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    यूपी- 40 पार युवकों को शादी के जाल में फंसाया:अश्लील बातें कीं; लड़कियां कहतीं- आपके लिए बढ़िया रिश्ता आया है, फिर ठग लेतीं

    1 day ago

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    झांसी में शादी के नाम पर ठगी करने वाले 11 लोगों को पकड़ा गया है। ये लोग 40 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों को शादी कराने का लालच देते थे। कहते थे- हैलो, आपको लिए बढ़िया रिश्ता आया है। क्या आपको लड़की की फोटो भेजें? युवकों के हां कहते ही, उन्हें AI से बनी लड़की की फोटो भेजते थे। इसके बाद महिला ठग लड़की बनकर युवकों से अश्लील बातें करती थी। इन बातों को रिकॉर्ड करने के बाद ठगी का खेल शुरू होता था। गैंग अखबारों में छपने वाले विज्ञापनों से अपने टार्गेट ढूंढता था। ये लोग यूपी समेत कई प्रदेशों के सैकड़ों लोगों को अपने जाल में फंसा चुके हैं। गुरुवार शाम करीब 5 बजे एएसपी अरीबा नोमान ने गिरफ्तार आरोपियों को मीडिया के सामने पेश कर ठगी की पूरी कहानी बताई। पहले विस्तार से पूरा मामला… छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में रहने वाला हलदर साहू साल-2022 में एक फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर में काम करते थे। उसके साथ झांसी के भट्टागांव का रहने वाली आकांक्षा श्रीवास्तव भी काम करती थी। इसी दौरान दोनों में करीबी बढ़ी। इसके बाद दोनों ने शादी कराने के नाम पर ठगी का धंधा शुरू करने की प्लानिंग की। साल- 2025 में दोनों झांसी आ गए। यहां उन्होंने नवाबाद थाना क्षेत्र में सिटी कार्ट मॉल के पीछे किराए का एक घर लिया और उसमें फर्जी कॉल सेंटर शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों ने अपनी टीम बढ़ानी शुरू की। झांसी में ही रहने वाली पुष्पा पाल, आरती कुशवाहा, रजनी आर्य, पूजा शर्मा, दीक्षा कुमारी, नेहा कुमारी, साक्षी झा और राजकुमारी वर्मा को 6 से लेकर 8 हजार रुपए महीने की सैलरी पर नौकरी पर रख लिया। इसके अलावा हलदर साहू अपने गांव से साहिल साहू को भी झांसी ले आया। नौकरी के बाद डेढ़ महीने ट्रेनिंग देते थे पूरे रैकेट में आकांक्षा श्रीवास्तव ट्रेनर और ऑपरेशन हेड की भूमिका निभाती थी। नौकरी पर रखी गई लड़कियों को करीब डेढ़ महीने तक ट्रेनिंग दी जाती थी। उन्हें सिखाया जाता था कि किस तरह 40 से ज्यादा उम्र के पुरुषों से बातचीत करनी है? उनका विश्वास कैसे जीतना है? किस तरह उनसे पैसे जमा कराने हैं? ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें ठगी के काम में लगाया जाता था। अब जानिए कैसे करते थे ठगी… अखबारों के वैवाहिक विज्ञापन से बनाते थे निशाना मुख्य आरोपी हलदर साहू ने बताया- मैं अखबारों में छपने वाले वैवाहिक विज्ञापनों को खंगालता था। उसमें 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के अविवाहित, तलाकशुदा या विधुर पुरुषों को ढूंढता था। फिर विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर मेरे काॅल सेंटर की लड़कियां फोन करती थीं। वो खुद को मैट्रिमोनियल कंपनी का कर्मचारी बताती थीं। इसके बाद उन युवकों को AI तकनीक से तैयार की गई आकर्षक लड़कियों की तस्वीरें वॉट्सएप पर भेज देते थे। रिश्ते की बात आगे बढ़ाने और