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    वाराणसी में सोनिया गांधी के खिलाफ तहरीर:वन्देमातरम का अपमान करने का आरोप, राहुल गांधी पर मुकदमे की मांग करने वाले ने दी एप्लिकेशन

    2 hours ago

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    स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस के प्रधान कार्यालय नई दिल्ली में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के अपमान का सोनिया गांधी पर भाजपा ने आरोप लगाया है। इसी बीच BJYM ने प्रदेशव्यापी विरोध किया तो। वाराणसी में भी देर शाम कांग्रेस महानगर कार्यालय में प्रदर्शन किया गया। इसी बीच तिलमापुर के पूर्व ग्राम प्रधान नागेश्वर मिश्रा ने सारनाथ थाने में सोनिया गांधी के ऊपर FIR दर्ज करने की तहरीर दी है। बता दें की नागेश्वर मिश्र ने पूर्व में अमेरिका में राहुल गांधी द्वारा दिए गये सिख समुदाय पर बयान को आधार बनाकर मुकदमा दर्ज करने की कोर्ट से मांग किया था पर कोर्ट ने यह मामला खारिज कर दिया। राष्ट्रीय गीत के अपमान का लगाया आरोप पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्रा ने तहरीर में बताया - सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय गीत का भरी सभा में अपमान किया और इसके लिए उन्होंने कोई माफी भी नहीं मांगी। स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस के राष्ट्रिय कार्यालय पर हुए आयोजन में जानबूझकर यह कृत्य किया गया। जो अक्षम्य है। और कानूनी प्रावधान के आधार पर सोनिया गांधी पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने जानबूझकर वंदेमातरम गीत को बीच में रोकने का प्रयास किया। अच्छा अधिकारियों को दी गयी सूचना सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया - नागेश्वर मिश्रा ने सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी है। राजस्थान से राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के प्रकरण में उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अब जानिए क्या है पूरा प्रकरण भाजपा ने सोनिया गांधी पर कांग्रेस मुख्यालय के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम गीत रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम का वीडियो शेयर किया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान पूरा वंदे मातरम गाया जा रहा था। कुछ शुरुआती पंक्तियों के बाद ही सोनिया इसे लेकर असहज होने लगीं। उन्होंने गीत रोकने का संकेत दिया। भाजपा ने X पर लिखा- राहुल भी पूरे गायन के दौरान परेशान दिखे। कांग्रेस ने दिया है आरोपों पर जवाब कांग्रेस बोली- कांग्रेस मुख्यालय पर पूरा वंदे मातरम गाया गया कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पूरे मामले पर कांग्रेस का पक्ष रखा। उन्होंने कहा- वंदे मातरम रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी कह रही थीं कि उनके लिए कुर्सी लाकर वहां रख दीजिए। जयराम रमेश ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय पर वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया गया था और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सोनिया के इशारे को वंदे मातरम रोकने की कोशिश बताना गलत है। जयराम बोले- 1937 से कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम गाने की परंपरा जयराम रमेश ने कहा कि 28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में वंदे मातरम के इस्तेमाल को लेकर चर्चा हुई थी। बैठक में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू और सी राजगोपालाचारी जैसे नेता मौजूद थे। रमेश ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर तय किया गया था कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम की शुरुआती पंक्तियां गाई जाएंगी। तब से कांग्रेस के अधिवेशनों और कार्यक्रमों में इन्हीं पंक्तियों का इस्तेमाल होता रहा है। 29 जुलाई को नया कानून बना, वंदे मातरम के अपमान पर 3 साल सजा वंदे मातरम को लेकर यह विवाद ऐसे समय हुआ है, जब संसद ने हाल ही में इसे कानूनी संरक्षण देने वाला नया कानून पास किया है। इसके तहत वंदे मातरम को ‘जन गण मन’ के बराबर कानूनी संरक्षण मिला है। जानबूझकर इसके अपमान या गायन में रुकावट डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। अब जानिए कौन हैं सारनाथ के तिलमापुर के पूर्व प्रधान और एडवोकट नागेश्वर मिश्रा?… राहुल गांधी पर दर्ज कराया है परिवाद तिलमापुर के पूर्व प्रधान और एडवोकेट नागेश्वर मिश्रा ने वाराणसी के MP-MLA कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दायर की हैं। जिसमें अमेरिका में दिए गए राहुल गांधी के बयानों को भड़काऊ और सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला बताया गया है। नागेश्वर मिश्रा ने अपने वाद में यह मुद्दा उठाया है। इस परिवाद को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर गांव के निवासी नागेश्वर मिश्रा वर्ष 2000 से 2005 के बीच गांव के प्रधान रह चुके हैं। वर्ष 2004 में उन्होंने विकास खंड अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नागेश्वर मिश्रा वर्ष 2000 में कम उम्र में ग्राम प्रधान बनने के कारण भी चर्चा में रहे। वे समसामयिक विषयों पर कविताएं भी लिखते हैं और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं।
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