Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    आगरा कोर्ट में हाजिर नहीं हुई कंगना की अधिवक्ता:कोर्ट ने कंगना पर लगाया जुर्माना, 3 अप्रैल को बहस का अंतिम अवसर

    1 hour ago

    1

    0

    भाजपा सांसद व फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए कोर्ट में किसानों के अपमान एवं राजद्रोह के मामले में सोमवार को बहस नहीं हो सकी। कंगना की अधिवक्ता कोर्ट में बीमारी के चलते हाजिरी नहीं हो सकी। उनकी ओर से अग्रिम तिथि मांगी गई। इस पर वादी अधिवक्ता ने एतराज जताया। कोर्ट ने कंगना पर 500 रुपए जुर्माना लगाते हुए बहस के लिए अंतिम अवसर दिया है। अब मामले में 3 अप्रैल की तिथि नियत की गई है। वादी अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने बताया कि एमपी एमएलए कोर्ट में बहस के लिए तारीख थी। कंगना रनौत की सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनसुइया चौधरी आज भी कोर्ट में बहस के लिए हाजिर नहीं हुई। कंगना की अधिवक्ता की ओर से जूनियर अधिवक्ता सुधा प्रधान और स्थानीय अधिवक्ता विवेक शर्मा ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें कहा गया कि वरिष्ठ अधिवक्ता की तबीयत खराब होने के कारण वह बहस के लिए आगरा नहीं आ सकती। कोई अग्रिम तिथि दी जाए। प्रार्थना पत्र पर वादी रमाशंकर शर्मा एडवोकेट और उनकी ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान, राजवीर सिंह ने एतराज जताया। उन्होंने कहा कि विगत तीन तिथियां से विपक्षया की अधिवक्ता हर बार बीमारी का बहाना लगाकर मामले को टालना चाहती हैं और कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रही हैं। अधिवक्ताओं ने यह भी मांग की अब न्यायालय विपक्षीया को बहस करने का अवसर समाप्त किया जाए। विपक्षी की ओर से उपस्थित अधिवक्ता सुधा प्रधान के प्रार्थना करने पर कोर्ट ने विपक्षी कंगना रनौत पर 500 रुपए के जुर्माने के आदेश करते हुए बहस के लिए अंतिम अवसर देते हुए 3 अप्रैल 2026 की तिथि नियत कर दी। आज वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्ग विजय सिंह भैया ने कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट की एक रूलिंग भी प्रस्तुत की जिसमें दलील दी गई के कोई भी अधिवक्ता किसी वादकारी की पैरवी तो कर सकता है लेकिन वादकारी का बयान दर्ज कराने का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने उक्त रूलिंग को पत्रावली पर रखते हुए सुनवाई के लिए 3 अप्रैल 2026 की तिथि नियत कर दी। है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ में X-Ray टेक्निशियन का धरना प्रदर्शन:अंतिम रिजल्ट जारी न होने पर जताई नाराजगी , प्रदर्शनकारी बोले- 4 साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं
    Next Article
    शाकंभरी देवी मेले में गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन की मांग:हरीश कौशिक बोले-बजरंग दल नेता का विवादित बयान; कहा-रोक नहीं लगी तो हिंदू समाज करेगा विरोध

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment