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    यूपीएसआई परीक्षा में 'पंडित' शब्द पर विवाद:भाजपा विधायक ने सीएम को लिखा पत्र, कांग्रेस ने साधा निशाना

    15 hours ago

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    उत्तर प्रदेश में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद गहरा गया है। महोबा के भाजपा विधायक राकेश गोस्वामी ने इसे सरकार की छवि खराब करने की साजिश बताते हुए योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाजपा पर समाज में वैमनस्यता फैलाने का आरोप लगाया है। विवाद यूपीएसआई भर्ती परीक्षा के हिंदी खंड में पूछे गए एक प्रश्न से शुरू हुआ। प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाले’ के लिए एक शब्द पूछा गया था, जिसके विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल था। इस पर महोबा समेत कई जगहों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि ‘पंडित’ शब्द का अर्थ विद्वान और सम्मानित व्यक्ति से जुड़ा होता है। इसे ‘अवसरवादी’ जैसे नकारात्मक अर्थ वाले शब्द के विकल्प के रूप में देना अनुचित है और इससे एक वर्ग विशेष की भावनाएं आहत हो सकती हैं। विधायक ने इसे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाला और जातीय तनाव पैदा करने की कोशिश बताया। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलती है और इस तरह की हरकतें पार्टी की छवि खराब करने की साजिश हो सकती हैं। दूसरी ओर विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव ब्रजराज सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता में आने के बाद से समाज में विभाजन की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कभी दलित और ब्राह्मण, तो कभी ओबीसी और एससी के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश करती है। कांग्रेस नेता ने संत रविदास की शिक्षाओं का हवाला देते हुए कहा कि समाज में ऊंच-नीच और जात-पात के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। फिलहाल, जहां सत्ता पक्ष इसे विभाग के भीतर छिपे कुछ अराजक तत्वों की शरारत बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की सोची-समझी नीति का हिस्सा करार दे रहा है। अब देखना यह होगा कि इस विवाद के बाद सरकार और परीक्षा बोर्ड क्या कदम उठाते हैं।
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