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    योगी से मिलीं मोनिका यादव, आशीर्वाद लिया:भाजपा नेता पति भी साथ थे; धर्मेंद्र यादव से तलाक के बाद 9 दिन पहले की दूसरी शादी

    7 hours ago

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    सपा सांसद धर्मेंद्र यादव की पूर्व पत्नी मोनिका यादव ने भाजपा नेता पति के साथ शुक्रवार को लखनऊ में सीएम योगी से मुलाकात की। उनका आशीर्वाद लिया। गौरव ने दैनिक भास्कर को बताया कि हमारी योगी जी से करीब 15 मिनट तक बात हुई। कहा कि तुम दोनों अपने जिलों में अच्छा काम कर रहे हो। ऐसे ही काम करते रहो। मैंने सीएम से कहा- मैं एक किसान संवाद करना चाहता हूं। इसमें कुछ किसान आपसे मिलना चाहते हैं। इस पर जल्द ही समय देने की बात कही है। मैंने उन्हें प्रधानों को प्रशासक बनाने के लिए भी धन्यवाद दिया। चलते समय हम दोनों ने योगी जी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उनके प्रेम और सहयोग से हमेशा हमें प्रेरणा मिलती है। मोनिका इस समय भाजपा में हैं। फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। वहीं, भाजपा नेता गौरव भी मेरठ जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दोनों ने 28 मई को हिमाचल प्रदेश में शादी की थी। मोनिका का आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव से 2016 में तलाक हो चुका है। गौरव भी अपनी पूर्व पत्नी को तलाक दे चुके हैं। एक साल से दोनों में बातचीत चल रही थी। उनकी पहली मुलाकात CM आवास में हुई थी। बाद में दोनों एक-दूसरे के नजदीक आ गए। 31 मई को नौचंदी मेला घूमे थे, मंदिर में पूजा की थी इससे पहले, शादी के बाद 31 मई को गौरव चौधरी अपनी पत्नी मोनिका यादव के साथ मेरठ पहुंचे थे। नौचंदी मेला घूमे थे। मोनिका लाल रंग की साड़ी में नजर आई थीं। उन्होंने पति के साथ मशहूर हरियाणवी कलाकार रेणुका पवार का डांस शो देखा था। दोनों महादेव मंदिर और ओघड़नाथ मंदिर भी गए थे। अब जानिए मोनिका यादव और गौरव चौधरी के बारे में… मोनिका के पिता मुलायम सिंह के खास रहे मोनिका पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव की बेटी हैं। नरेंद्र सिंह यादव 6 बार विधायक रहे। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 1985 में कांग्रेस के टिकट पर पहला चुनाव जीता था। बाद में समाजवादी पार्टी के गठन के दौरान वे मुलायम सिंह के साथ चले गए। नरेंद्र के पिता राजेंद्र सिंह यादव भी बड़े राजनेता रहे हैं। वह प्रजा समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में एक थे। उन्होंने यूपी सरकार में मंत्री के तौर पर भी काम किया था। वे फर्रुखाबाद के शमशाबाद और मोहम्मदाबाद सीट से सात बार विधायक चुने गए थे। मोनिका परिवार की तीसरी पीढ़ी की सदस्य हैं। 2021 में मोनिका यादव ने छोड़ी थी सपा मुलायम से नजदीकी संबंधों की वजह से नरेंद्र सिंह ने बेटी मोनिका की शादी अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव के साथ की थी। हालांकि, शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों के रिश्ते में खटास आ गई। 2016 के पंचायत चुनाव में मोनिका उम्मीदवार बनाई गईं। लेकिन, पार्टी की अंदरूनी राजनीति की वजह से हार गईं। 2016 में तलाक, 2021 में सपा छोड़ी इसी बीच धर्मेंद्र ने मोनिका को तलाक दे दिया और दूसरी शादी कर ली। 2021 के पंचायत चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा। उन्हें भाजपा का समर्थन मिला तो जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाने में कामयाब हो गईं। जर्मनी का बड़ा बिजनेस छोड़ मेरठ लौटे गौरव चौधरी मेरठ के कुसेड़ी गांव के रहने वाले गौरव चौधरी की कहानी बेहद दिलचस्प है। साल 2006 में वह 'बैचलर ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस' की पढ़ाई करने जर्मनी गए थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह वहीं सेटल हो गए और कड़ी मेहनत से वहां होटल्स, रियल एस्टेट और होलसेल स्टोर्स का एक बहुत बड़ा बिजनेस खड़ा किया। बिजनेस शिखर पर था, लेकिन साल 2021 में अचानक मेरठ की माटी की खुशबू उन्हें भारत खींच लाई। भारत लौटने के महज 4 महीने बाद ही उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और अपनी लोकप्रियता के दम पर निर्विरोध मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष चुन लिए गए। मुख्यमंत्री आवास पर 'विकास मॉडल' की प्रेजेंटेशन के दौरान हुई थी पहली मुलाकात गौरव और मोनिका की लव स्टोरी की शुरुआत मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक से हुई थी। दरअसल, सीएम योगी ने 2021 में जिलों के विकास मॉडल को लेकर एक विशेष प्रेजेंटेशन कार्यक्रम रखा था। चूंकि, गौरव जर्मनी से इंटरनेशनल बिजनेस का बड़ा अनुभव लेकर आए थे और मोनिका के पास भी मल्टीनेशनल कंपनी का कॉर्पोरेट अनुभव था, इसलिए मुख्यमंत्री ने दोनों को विशेष रूप से बुलाया था। यूपी के पंचायती राज व‍िभाग के कार्यालय में इस मीटिंग के दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई। विकास के मुद्दों पर शुरू हुई यह बातचीत धीरे-धीरे आगे बढ़ी। …………………….. ये खबर भी पढ़िए- ‘जब अपनों ने ठुकराया, चचेरी सास ने सहारा दिया’:मथुरा में सिर पर बैठाकर 350 किमी की परिक्रमा करा रही बहू, बोली- ये मेरा फर्ज ‘जब मेरे अपनों ने मुझे त्याग दिया, तब मेरी चचेरी सास ने सहारा दिया। पति की मौत के बाद बच्चों के पालन-पोषण में मदद की। जिस चचेरी मां ने मुझे सब कुछ सौंप दिया, उस मां रूपी सास को अगर 84 कोस परिक्रमा करा रही हूं तो कौन-सा बड़ा काम कर रही हूं।’ ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में उस बहू ने कहीं, जो 95 साल की चचेरी सास को सिर पर बैठाकर 84 कोस (करीब 350 किमी) की पैदल ब्रज परिक्रमा करा रही हैं। 38 साल की काजल चौधरी के पति की मौत हो चुकी है। मथुरा के कोसी इलाके के हताना गांव की रहने वाली हैं। पढ़ें पूरी खबर
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