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    20 साल के एंटोनेली सबसे युवा फॉर्मूला-1 वर्ल्ड चैंपियन बने:वेटल के 16 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा; 73 साल बाद इटली को मिला चैंपियन

    7 hours ago

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    मर्सिडीज के ड्राइवर किमी एंटोनेली 20 साल की उम्र में फॉर्मूला-1 के सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियन बन गए हैं। उन्होंने रविवार को मैक्सिको सिटी ग्रां प्री में तीसरा स्थान हासिल कर 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले, जर्मनी के सेबेस्टियन वेटल ने 2010 में 23 साल और 133 दिन की उम्र में अपना पहला F1 वर्ल्ड टाइटल जीता था। वे 1953 के बाद F1 चैंपियन बनने वाले इटली के पहले ड्राइवर भी हैं। एंटोनेली ने अपने दूसरे ही सीजन में यह खिताब जीता और चार रेस बाकी रहते चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। चार रेस बाकी रहते ही चैंपियन बने एंटोनेली ने अपने दूसरे ही सीजन में यह कारनामा कर दिखाया। वे चार रेस बाकी रहते ही चैंपियन बन गए। मैक्सिको सिटी ग्रां प्री में एंटोनेली तीसरे स्थान पर रहे। मैक्स वेरस्टैपेन ने रेस जीती, जबकि लुईस हैमिल्टन दूसरे स्थान पर रहे। चैंपियन बनने के बाद एंटोनेली अपनी भावनाएं नहीं रोक सके। उन्होंने टीम से कहा, 'हमने कर दिखाया, हमने कर दिखाया। पोडियम पर भी उनकी आंखों में आंसू थे। पहले 6 में से 5 रेस जीतीं एंटोनेली का इस सीजन में प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने जापान ग्रां प्री के बाद ड्राइवर चैंपियनशिप में बढ़त बनाई थी। इसके बाद पहले 6 में से 5 रेस जीतीं। मैक्सिको पहुंचने तक उनके नाम 9 ग्रां प्री जीत थीं। उनके सीजन का सबसे यादगार प्रदर्शन इटली के मोन्जा में आया। यहां उन्होंने 19वें नंबर से शुरुआत करने के बावजूद रेस जीती। हैमिल्टन की जगह मर्सिडीज ने दिया था मौका लुईस हैमिल्टन के 2025 सीजन से पहले फेरारी जाने के फैसले के बाद मर्सिडीज को नए ड्राइवर की तलाश थी। टीम प्रिंसिपल टोटो वोल्फ ने अनुभवी ड्राइवर के बजाय युवा एंटोनेली पर भरोसा जताया। तब उनकी उम्र सिर्फ 18 साल थी। एंटोनेली ने 2025 में अपने डेब्यू सीजन में 150 पॉइंट्स हासिल किए और ड्राइवर चैंपियनशिप में सातवें स्थान पर रहे। उन्होंने तीन पोडियम भी हासिल किए थे। 7 साल की उम्र में शुरू की थी रेसिंग किमी एंटोनेली का जन्म 25 अगस्त 2006 को इटली के बोलोन्या में हुआ था। उनके पिता मार्को एंटोनेली भी रेसिंग ड्राइवर रह चुके हैं और मोटरस्पोर्ट्स टीम चलाते हैं। किमी ने 7 साल की उम्र में कार्टिंग शुरू की थी। 2019 में 12 साल की उम्र में वे मर्सिडीज के जूनियर प्रोग्राम से जुड़े। 2022 में उन्होंने इटालियन और जर्मन फॉर्मूला-4 चैंपियनशिप जीती। इसके बाद 2023 में फॉर्मूला रीजनल यूरोपियन और मिडिल ईस्ट चैंपियनशिप अपने नाम की। 2024 में वे सीधे फॉर्मूला-2 में पहुंचे और दो रेस जीतीं। उन्होंने फॉर्मूला-3 में हिस्सा लिए बिना F2 तक का सफर तय किया। 73 साल बाद इटली को मिला F1 चैंपियन एंटोनेली 1953 के बाद फॉर्मूला-1 ड्राइवर चैंपियनशिप जीतने वाले इटली के पहले ड्राइवर हैं। इससे पहले अल्बर्टो असकारी ने 1952 और 1953 में लगातार दो खिताब जीते थे। एंटोनेली 21वीं सदी में जन्मे पहले F1 वर्ल्ड चैंपियन भी बन गए हैं। पॉइंट्स सिस्टम से बनते हैं चैंपियन फॉर्मूला-1 में पूरे सीजन में सबसे ज्यादा पॉइंट्स हासिल करने वाला ड्राइवर वर्ल्ड चैंपियन बनता है। हर ग्रां प्री में टॉप-10 ड्राइवरों को पॉइंट्स मिलते हैं। पहले स्थान पर रहने वाले को 25, दूसरे को 18, तीसरे को 15 और 10वें स्थान पर रहने वाले को 1 पॉइंट मिलता है। एक सीजन में आमतौर पर 20 से 24 ग्रां प्री रेस होती हैं। 2026 के सीजन में कुल 23 रेस निर्धारित हैं। टाई होने पर कैसे तय होता है विजेता? अगर दो या उससे ज्यादा ड्राइवरों के पॉइंट्स बराबर होते हैं, तो सबसे ज्यादा रेस जीतने वाले को चैंपियन माना जाता है। जीत की संख्या भी बराबर होने पर दूसरे स्थान की फिनिश और फिर तीसरे स्थान की फिनिश की तुलना की जाती है। इसे काउंटबैक नियम कहते हैं।
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