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    अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने पर सपा विधायक पर FIR:कानपुर के प्राइमरी स्कूल में बिना अनुमति के प्रोग्राम रखा, सस्पेंड प्रिंसिपल ने केस कराया

    16 hours ago

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    कानपुर के परमट प्राइमरी स्कूल में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने 1 जुलाई को अखिलेश का बर्थडे मनाया था। अगले दिन 2 जुलाई को हेड मास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया गया।अब आज, 7 जुलाई की शाम हेड मास्टर ने ग्वाल टोली थाने में सपा विधायक पर FIR दर्ज करा दी। ग्वालटोली थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय की ओर से हेड मास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी ने स्कूल में जबरन सपा प्रमुख अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाए जाने की तहरीर दी थी। आरोप था कि इसकी कोई अनुमति नहीं ली गई और सरकारी काम में बाधा डाली गई। इसी तहरीर के आधार पर सपा विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सपा विधायक ने कहा था- भाजपा सांसद ने 'म' से मोदी पढ़ाया तो एक्शन क्यों नहीं कानपुर में सरकारी स्कूल में सपा प्रमुख अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने पर प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया। दरअसल, 1 जुलाई को सपा विधायक अमिताभ बाजपेई परमट प्राइमरी स्कूल में पहुंचे थे। उन्होंने केक काटकर बच्चों के साथ अखिलेश का बर्थडे मनाया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद 2 जुलाई को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने प्रिंसिपल नवीन कुमार त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया। दैनिक भास्कर ने 3 जुलाई को विधायक अमिताभ बाजपेई से बात की। उन्होंने बिना नाम लिए कानपुर सांसद रमेश अवस्थी पर निशाना साधा। कहा- कुछ दिन पहले एक बड़े नेता भी स्कूल गए थे। उन्होंने बच्चों को ब्लैकबोर्ड पर ‘न से नरेंद्र’ और ‘म से मोदी…’ लिखकर पढ़ाया था। उस दौरान एक्शन क्यों नहीं लिया गया। पढ़िए पूरा मामला अखिलेश यादव का 1 जुलाई को जन्मदिन था। इस मौके पर कानपुर के आर्यनगर से विधायक अमिताभ बाजपेई ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के परमट प्राइमरी स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर में अखिलेश के जन्मदिन का बैनर लगाया गया। दोपहर 1 बजे स्कूल में केक काटा गया। बच्चों को बैग बांटे गए। विधायक ने इस कार्यक्रम की फोटो और वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की। इसकी जानकारी भाजपा नेताओं ने सांसद रमेश अवस्थी को दी। सांसद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को तलब किया। पूरी रिपोर्ट मांगी। BSA ने 2 जुलाई को ही जांच के आदेश दिए। जांच में स्कूल के प्रिंसिपल नवीन कुमार त्रिपाठी को दोषी पाया गया। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने कहा- सोशल मीडिया से पता चला था कि स्कूल में किसी राजनीतिक पार्टी के मुखिया का बर्थ डे मनाया गया। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की जांच रिपोर्ट में प्रिंसिपल दोषी पाए गए। इसके बाद उन पर कार्रवाई की गई। हेड मास्टर को सस्पेंड किए जाने के बाद दैनिक भास्कर ने अमिताभ बाजपेई से बात की थी, आगे पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: अखिलेश यादव के जन्मदिन पर आपने केक काटा। अब प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया, क्या कहेंगे? जवाब : हम लोग तो लंबे समय से स्कूलों पर काम कर रहे हैं। मैंने अपने क्षेत्र के करीब 6 सरकारी प्राइमरी स्कूल बेहतर बनाए हैं। इंटर कॉलेज और लाइब्रेरी बेहतर बनाईं। उसी कड़ी में परमट स्कूल को भी बेहतर बनाने जा रहा था। किसी का अहंकार जागा, उन्होंने उसमें अपनी ताकत का परिचय दिया। हमारे काम को रोकने का प्रयास किया, वहां से विवाद शुरू हुआ। फिर मैंने देखा कि कुछ दिन पूर्व एक बड़े नेता एक स्कूल गए। उन्होंने वहां ब्लैकबोर्ड पर लिखकर पढ़ाया कि ‘न से नरेंद्र’ और ‘म से मोदी…’। वहां ड्रेस की नाप लेने की बात कही। अब स्कूल की ड्रेस के लिए नाप तो ली नहीं जाती है? वह तो रेडीमेड मिलती है। मुझे अनुभव है। हम लोग लगभग 10-15 सालों से जन्मदिन हो, जयंती हो, पुण्यतिथि हो…इस तरह के कार्यक्रमों में हमेशा स्कूलों में, अस्पतालों में, अनाथालय में, राहगीरों के बीच कुछ बांट के ही मनाते रहे हैं। इसी कड़ी में हमने 1 जुलाई को परमट प्राइमरी स्कूल में बच्चों को ड्रेस बांट दी। पहली बार नहीं बांटी, दूसरे स्कूलों में ड्रेस हम बांट चुके हैं। पिछले साल इसी स्कूल में मैंने अपने जन्मदिन पर बैग बांटे थे। मुझे लगा कि बच्चों के पास ड्रेस नहीं है, तो बांट दी। किसी को बुरा लग गया। बेचारे निरीह प्रधानाचार्य को उन्होंने अपनी ताकत का दुरुपयोग करते हुए सस्पेंड कर दिया। सवाल: आपको क्या लगता है, भाजपा की तरफ से ऐसा कुछ किया गया है? जवाब: मैं इतने सालों से स्कूलों में जरूरत की सामग्री बांट रहा हूं। अंध विद्यालय में हम लोगों ने कितनी बार कार्यक्रम किए। मैं अपनी विधानसभा के स्कूलों में इस तरह के कार्यक्रम करता रहता हूं। मुझे कौन रोकेगा, कैसे रोक सकता है? ड्रेस ही तो दी है। जहां तक केक काटने का सवाल है, तो यह केक बच्चे खाते हैं। हम लोग उतना नहीं खाते हैं। हम लोगों ने केक काट के बच्चों को दे दिया, बच्चों से केक नहीं कटवाया, ना मेरी केक काटने की फोटो में कोई टीचर है, ना कोई बच्चा है। केक काट के बच्चों में बंटवा दिया। उनको चॉकलेट्स दे दीं, कुछ ड्रिंक दे दिया, कुछ चिप्स दे दिया, बिस्कुट दे दिया, ड्रेस दे दी, बच्चे खुश हो गए। विधायक बोले- सांसद से हेड मास्टर 8100 रुपए लेकर क्यों आए? सपा विधायक ने कहा कि स्कूल के हेड मास्टर का एक पत्र मैंने देखा था। जो बीएसए को लिखा है कि बीएसए के आदेश पर नेता के घर जाकर के ₹8100 नगद लेकर आए। यह किस कानून के तहत हुआ? यह कैसे हुआ? केक काटने के एक्शन में कहीं बच्चे और टीचर पूरे वीडियो में आपको नहीं दिखेंगे। ना फोटो में दिखेंगे। ड्रेस बांट दी, तो इसमें किसी को कष्ट क्या हो गया? मैं तो बांटता आया हूं और फिर बांटूंगा। आप अंदर नहीं घुसने देंगे, गेट पर बांटूंगा। मैं अपने क्षेत्र के स्कूलों में नहीं जाऊंगा क्या? मुझे रोकोगे क्या आप? मैं जाऊंगा तो टीचर को सस्पेंड करोगे, प्रिंसिपल सस्पेंड करोगे? मैं अस्पताल जाऊंगा तो डॉक्टर सस्पेंड करोगे? मैं जेल चला जाऊंगा तो जेलर सस्पेंड कर दोगे? ऐसे कैसे चलेगा? 16 जून को निरीक्षण के समय सांसद ने बच्चों को न से नरेंद्र…पढ़ाया था परमट प्राइमरी स्कूल के शिलान्यास को लेकर करीब एक माह पहले सपा विधायक अमिताभ बाजपेई और भाजपा नेता सुरेश अवस्थी आमने-सामने आ गए थे। विवाद इतना बढ़ गया था कि सपा विधायक को शिलान्याश वाले दिन हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। 16 जून को भाजपा सांसद रमेश अवस्थी और विधायक सुरेंद्र मैथानी स्कूल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान सांसद ने बोर्ड पर बच्चों को लिखकर पढ़ाया था कि न से नरेंद्र और म से मोदी। अब विवाद के बाद सपा विधायक ने इस मामले को उठाया है। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- कानपुर में बेटी से छेड़छाड़, पिता ने तमंचा ताना: आरोपी लड़के के पिता से बोला- खोपड़ी खोल दूंगा; मोमबत्ती जलाने से अच्छा आवाज उठाऊं कानपुर में 10 साल की बेटी के साथ छेड़खानी से परेशान पिता का सब्र टूट गया। उसने आरोपी लड़के के पिता पर तमंचा तान दिया। बोला- अगली बार कुछ हुआ तो खोपड़ी में गोली मार दूंगा। इस घटना के बाद पिता ने X पोस्ट में लिखा- मोमबत्तियां जलाने से बेहतर है कि आज ही निर्दोष बच्ची के लिए आवाज उठाई जाए। पढ़ें पूरी खबर…
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