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    अब पुतिन के तारनहार बनें पूर्व CJI चंद्रचूड़, सुलझाएंगे यूक्रेन संग विवाद, रूस ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

    17 hours ago

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    रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक 'ओशादबैंक' की ओर से इन्वेस्टमेंट ट्रीटी (निवेश संधि) विवाद में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ को अपना आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है। बार एंड बेंच के अनुसार, यह विवाद रूस की सैन्य कार्रवाई से प्रभावित यूक्रेनी इलाकों में बैंक की संपत्ति और कामकाज से जुड़े दावों से संबंधित है। यह आर्बिट्रेशन यूक्रेन और रूस के बीच 1998 की द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत किया जा रहा है। तीन सदस्यों वाले इस ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता कोस्टा रिका की आर्बिट्रेटर और पूर्व ट्रेड मिनिस्टर दयाला जिमेनेज़ करेंगी, जिन्हें रूस और ओशादबैंक ने संयुक्त रूप से चुना था। रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीक आर्बिट्रेटर और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर के प्रोफ़ेसर स्टावरोस ब्रेकोउलाकिस को ओशादबैंक ने ट्रिब्यूनल के तीसरे सदस्य के तौर पर नियुक्त किया है।इसे भी पढ़ें: हो गया खेल! भारत को रोककर खुद रूसी तेल खरीद रहा अमेरिका?ओशचादबैंक ने यूक्रेन में अपनी संपत्तियों के नुकसान का दावा किया है। ओशचादबैंक का यह दावा डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज्जिया में मौजूद संपत्तियों और बिज़नेस ऑपरेशन्स से जुड़ा है। यूक्रेनी बैंक का कहना है कि रूस की सैन्य कार्रवाई, और खासकर 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हुए हमले के कारण उसे ये नुकसान उठाना पड़ा। माना जा रहा है कि इस दावे की कीमत करोड़ों डॉलर है। जुलाई 2025 में ओशचादबैंक द्वारा रूस को विवाद का नोटिस भेजे जाने के बाद मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) की प्रक्रिया शुरू हुई थी। रूस द्वारा कथित तौर पर नोटिस का कोई जवाब न दिए जाने के बाद बैंक ने आगे की प्रक्रिया शुरू की। यह मामला दोनों देशों के बीच इन्वेस्टमेंट ट्रीटी (निवेश संधि) के तहत सुना जा रहा है, जो निवेशकों को निवेश से जुड़े कुछ विवादों पर आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) की मांग करने की इजाज़त देता है। चंद्रचूड़ ने पहले रूस के प्रस्तावों को ठुकरा दिया था।इसे भी पढ़ें: जिसका डर था वही हुआ! किम जोंग उन ने उतारे 50000 सैनिक, खुशी से झूम उठे पुतिनयह नियुक्ति इसलिए भी अहम है क्योंकि चंद्रचूड़ ने पहले रूस के उन प्रस्तावों को ठुकरा दिया था जिनमें उन्हें जर्मन एनर्जी कंपनी विंटरशाल डेया और यूक्रेनी एनर्जी कंपनी उक्रेनेर्गो से जुड़े अलग-अलग संधि विवादों में आर्बिट्रेटर (मध्यस्थ) के तौर पर काम करने के लिए कहा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये प्रस्ताव उसी दिन दिए गए थे जब परमानेंट कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन ने विंटरशाल मामले की कार्यवाही में चंद्रचूड़ को नियुक्ति करने वाला अधिकारी (अपॉइंटिंग अथॉरिटी) नामित किया था। बाद में, रूस से हुई बातचीत का खुलासा करने के बाद चंद्रचूड़ उस भूमिका से हट गए थे। मौजूदा विवाद में अब वह तीन सदस्यों वाले ट्रिब्यूनल में रूस के नॉमिनी (नामित सदस्य) के तौर पर काम करने के लिए सहमत हो गए हैं। ओशैडबैंक का प्रतिनिधित्व क्विन इमैनुएल उर्कहार्ट एंड सुलिवन के पार्टनर एपामिनोंटास ट्रियांटाफिलौ और एलेक्स गेर्बी, तथा एस्टर्स के पार्टनर ओलेक्सी डिडकोव्स्की, एंड्री पोझिदायेव और ओक्साना लेग्का कर रहे हैं। रूस का प्रतिनिधित्व पिना गोल्डबर्ग के पार्टनर एंड्रिया पिना, वकील प्रत्युष पंजवानी और सीनियर एसोसिएट दिमित्रियोस पापाजॉर्जियो कर रहे हैं।
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