Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अपनी जनता पार्टी ने यूजीसी एक्ट लागू करने की मांग:उच्च शिक्षा में भेदभाव, छात्र आत्महत्याएं रोकने राष्ट्रपति के नाम ADM को दिया ज्ञापन

    1 hour ago

    1

    0

    अपनी जनता पार्टी ने बुधवार को कासगंज जिला कलेक्ट्रेट पर उच्च शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी एक्ट 2026 को तत्काल लागू करने की मांग की। पार्टी ने इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन कासगंज के जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के निर्देश पर यह ज्ञापन सौंपा गया। कासगंज के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी प्रणय सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया गया है कि यूजीसी एक्ट 2026 एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले जातीय अपमान और भेदभाव को रोकना है। यह विधेयक धर्म, जाति, नस्ल, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव पर रोक लगाएगा। जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य ने कहा कि यह एक्ट भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 17, 18, 21 और 21-क के तहत समानता, गरिमा और शिक्षा के अधिकार की भावना को मजबूत करेगा। उन्होंने आगे कहा कि इसके लागू होने से विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक मानकों का एकीकरण, प्रशासनिक उत्तरदायित्व और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी। ज्ञापन में रोहित वेमुला, डॉ. पायल तड़वी और आईआईटी छात्र दर्शन सोलंकी जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया गया। पार्टी का मानना है कि ऐसे एक्ट से भविष्य में कोई भी शिक्षार्थी ऐसी दुखद घटनाओं का शिकार नहीं बनेगा। पार्टी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। आंकड़ों के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में कम से कम 27 से 30 छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें आईआईटी कानपुर से सर्वाधिक 9 मामले सामने आए हैं। हाल ही में 4 फरवरी, 2026 को आईआईटी बॉम्बे में और 20 जनवरी, 2026 को आईआईटी कानपुर में भी आत्महत्या के मामले सामने आए थे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    शंकराचार्य केस में दावा- नाबालिगों से यौन शोषण की पुष्टि:मेडिकल रिपोर्ट आई, पीड़ित बटुक बोला- अविमुक्तेश्वरानंद ने शोषण किया
    Next Article
    व्यापार मंडल ने की ई-कॉमर्स पर नियंत्रण की मांग:अयोध्या में सपा सांसद के प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन, पीएम से हस्तक्षेप की मांग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment