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    बदायूं में अवैध दबिश देने पर 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड:दो दिन तक अफसरों से मामला छिपाए रहे थाना प्रभारी, SSP के पास पहुंचे पीड़ित

    2 hours ago

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    बदायूं के जरीफनगर थाने में तैनात बस्तोई सीकरी चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज समेत पांच पुलिसकर्मियों पर अवैध तरीके से दबिश देकर तीन लोगों को थाने लाने और परिवार से बदसलूकी के मामले में अब थाना प्रभारी बाबूराम गौतम की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि घटना के बाद थाना प्रभारी ने दो दिन तक पूरे मामले को दबाए रखा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी और मध्यस्थों के जरिए पीड़ित पक्ष से समझौता कराने की कोशिश होती रही। मामला तब अधिकारियों तक पहुंचा, जब पीड़ित पक्ष को लेकर सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता सीधे एसएसपी अंकिता शर्मा से मिले। इसके बाद हुई जांच में पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप सही पाए गए और पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। अब थाना प्रभारी की भूमिका की भी चर्चा है। हालांकि विभागीय जांच अभी जारी है। सादा कपड़ों में निजी गाड़ी से घर पहुंची पुलिस घटना 7 सितंबर की रात की बताई जा रही है। जरीफनगर थाने की बस्तोई सीकरी चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज सिपाही सुरजीत सिंह, लोकेश, हरीश और संदीप के साथ दियोहरा शेखपुर गांव पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिसकर्मी सादा कपड़ों में निजी गाड़ी से उदय प्रकाश, उनके भाई अमरीश और पिता कृपाल सिंह को पकड़कर थाने ले आए। इससे पहले उनके घर में तोड़फोड़ और परिवार की महिलाओं के साथ बदसलूकी का भी आरोप है। गेट के बजाय पीछे से थाने में एंट्री, कमरे में दो घंटे बंद रखा आरोप है कि पुलिस टीम तीनों को थाने के मुख्य गेट से नहीं लाई, बल्कि पीछे से एंट्री कराई गई, ताकि गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हों। तीनों को करीब दो घंटे तक एक कमरे में बंद रखा गया। जब परिजन उनकी तलाश में थाने पहुंचे तो उन्हें भी गुमराह करने की कोशिश की गई। बाद में परिजनों ने मामले की शिकायत एसएसपी से करने की बात कही तो पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया। अगले दिन पीड़ितों से समझौते की कोशिश, पुलिसकर्मियों ने मांगी माफी घटना के अगले दिन 8 सितंबर को पुलिस की ओर से पीड़ित पक्ष से समझौते की कोशिश किए जाने की बात सामने आई। बताया गया कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने पीड़ितों से माफी भी मांगी। इसके बाद कुछ समय के लिए पीड़ित पक्ष शांत रहा। लेकिन बाद में कुछ लोग पीड़ितों को लेकर सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के पास पहुंचे और उन्हें पूरा मामला बताया। विधायक ने एसएसपी से मिलकर उठाया मामला मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर विधायक पीड़ितों को लेकर सीधे एसएसपी अंकिता शर्मा से मिले। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप सही पाए गए और चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। इस पूरे घटनाक्रम में थाना प्रभारी बाबूराम गौतम की भूमिका भी सवालों में है, क्योंकि आरोप है कि उन्होंने घटना की जानकारी दो दिन तक वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी और अपने स्तर से समझौता कराने की कोशिश चलती रही। एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया ने बताया कि विभागीय जांच अभी जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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