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    आगरा में परिषदीय-विद्यालय की परीक्षा में पंडित प्रश्न पर विवाद:कक्षा 7 की संस्कृत में आया प्रश्न, शिक्षक बोले- जानबूझकर पाठ्यक्रम से बाहर का प्रश्न दिया

    3 hours ago

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    उत्तर प्रदेश पुलिस की उपनिरीक्षक परीक्षा में पूछे सवाल में पंडित शब्द से शुरू हुआ विवाद अभी थमा नहीं है कि आगरा में बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालय की परीक्षा में भी इस तरह का प्रश्न आने से विवाद खड़ा हो गया है। कक्षा सात की संस्कृत परीक्षा में प्रश्न एक के भाग पांच में पंडित शब्द का प्रश्न आया है। इससे विभाग के पदाधिकारियों के साथ वर्ग से जुड़े लोगों में आक्रोश फैल गया है। लोग इसे ब्राह्मण समाज और विद्वानों के अपमान के रूप में देख रहे हैं। मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही है। बेसिक शिक्षा विभाग की कक्षा 7 में संस्कृत के परीक्षा में पंडित शब्द से जुड़ा प्रश्न पूछा गया। परीक्षा के बाद जब विभाग के लोग और ब्राह्मण समाज से जुडे़ शिक्षकों ने इस प्रश्नपत्र को पढ़ा तो उनमें आक्रोश व्यापत हो गया। उनका कहना है कि जो प्रश्न पूछा गया वह प्रहेलिका पाठ में पहेली ही नहीं है। जिससे स्पष्ट होता है कि यह कार्य पेपर सेटर ने जानबूझकर किया है।इस तरह प्रश्न यदि शामिल किए जाते हैं तो वह पाठ का हिस्सा तो होते लेकिन यह पहेली ही पाठ का हिस्सा नहीं है। ये पूछा गया प्रश्न प्रहेलिका: पाठ के आधार पर वह कौन है जो बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है लेकिन पंडित नहीं है. विकल्प दिए गए: बादल, पक्षी, वायु, पत्र शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि 'कक्षा सात की संस्कृत पाठयपुस्तक से सप्तम पाठ प्रश्न से लिया है। इस पाठ में सभी प्रहेलिकाएं (पहेलियां) हैं। जो बच्चों को संस्कृत के शब्दों और व्याकरण से परिचित कराने के लिए बनाई गई हैं। लेकिन प्रश्नपत्र में प्रश्न जो साक्षर है लेकिन पंडित नहीं है के विकल्प के रूप में पंडित शब्द को पहेली के उत्तर के रूप में प्रश्नपत्र में जानबूझ जोड़कर भावनाओं को आहत किया गया है। ब्राह्मणों को जानबूझ कर अपमानित किया गया है। ऐसा कार्य करने वाले पेपर सेटर के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए। वही जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कसाना का कहना है कि 'जिला स्तर पर एक कमेटी होती है, जिसमें डायट एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी होते हैं। जिन्हें पेपर बनाने और पेपर चेक करने की जिम्मेदारी होती है। पहेली जो पूछी गई वह पाठ का हिस्सा नहीं है, जिससे प्रतीत होता है यह जानबूझकर किया गया है। इस प्रश्न की ओर ध्यान न देकर ब्राह्मण समाज के विरुद्ध कार्य किया है। इस मामले की गहनता से जांच होना अनिवार्य है। जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर हो। जांच के दिए आदेश बीएसए जितेंद्र गौड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा, यह एक संवेदनशील मुद्दा है। हमने परीक्षा पेपर की जांच शुरू कर दी है और पूरी रिपोर्ट शासन को भेज रहे हैं। उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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