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    यूपी पुलिस ने लॉन्च किया GRP का नया लोगो:पत्थरबाजी, ड्रग्स और मानव तस्करी पर सख्ती के आदेश, आधुनिक तकनीक पर जोर

    13 hours ago

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    यूपी पुलिस के डीजीपी राजीव कृष्ण ने जीआरपी उत्तर प्रदेश के नए “लोगो” का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने जीआरपी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम पुलिस मुख्यालय लखनऊ के चिंतन सभागार में आयोजित किया गया। इसी अवसर पर “रेलवे सुरक्षा एवं संरक्षा – उभरती चुनौतियाँ” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला “अंकुश” की शुरुआत की गई। कार्यशाला का उद्घाटन रेलवे उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी. ने किया। देखिए 2 तस्वीरें उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क है। प्रदेश में करीब 16 हजार किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक है, लगभग 1550 रेलवे स्टेशन हैं और प्रतिदिन करीब 30 लाख यात्री रेल से सफर करते हैं। यह विशाल नेटवर्क पांच रेलवे जोन और 12 डीआरएम के अंतर्गत संचालित होता है। जीआरपी उत्तर प्रदेश फिलहाल छह अनुभागों और 65 थानों में बंटी हुई है। इतने बड़े नेटवर्क की सुरक्षा करना एक बड़ी चुनौती है। कार्यशाला में रेलवे सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें अपराध नियंत्रण, मिशन शक्ति अभियान, ट्रेनों पर पत्थरबाजी की रोकथाम, मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ, रेलवे और जिला पुलिस के साथ बेहतर समन्वय जैसे विषय शामिल रहे। इसके अलावा परीक्षा, त्योहार, राजनीतिक रैलियों और बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, महाकुंभ और कुंभ मेले जैसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था, तथा रेलवे सुरक्षा में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त राजीव रंजन ने रेलवे में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने तथा अवैध हथियारों की तस्करी पर नियंत्रण के उपाय बताए। एसटीएफ लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह ने नकली भारतीय मुद्रा (FICN) की रोकथाम पर जानकारी दी। आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त देवांश शुक्ला ने रेलवे सुरक्षा में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर प्रकाश डाला। गोरखपुर के मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के प्रयासों पर चर्चा की। एनसीबी लखनऊ के जोनल डायरेक्टर शैलेन्द्र कुमार मिश्र ने ड्रग्स तस्करी की रोकथाम के बारे में बताया। वहीं रेलवे प्रयागराज के पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने प्रभावी प्रबंधन के महत्व पर अपने विचार रखे। इस कार्यशाला में आरपीएफ और जीआरपी के सभी अनुभागों के राजपत्रित अधिकारी, निरीक्षक, उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी और महिला पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। इसके अलावा रेलवे लखनऊ और प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा जीआरपी मुख्यालय लखनऊ के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा को और मजबूत करना, नई चुनौतियों से निपटने की रणनीति तैयार करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय और प्रभावी प्रबंधन के जरिए रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा।
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