Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    3-दिन में 26 जगह छापे,1.17 लाख की 523KG मिठाई नष्ट:खाद्य विभाग की कार्रवाई,20 नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे; रिपोर्ट आने में लगेगा करीब एक महीन

    3 hours ago

    1

    0

    रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजार में मिठाइयों और खोया समेत दूसरे खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मिलावटखोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले में पिछले तीन दिनों में खाद्य विभाग की टीम ने 26 स्थानों पर छापेमारी और 36 दुकानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान करीब 523 किलो खराब, घटिया और संदिग्ध मिठाई व खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.17 लाख रुपये बताई गई है। खाद्य विभाग की कार्रवाई के दौरान अलग-अलग इलाकों से बूंदी के लड्डू, खोया, छेना, पनीर, रसभरी और अन्य मिठाइयों के नमूने भी लिए गए। इनमें से 20 नमूने जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेजे गए हैं। हालांकि इनकी जांच रिपोर्ट आने में करीब 30 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में त्योहार के दौरान बाजार में बिक रही मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। करौंदी में 255 किलो रसभरी मिली खराब बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रवर्तन टीम ने मर्वइया, सारनाथ, खालिसपुर, बेलवा रोड पिंडरा और रोहनिया समेत कई क्षेत्रों में अभियान चलाया। टीम ने इस दौरान खान-पान से जुड़ी 13 दुकानों का निरीक्षण किया और नौ स्थानों पर छापेमारी की। करौंदी में खाद्य कारोबारी हेमंत जायसवाल की दुकान पर टीम को करीब 255 किलो रसभरी खराब हालत में मिली। मिठाई गंदगी के बीच रखी हुई थी और उससे दुर्गंध आ रही थी। टीम ने इसे मानव स्वास्थ्य के लिए अनुपयुक्त मानते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया। विभाग के अनुसार नष्ट कराई गई रसभरी की कीमत करीब 68,850 रुपये थी। वाहन से मिला 58 किलो खोया मिल्कीचक क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने एक वाहन की जांच की। वाहन से करीब 58 किलो संदिग्ध खोया मिला। टीम ने खोया का नमूना लेकर उसे नष्ट करा दिया। वहीं खालिसपुर में एक दुकान से 210 किलो बूंदी के लड्डू के नमूने लिए गए और संबंधित मिठाई को भी नष्ट कराया गया। अधिकारियों ने संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की है। विभाग का कहना है कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। 2200 दुकानों पर तैयार हो रही मिठाइयां त्योहारों के दौरान वाराणसी में मिठाइयों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। खाद्य व्यापार मंडल के अनुसार जिले में छोटी-बड़ी करीब 2,200 मिठाई की दुकानें हैं। इन दुकानों पर रक्षाबंधन को देखते हुए बड़े पैमाने पर खोया, छेना और विभिन्न प्रकार की रंग-बिरंगी मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। अनुमान है कि त्योहार के दौरान जिले में करीब 12 हजार क्विंटल मिठाई की खपत हो सकती है। इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन और बिक्री के बीच खाद्य विभाग के सामने भी सभी दुकानों की नियमित जांच की चुनौती है। विभाग ने लोगों से भी मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। 20 नमूनों की जांच, रिपोर्ट का इंतजार खाद्य विभाग ने तीन दिन के अभियान के दौरान मलदहिया, भोजूबीर, विशेश्वरगंज, सिगरा, रोहनिया समेत कई क्षेत्रों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। बूंदी के लड्डू, खोया, पनीर, छेना और बर्फी समेत अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 20 नमूने लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में करीब 30 दिन लगने की संभावना है। यही वजह है कि त्योहार से पहले लिए गए नमूनों की रिपोर्ट त्योहार बीतने के बाद आने की आशंका है। यदि किसी नमूने में मिलावट की पुष्टि होती है तो तब तक संबंधित खाद्य पदार्थ की बड़ी मात्रा बाजार में बिक चुकी हो सकती है। इससे खाद्य जांच की प्रक्रिया की गति पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट आने तक बीत जाएगा त्योहार त्योहारों में मिठाइयों की बिक्री कुछ ही दिनों में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में नमूने लेने के बाद प्रयोगशाला रिपोर्ट आने में एक महीने का समय लगना उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन सकता है। खासकर खोया और दूध से बनी मिठाइयां जल्दी खराब होने वाली होती हैं। यदि किसी खेप में मिलावट पाई जाती है तो रिपोर्ट आने तक उसका पूरा स्टॉक बाजार से निकल सकता है। हालांकि खाद्य विभाग का कहना है कि जहां मौके पर ही खाद्य सामग्री खराब या मानव उपयोग के योग्य नहीं पाई जाती है, उसे तत्काल नष्ट कराया जाता है। गंभीर स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठान को सीज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    स्वर्ण समाज ने बनाई रणनीति, 11 सितंबर को प्रदर्शन:यूजीसी रोलबैक, EWS आरक्षण सुधार की मांग पर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
    Next Article
    शेयर में मुनाफे का लालच दिखाकर 89 लाख ठगे:व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा, फर्जी एप पर दिखाते रहे बैलेंस

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment