Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वॉट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- निर्देशों का पालन करेंगे:विज्ञापन कंपनियों से डेटा शेयर नहीं करेंगे; यूजर्स को इसका ऑप्शन देना होगा

    17 hours ago

    1

    0

    ग्लोबल टेक कंपनियों मेटा और वॉट्सएप ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वे कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की प्राइवेसी और गाइडलाइंस को एडवरटाइजिंग से जुड़े डेटा शेयर करने के मामले में NCLAT के निर्देशों का पालन करेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की बेंच पिछले साल दिसंबर में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के निर्देशों के खिलाफ इन टेक कंपनियों की अपील पर सुनवाई कर रही थी। CJI की सख्ती के बाद वॉट्सएप और मेटा ने CCI के आदेशों को स्वीकार कर लिया। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भरोसा दिया कि 16 मार्च 2026 तक प्राइवेसी पॉलिसी के सभी नियम लागू कर दिए जाएंगे। कंपनी ने इस संबंध में NCLAT के आदेश के खिलाफ दायर अपनी अंतरिम अर्जी वापस ले ली। कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी है। अब यूजर को विज्ञापन कंपनियों को डेटा शेयर करने का ऑप्शन देना होगा CCI की अपील लंबित CCI की अपील अबी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। आयोग NCLAT द्वारा पांच साल की डेटा शेयरिंग रोक हटाए जाने को बहाल कराने की मांग कर रहा है। CCI का कहना है कि यह मामला केवल निजता का नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धा कानून से जुड़े गंभीर मुद्दों का है। कंपनियों को CCI के समक्ष एक अनुपालन हलफनामा भी दाखिल करना होगा। सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति द्वारा उपभोक्ता के रूप में दायर हस्तक्षेप अर्जी को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि विवाद CCI और कंपनियों के बीच है और आवेदक कानून के तहत अन्य उपाय अपना सकता है। 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी की वैधता पर अंतिम फैसला आना बाकी है। CCI ने डेटा शेयरिंग पर बैन लगाया था, 213 करोड़ का जुर्माना लगाया था 4 नवंबर, 2025 को, NCLAT ने CCI का डेटा शेयरिंग से जुड़ा ऑर्डर रद्द कर दिया था। ऑर्जर में इंस्टेंट-मैसेजिंग ऐप को पांच साल के लिए एडवरटाइजिंग के मकसद से मेटा प्लेटफॉर्म्स के साथ डेटा शेयर करने से बैन कर दिया गया था। लेकिन सोशल-मीडिया प्लेटफॉर्म पर 213 करोड़ रुपये का जुर्माना बरकरार रखा था। बाद में, ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि प्राइवेसी और सहमति सुरक्षा उपायों पर वॉट्सएप मामले में उसका आदेश गैर-वॉट्सएप उद्देश्यों के लिए यूजर-डेटा कलेक्शन और शेयरिंग पर भी लागू होता है। पिछली सुनवाई… 3 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट बोला- मेटा-वॉट्सएप कानून मानें या भारत छोड़ें सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मेटा और वॉट्सएप को उनकी प्राइवेसी पॉलिसी पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि हम आपको एक भी जानकारी शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे। CJI सूर्यकांत ने कहा कि देश में लोगों के प्राइवेसी के अधिकार की कड़ी सुरक्षा की जाती है। कोर्ट ने कहा कि इन एप्स में गोपनीयता से जुड़ी शर्तें इतनी चालाकी से लिखी जाती हैं कि आम आदमी उन्हें समझ ही नहीं पाता। यह लोगों की निजी जानकारी चोरी करने का शालीन तरीका है। कोर्ट ने कहा कि हम आपको ऐसा करने की अनुमति नहीं देंगे। आपको इस पर साफ-साफ भरोसा दिलाना होगा, नहीं तो कोर्ट को आदेश जारी करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… ------------- ये खबर भी पढ़ें… भास्कर एक्सप्लेनर- क्या वॉट्सएप भारत में नहीं चलेगा: प्राइवेसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चेताया; चोरी से यूजर्स का डेटा बेचने का क्या मामला 140 करोड़ की आबादी वाले हिंदुस्तान में सोशल मैसेजिंग एप ‘वॉट्सएप’ के 85 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। अब इसी वॉट्सएप को सुप्रीम कोर्ट ने भारत छोड़ने की चेतावनी दे दी है। वजह है- एड, यूजर डेटा और प्राइवेसी। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    Epstein Files से Adani डील तक, Rahul Gandhi ने PM Modi को घेरा, कहा- 'आपने देश बेच दिया'
    Next Article
    AI समिट हंगामा, पुलिस ने 7 आरोपी किए गिरफ्तार:यूथ कांग्रेस नेशनल प्रेसिडेंट से भी पूछताछ; आरोपी कृष्ण हरि की कार से पीएम फेस वाली टीशर्ट मिली

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment