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    यूपी-बंगाल में 'हिंदुस्तान शक्ति सेना' लड़ेगी चुनाव:शिवसेना हिंदुस्तान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की घोषणा, 15 राज्यों में सक्रिय है संगठन

    3 hours ago

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    रामलला के दर्शन करने के बाद शिवसेना हिंदुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के होटल आस्था पहुंचे, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उनके साथ संगठन के राष्ट्रीय सलाहकार हेमराज गोयल, पंजाब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी क्षमाकांत पाण्डेय मौजूद रहे। पत्रकार वार्ता में पवन गुप्ता ने अपने राजनीतिक सफर और संगठन की स्थापना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह पहले हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना से जुड़े थे और उत्तर प्रदेश में संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उस समय उत्तर प्रदेश में शिवसेना के अध्यक्ष पवन पाण्डेय थे, जबकि वह स्वयं भी प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ शिवसेना का फोकस महाराष्ट्र और मराठी मुद्दों तक सीमित होता चला गया, जबकि हिंदुत्व के मूल मुद्दे पीछे छूटने लगे। उन्होंने बताया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी और उसमें शिवसेना की भागीदारी रही, तब भी संगठन मराठा मुद्दों को ही प्राथमिकता देता रहा। इसी विचारधारा से असहमति के चलते उन्होंने 30 मार्च 2003 को शिवसेना हिंदुस्तान की स्थापना की। पवन गुप्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य पूरे देश में संगठन को मजबूत करना था। आज शिवसेना हिंदुस्तान लगभग 15 राज्यों में सक्रिय है। उन्होंने बताया कि वह अयोध्या में रोहित तिवारी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने आए हैं और 20 मार्च तक पूर्वांचल के कई जिलों का दौरा करेंगे। आगामी चुनावों पर उन्होंने कहा कि जहां विचारधारा मेल खाएगी, वहां सहयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंजाब, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के चुनावों में उनकी राजनीतिक इकाई ‘हिंदुस्तान शक्ति सेना’ के बैनर तले कार्यकर्ता चुनाव लड़ेंगे। यूजीसी कानून 2026 पर उन्होंने कहा कि इससे समाज में जातिगत मतभेद बढ़ सकते हैं, इसलिए केंद्र सरकार को इस पर पुनर्विचार कर विरोध कर रहे लोगों से संवाद करना चाहिए।
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