलेट में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। जब बेटे ने शौचालय जाने के लिए दरवाजा खोला, तो मां फंदे से लटकती मिली। उसने चिल्लाकर परिवार के लोगों को बुलाया। पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराने की बात कही, तो परिजन ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हमारे रास्ते पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। जब रास्ता ही नहीं है, तो शव किस रास्ते से लेकर जाएंगे? पहले विवाद का निपटारा हो, उसके बाद ही शव को पोस्टमॉर्टम या अंतिम संस्कार के लिए ले जाने देंगे।" घटना बड़ागांव थाना क्षेत्र के अहरक गांव में बुधवार शाम 7 बजे हुई। 20 घंटे बीत जाने के बाद गुरुवार शाम तक परिजन कविता उपाध्याय के शव को घर में बर्फ की सिल्लियों पर रखे हुए हैं। बेटे का आरोप है कि मां 2 साल से अफसरों के चक्कर लगा रही थीं। उन्होंने डीएम और एसडीएम से 100 बार शिकायत की थी। डीएम कार्यालय के बाहर धरना भी दिया, लेकिन न्याय नहीं मिला। बेटे ने बताया कि मां अक्सर कहती थीं- "न्याय नहीं मिला तो जान दे दूंगी। मेरी मौत के बाद ही प्रशासन नींद से जागेगा। अब अगर पुलिस और प्रशासन चाहता है कि मां का अंतिम संस्कार हो, तो विवाद का निपटारा कराए। जीते जी न सही, मरने के बाद तो मां को न्याय दिलाए।" फिलहाल, भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। परिवार को समझाने में जुटे हैं। पहले 5 तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- अहरक गांव में संतोष उपाध्याय का मकान है। संतोष दिल्ली में रहकर नौकरी करते हैं। गांव में पत्नी कविता उपाध्याय, बेटा विशाल उपाध्याय और मां रहते हैं। पिता लक्ष्मी नारायण उपाध्याय का काफी पहले निधन हो चुका है। बेटा विशाल MA की पढ़ाई कर रहा है। बेटे विशाल ने बताया कि घर से बाहर 6 फीट चौड़ी सरकारी जमीन थी। इसी से हमारा आना-जाना होता था। 2 साल पहले मनीष और अमित उपाध्याय के परिजनों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया। चारों तरफ दीवार खड़ी कर दी। इसके बाद हमारा रास्ता बंद हो गया। इससे हमारे पास उस जमीन के बगल से सिर्फ दो फीट का वैकल्पिक रास्ता बचा। मां कविता उपाध्याय ने मामले में आखिरी शिकायत 22 जुलाई 2026 को डीएम की जनसुनवाई में की गई थी। इसमें 12 अगस्त को आख्या लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया। आख्या में लिखा गया कि शिकायत सही नहीं पाई गई। तब से ही मां परेशान थीं। बीते दिन उन्होंने सुसाइड कर लिया। मां तब से काफी परेशान थी। हमने उन्हें समझाने का बहुत प्रयास किया। लेकिन, उन्होंने एक न सुनी। अगर समय रहते अधिकारियों ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई की होती तो शायद यह नौबत नहीं आती। मामला तहसीलदार न्यायालय में लंबित एसडीएम का कहना है कि रास्ते से जुड़ा मामला तहसीलदार न्यायालय में लंबित है। जिस जमीन को लेकर विवाद है, वह नवीन परती की जमीन है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अचानक बस रोकी, 3 की मौत:रक्षाबंधन मनाने जा रहे थे, ड्राइवर बाथरूम के लिए उतरा, ट्रक ने टक्कर मारी सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। 20 अन्य घायल हो गए। इनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। बस गुड़गांव से गोरखपुर के रास्ते बिहार जा रही थी। बस में 80 यात्री सवार थे। सभी रक्षाबंधन का त्योहार मनाने अपने-अपने घर जा रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
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