लड़की से बात कराने के नाम पर पहले एक हजार रुपए की फीस ऑनलाइन जमा कराई जाती थी। फिर मेरे यहां काम करने वाली दूसरी लड़की का नंबर उस युवक को दे दिया जाता था। अश्लील बातचीत कर रिकॉर्डिंग कर लेते थे हलदर साहू ने बताया- युवक यह समझकर फोन करते थे कि वे उसी लड़की से बात कर रहे हैं, जिससे उनकी शादी होने वाली है। जबकि, दूसरी तरफ कॉल सेंटर की कर्मचारी होती थी। बातचीत के दौरान लड़कियां अश्लील बातें करती थीं। साथ ही पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग कर लेती थीं। इस दौरान भरोसे का फायदा उठाकर युवकों से 20-25 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लेती थीं। मैं अपने यहां काम करने वाली लड़कियों को सैलरी के अलावा हर शिकार पर अलग से कमीशन देता था। जितनी ज्यादा रकम वे किसी व्यक्ति से वसूलती थीं, उसका 10 फीसदी हिस्सा उन्हें कमीशन के रूप में देता था। इसी इसी लालच में लड़कियां लालच में वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करती थीं। शिकायत की धमकी पर करते थे ब्लैकमेल एएसपी अरीबा नोमान ने बताया- जब ठगी का शिकार हुए लोग शिकायत करने या पुलिस तक जाने की बात कहते थे, तो गैंग की महिलाएं उन्हें अश्लील बातचीत की रिकॉर्डिंग वायरल करने की धमकी देती थीं। इसके बाद बदनामी और शर्मिंदगी के डर से ज्यादातर लोग पुलिस तक नहीं पहुंचते थे। गैंग पीड़ितों से कभी लड़की से वीडियो कॉल या आमने-सामने मुलाकात नहीं कराता था। इसीलिए कर्मचारियों को की-पैड मोबाइल फोन दिए गए थे। जब कोई व्यक्ति वीडियो कॉल की जिद करता था, तो घर में परिवार के मौजूद होने या नेटवर्क की समस्या का बहाना बनाकर कॉल काट दी जाती थी। 31 शिकायतों ने खोला पूरे रैकेट का राज इस गैंग ने देशभर में 150 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाया है। हालांकि, शर्म और बदनामी के डर से ज्यादातर लोग सामने नहीं आए। लेकिन, झांसी साइबर थाने में जब एक जैसी ठगी के 31 मामले पहुंचे, तो पुलिस ने जांच शुरू की और गैंग तक पहुंच गई। शुरुआती जांच में 7 बैंक खातों में करीब 41 लाख रुपए के लेन-देन का पता चला है। इसके अलावा आरोपियों ने करीब 9 लाख रुपए सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान खरीदने में खर्च किए। पुलिस ने उनके कब्जे से 17 की-पैड मोबाइल फोन, एक मैकबुक, 22 लेखा-जोखा रजिस्टर, 25 फाइलें, एक यूपीआई क्यूआर कोड, 6 चेकबुक, 2 पैन कार्ड, 11 मोहर, तीन स्टांप, 16 एटीएम कार्ड, चार सिम कार्ड, एक राउटर, एक बायोमेट्रिक मशीन, शादी संबंधी प्रचार सामग्री, 7 सीपीयू, एक प्रिंटर, सोने की चेन, कान की बाली समेत अन्य सामान बरामद किया है। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें 58 साल का दरोगा महिला से बोला- पति बना लो, नौकरी दिलवा दूंगा, बरेली में 35 साल की पीड़ित बोली- प्रेग्नेंट हुई तो अबॉर्शन करवाया बरेली में 58 साल के दरोगा का दिल 35 साल की महिला पर आ गया। पति की शिकायत लेकर थाने पहुंची महिला से दरोगा ने कहा- चिंता क्यों करती हो, मैं हूं न। मैं तुम्हारी पूरी मदद करूंगा। इसके बाद दरोगा ने नौकरी और शादी का झांसा देकर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। पूरी खबर पढ़ें...
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