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    अलीगढ़ में 700 करोड़ का नया निवेश:लिथियम बैटरी प्लांट की रखी नींव, ख्यामई औद्योगिक आस्थान में 23,524 वर्गमीटर में बनेगी इकाई

    42 minutes ago

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    अलीगढ़ के पारंपरिक ताला-हार्डवेयर उद्योग के बीच अब बैटरी रीसाइक्लिंग जैसा नया सेक्टर आकार लेने लगा है। गभाना क्षेत्र के ख्यामई औद्योगिक आस्थान में बुधवार को मैसर्स मैक्स वोल्ट एनर्जी लिमिटेड के लिथियम बैटरी निर्माण एवं रीसाइक्लिंग प्लांट का भूमि पूजन हुआ। करीब 700 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली इस इकाई से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इस भूमि पूजन कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। प्लांट के लिए करीब 23,524 वर्गमीटर जमीन तय की गई है। परियोजना के पहले चरण में हर साल करीब 7,800 टन इस्तेमाल हो चुकी लिथियम बैटरियों की रीसाइक्लिंग की क्षमता विकसित करने की योजना है। भूमि पूजन के बाद अब परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। नए सेक्टर से बदलेगा औद्योगिक प्रोफाइल अलीगढ़ की पहचान अभी तक मुख्य रूप से ताला-हार्डवेयर, मीट और अन्य पारंपरिक उद्योगों से रही है। लिथियम बैटरी रीसाइक्लिंग प्लांट के आने से औद्योगिक क्षेत्र में एक नया सेक्टर जुड़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी आधारित उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पुरानी बैटरियों के सुरक्षित और व्यवस्थित निस्तारण के लिए रीसाइक्लिंग उद्योग की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में यह परियोजना जिले के औद्योगिक क्षेत्र में नई तरह की गतिविधियों का आधार तैयार कर सकती है। लिथियम बैटरी से जुड़े उद्योगों के लिए अलीगढ़ का औद्योगिक आधार भी उपयोगी साबित हो सकता है। जिले में पहले से बड़े स्तर पर विनिर्माण और निर्यात से जुड़ी इकाइयां संचालित हैं। नई इकाई से स्थानीय स्तर पर तकनीकी काम, परिवहन, सप्लाई और दूसरे सहायक कारोबारों के लिए भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। बोले आलोक कुमार- नई तकनीक वाले उद्योगों पर जोर अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने भूमि पूजन के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में अब पारंपरिक उद्योगों के साथ भविष्य की जरूरतों से जुड़े क्षेत्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। डिफेंस, स्पेस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों को ख्यामई औद्योगिक आस्थान के अन्य खाली भूखंडों पर भी जल्द औद्योगिक इकाइयां स्थापित कराने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। भूमि पूजन कार्यक्रम में कंपनी के निदेशक व उनके परिजन स्टाफ के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला, एसडीएम गभाना हरिश्चन्द्र, संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजु रानी, उपायुक्त उद्योग एसपी यादव, सहायक आयुक्त उद्योग बृजेश यादव समेत उद्यमी मौजूद रहे। आलोक कुमार बोले- युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य उद्योगों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से 2020 के बीच प्रदेश में करीब 4,000 फैक्ट्रियां श्रम विभाग में पंजीकृत हुई थीं, जबकि पिछले एक साल में ही करीब 4,500 फैक्ट्रियों का पंजीकरण हुआ है। यह औद्योगिक गतिविधियों की बढ़ती रफ्तार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में हो रहे औद्योगिक निवेश का फायदा सभी जिलों तक पहुंचे। ख्यामई में स्थापित औद्योगिक क्षेत्र में भी कई निवेश प्रस्ताव आ रहे हैं। उन्होंने यहां हो रहे निवेश को इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। आलोक कुमार ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिहाज से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिल रहा है। ऐसे में बैटरी निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित परियोजना में करीब 1,500 लोगों को प्रत्यक्ष और 2,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। उन्होंने इस बात को भी खास बताया कि परियोजना के लिए कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से पूंजी जुटाई है और आईपीओ किया है। उन्होंने युवा उद्यमियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में नए कारोबारी सामने आएं और युवा ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनें। उनके मुताबिक ख्यामई में शुरू हो रही यह परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
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