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    विश्वकर्मा समाज ने सीआरओ को ज्ञापन सौंपा:भृगु मंदिर कॉरिडोर में विश्वकर्मा मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग

    19 hours ago

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    बलिया कलक्ट्रेट में जिला विश्वकर्मा समिति के सदस्यों ने मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें भृगु मंदिर कॉरिडोर निर्माण के दौरान और उसके बाद प्राचीन भगवान विश्वकर्मा मंदिर के जीर्णोद्धार तथा परम्परागत पूजा-पाठ के अधिकार को यथावत बनाए रखने की मांग की गई। समिति के सदस्यों ने बताया कि बलिया का भृगु मंदिर एक पावन और ऐतिहासिक स्थल है, जो पूरे देश में धार्मिक और सांस्कृतिक सनातनी धरोहर के रूप में जाना जाता है। यहीं पर भृगु मंदिर कॉरिडोर प्रस्तावित है। इसी पावन स्थल पर विश्वकर्मा समाज के पूर्वजों द्वारा स्थापित एक प्राचीन भगवान विश्वकर्मा मंदिर है। विगत कई दशकों से विश्वकर्मा समाज के लोग यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना, राग, भोग, हवन और धार्मिक अनुष्ठान करते आ रहे हैं। विशेष रूप से नागपंचमी और 17 सितंबर (विश्वकर्मा पूजा) पर यहां भव्य पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक भजन कार्यक्रम और प्रसाद वितरण का आयोजन होता है। इस दौरान समाज के मेधावियों को प्रोत्साहित भी किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु उपस्थित होते हैं। मंदिर का रखरखाव और मरम्मत विश्वकर्मा वंशियों द्वारा ही किया जाता है, और वे ही पुजारी के वार्षिक खर्च का वहन करते हैं। समिति ने प्रस्तावित भृगु मंदिर कॉरिडोर परियोजना को जनपद के समग्र विकास, धार्मिक पर्यटन और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और स्वागत योग्य कदम बताया, जिसका वे पूर्ण समर्थन करते हैं। उन्होंने मांग की कि कॉरिडोर के साथ ही प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर का भी भव्य जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और विकास कराया जाए, ताकि यह जनपद की धार्मिक धरोहर के रूप में और अधिक प्रतिष्ठित हो सके। समिति ने यह भी मांग की कि विश्वकर्मा समाज द्वारा परम्परागत रूप से किए जा रहे पूजा-पाठ, हवन और धार्मिक कार्यक्रमों को पूर्ववत निर्बाध रूप से संचालित करने हेतु प्रशासनिक अनुमति और संरक्षण प्रदान किया जाए। प्राचीन भगवान विश्वकर्मा मंदिर के वर्तमान स्वरूप, स्थान और अस्तित्व को पूर्ण रूप से सुरक्षित एवं संरक्षित रखा जाए। मंदिर की गरिमा, धार्मिक महत्व और पवित्रता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं शासकीय सर्वेक्षण प्रदान किया जाए। साथ ही, कॉरिडोर निर्माण संबंधी बैठकों में विश्वकर्मा समिति को भी सम्मिलित किया जाए। इस अवसर पर राम अवध, नंद किशोर शर्मा, अरुण कुमार शर्मा, रामजी शर्मा, कमला शंकर शर्मा, शिव कुमार शर्मा और गोपाल शर्मा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
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