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    व्यापारी का बेटा बोला- मंत्री निषाद फोटो-वीडियो बनवाने आ रहे:पिता निषाद समाज की आवाज उठा रहे थे, गोंडा में पीट-पीटकर हुई थी हत्या

    5 hours ago

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    'मेरे पिताजी निषाद समाज की आवाज उठा रहे थे। फेसबुक पर लोग जिस भाषा में बात करते थे, उसी भाषा में पापा जवाब देते थे। महंत राजू दास ने गाली दी, लेकिन उनका एनकाउंटर नहीं हुआ। उनके लोग नहीं मारे गए, लेकिन मेरे पापा की हत्या हो गई। संजय निषाद सिर्फ सोशल मीडिया पर अपना वीडियो बनवाने आ रहे हैं।' यह कहना है, गोंडा में मारे गए व्यापारी विनोद सहनी (निषाद) के बेटे राजा सहनी का। उन्होंने कहा- हमारी मांग है कि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी हो। सीएम योगी जैसे एनकाउंटर और बुलडोजर की बात करते हैं, उसका इस्तेमाल करें। अब कार्रवाई नहीं होगी, तो कब होगी? हमें लगातार सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं। हमारा परिवार अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। परिवार को सुरक्षा का डर सता रहा है। दैनिक भास्कर की टीम ने परिवार से बात कर के उनका दर्द जाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले मामला जानिए… बर्तन व्यापारी विनोद कुमार सहनी (45) परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी ऊषा, 2 बेटियां रागिनी, विजयलक्ष्मी और एक बेटा राजा सहनी है। बड़ी बेटी रागिनी की शादी हो गई है। 2 छोटे भाई विनय और अमित अपने परिवारों के साथ रहते हैं। बुधवार (9 सितंबर) रात करीब 8 बजे वह दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें 8-10 लोगों ने रोककर हमला कर दिया। पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर लखनऊ के केजीएमयू रेफर कर दिया। गुरुवार (10 सितंबर) दोपहर करीब 3 बजे इलाज के दौरान विनोद की मौत हो गई। इसका पता चलते ही मंत्री डॉ. संजय निषाद केजीएमयू पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इसके बाद 3 पुलिसकर्मियों को SP ने सस्पेंड कर दिया। अगले दिन संजय निषाद गोंडा पहुंचे। सर्किट हाउस से पैदल मार्च करके कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस मामले में अब तक 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब पढ़िए परिवार ने जो कुछ बताया… बेटा बोला- सोशल मीडिया पर धमकी मिल रही बेटे राजा सहनी बताते हैं- आरोपियों की गिरफ्तारी में बहुत देरी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस तरह एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की बात करते हैं, उसकी जरूरत है। पिता की हत्या के बाद भी हमें धमकियां मिल रही हैं। इनमें कहा जा रहा कि "अभी तो यह कुछ नहीं हुआ है, आगे और भी होगा।" फेसबुक वाला मामला डेढ़ साल पुराना है। तब फेसबुक पर किसी ने अभद्र भाषा में टैग किया था। पापा ने उसी भाषा में जवाब दिया था। उस समय पापा को जेल जाना पड़ा था और उन पर जुर्माना भी लगा था। अयोध्या के 'मछली भोज' विवाद पर राजा का कहना है कि महंत राजू दास ने बेहद अभद्र और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया था। पापा ने इसी के खिलाफ आवाज उठाई थी। ‘प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा’ राजा ने कहा- प्रशासन बाहर से आने वाले लोगों को रोककर इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद हमारे समाज से हैं। हमें लगता है कि सोशल मीडिया पर अपने वीडियो पोस्ट करने के चक्कर में वो आते हैं। वो हमें न्याय दिलाने के लिए जिस हिसाब से कोशिश कर रहे हैं, वैसा रिजल्ट नहीं मिल रहा। भाई ने कहा- परिवार को पलायन करना पड़ेगा विनोद के छोटे भाई विनय कुमार सहनी ने बताया- मछुआरा समाज की आवाज उठाने की वजह से विरोधी भाई से नफरत करते थे। अभी तक हमारी कोई मांग पूरी नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं। हम लोगों को घर छोड़कर जाना ही पड़ेगा। सनातन इतना ज्यादा बढ़ गया है कि अंदर ही अंदर खोखला होता जा रहा है। हत्या की वजह साफ नहीं, कई पॉइंट पर जांच… सपा, निषाद, आजाद समाज पार्टी छोड़ी थी विनोद पॉलिटिक्स में काफी एक्टिव थे। सबसे पहले सपा जॉइन की थी, जिसे कुछ दिन बाद ही छोड़ दिया था। फिर निषाद पार्टी से जुड़े, लेकिन बाद में पार्टी की नीतियों और संजय निषाद का विरोध करने की वजह से इसे भी छोड़ दिया। कुछ समय के लिए चंद्रशेखर आजाद की पार्टी में शामिल हो गए। विनोद की हत्या के बाद चंद्रशेखर ने दावा किया कि कुछ महीने पहले विनोद ने कर्नलगंज विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए संपर्क किया था। विनोद इस समय बिहार के नेता मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) से जुड़े हुए थे। संजय निषाद विनोद सहनी की हत्या के बाद से लगातार एक्टिव हैं। परिवार से संपर्क में है, धरना दिया, पैदल मार्च किया। लेकिन, विनोद सहनी लगातार संजय निषाद और उनके बेटों पर निषाद समाज से छल करने, केवल सत्ता-सुख भोगने, समाज को ठगने और गद्दारी करने के आरोप लगा रहे थे। विनोद सहनी के संजय निषाद पर किए गए कुछ पोस्ट… लगातार विरोध के बावजूद संजय निषाद के समर्थन पर सवाल विनोद की मौत के बाद डॉ. संजय निषाद ने विनोद को निषाद पार्टी का 'जिला प्रचारक' बताया। सवाल यह उठ रहा है कि जो विनोद लगातार उनका विरोध कर रहे थे, संजय निषाद उनके समर्थन में क्यों आए? वहीं, निषाद पार्टी के गोंडा जिलाध्यक्ष रामानंद निषाद ने पुष्टि की कि विनोद 3 साल पहले पार्टी छोड़ चुके थे और वर्तमान में VIP पार्टी में थे। उन्होंने स्वीकार किया कि विनोद लगातार उनकी पार्टी के खिलाफ लिखते थे। लेकिन, मंत्रीजी के आने के कारण पार्टी पदाधिकारियों को भी समाज के नाते वहां खड़ा होना पड़ा। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें… मंत्री निषाद बोले- जेब में गड्डी लेकर निकले मौसमी नेता, मछुआरा समाज को गुमराह कर रहे यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने सोमवार को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी पर जमकर हमला बोला। हालांकि, निषाद ने सहनी का नाम नहीं लिया। कहा- कुछ “मौसमी नेता” अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि मुंबई में व्यापार करेंगे। यहां-वहां घूमकर दूसरों की दरी बिछाएंगे या मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करते रहेंगे। जैसा उन्होंने अपने राज्य में किया है। पढ़ें पूरी खबर…
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