Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वादे जो उम्र भर का साथ निभाएंगे:Promise Day पर जानिए गोरखपुर के निशा-रजत और स्वाति-दीपक की प्रेम कहानी

    2 hours ago

    1

    0

    वैलेंटाइन वीक का पांचवा दिन प्रॉमिस डे के लिए जाना जाता है। इस दिन अक्सर लोग वो वादा कर जाते हैं, जो वर्षों तक निभाते हैं। ऐसी ही कुछ कहानी है गोरखपुर के निशा- रजत और स्वाति- दीपक की। एक तरफ शादी से पहले रजत की ओर से कभी न साथ छोड़ने का प्रॉमिस ने निशा का दिल जीता, तो दूसरी ओर स्वाति और दीपक ने शादी के बाद एक- दूसरे को हमेशा सपोर्ट करने का वादा करके एक-दूसरे का साथ निभाया। ये कपल हर साल अपनी प्रॉमिस को याद करते हैं,और निभाने के लिए दुबारा से यही प्रॉमिस करते। रजत के प्रॉमिस से हुआ यकीन, शादी के लिए राजी हुई निशा निशा और रजत की मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई। धीरे- धीरे पहचान बढ़ी और दोनों की गहरी दोस्ती हो गई। आगे चलकर दोस्ती प्यार में बदली। अब बारी थी जीवन साथ बिताने की। निशा बताती हैं कि कहीं न कहीं मेरे मन में डर था कि रिलेशनशिप आगे तक जाएगी या नहीं। पता नहीं रजत इसे कैसे देखता है। लेकिन एक साल प्रॉमिस डे पर उसने मेरे लिए सरप्राइज रखा। मुझे घूमने के बहाने ले कर गया। और वहीं उसने हाथ पकड़ कर कहा- ये रिश्ता बस इस जन्म का नहीं है। मैं वादा करता हूं हर जन्म में तुम्हारे ही साथ बिताऊंगा। उस दिन मुझे उस पर पूरा यकीन हो गया। हमने अपने घर वालों को मना कर अगले साल 2019 में वैलेंटाइन वीक में ही 9 फरवरी को शादी की। हम हर साल इस दिन को और उस वादे को याद करते हैं और बचे हए जीवन के हर दिन उसे निभाने का फिर से वादा करते हैं। शादी के ढाई महीने और भरोसे का अहसास ​स्वाति और दीपक की शादी साल 2009 में 27 नवंबर को घर वालों की मर्जी से हुई थी। शादी के बाद पहला वेलेंटाइन वीक उनके लिए बेहद ही खास था। स्वाति बताती हैं कि उस साल का प्रॉमिस डे वह कभी नहीं भूल सकती। लगभग ढाई महीनों के इस सफर के बाद उस दिन मुझे यकीन हो हुआ कि दीपक से अच्छा जीवन साथी मेरे लिए और कोई नहीं। प्रॉमिस डे के दिन सुबह ऑफिस जाने से पहले दीपक मेरे पास आएं और पूछा कि तुम्हारे सपने क्या हैं ? मैं थोड़ी देर चुप थी कि पता नहीं मेरी बात सुनकर ये क्या सोचेंगे। मैंने धीरे से कहा मुझे आगे पढ़ कर कुछ करना है, जिससे मेरी पहचान बने। फिर दीपक ने कहा- शादी के बाद यह पहला प्रॉमिस डे है। आज के दिन मैं वादा करता हूं कि तुम लाइफ में जो भी बनना चाहती हो, जो कुछ भी करना चाहती हो मैं उसमें तुम्हारे साथ हूं। यह सुनकर मेरे दिल को तसल्ली हुई। फिर मैंने भी उनसे प्रॉमिस किया कि लाइफ में कुछ भी करूंगी उनका और परिवार का ध्यान सबसे पहले रखूंगी। हर प्रॉमिस डे पर हम दोनों उस प्रॉमिस को याद करते हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मृत पैदा हुई, आंखें बड़ी थी तो देवी मान लिया:मैनपुरी में 60 हजार चढ़ावा आया, मंदिर बनाने की तैयारी; डॉक्टर बोले- अविकसित भ्रूण था
    Next Article
    बांके बिहारी कॉरिडोर का विरोध:हाथ उठाकर ली मकान और मंदिर न देने की कसम, प्रदर्शन करने वालों ने कहा नहीं देंगे अपनी जमीन

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment