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    अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर सांकेतिक हड़ताल:केमिस्ट और दवा विक्रेताओं ने कलेक्ट्रेट में पैदल मार्च निकालकर की नारेबाजी

    10 hours ago

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    अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर आज दवा व्यापारी सांकेतिक हड़ताल पर हैं। जहां दवाइयों की दुकानों को भी बंद रखा गया। एक दिन पहले ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी थी। कलेक्ट्रेट में बैनर लेकर पैदल मार्च निकालकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। जहां DM के नाम ज्ञापन दिया। जिसमें मांग रखते हुए कहा कि अवैध ऑनलाइन दवाओं की बिक्री जन-स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ रहा है, इसके गंभीर खतरे हैं। दवा व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि नकली दवाओं से देश बचाओ। सांकेतिक हड़ताल में दुकानें बंद गाजियाबाद केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदेव त्यागी ने कहा- हमने अपनी सभी दवा दुकानें एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के रूप में बंद रखी है। यह कदम लंबे समय से संबंधित प्राधिकरणों से लगातार निवेदन एवं आग्रह करने के बावजूद इंटरनेट के माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री पर कोई प्रभावी कार्यवाही न होने के विरोध स्वरूप उठाया गया है। देशभर के लाखों केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं में व्याप्त गहरे असंतोष के कारण, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स तथा ऑर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट उत्तर प्रदेश के आह्वान पर गाजियाबाद केमिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में समस्त दवा विक्रेताओं ने संयुक्त एवं सर्वसम्मति से इस आंदोलन में भाग लिया है। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होतीं, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। मरीजों पर पड़ रहा बुरा प्रभाव हम समस्त दवा व्यापारी स्थानीय प्रशासन को यह ज्ञापन देकर हम आपका ध्यान जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा से जुड़े अत्यंत गंभीर विषयों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण तथा अत्यधिक छूट जैसी गतिविधियां करोड़ों मरीजों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। साथ ही, ये देशभर के लाखों लाइसेंसधारी छोटे केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी सीधा संकट उत्पन्न कर रही है। साल 2018 में केवल जनमत आमंत्रित करने के लिए जारी अधिसूचना GSR 817(E) अब अप्रासंगिक एवं निरर्थक हो चुकी है। कोराना के समय इमरजेंसी जरुरत रही दवा व्यापारियों ने कहा कि कोविड महामारी जैसी असाधारण परिस्थिति में जारी GSR 220 जिसकी आवश्यकता केवल आपातकालीन समय में थी, वर्तमान सामान्य परिस्थितियों में आवश्यक नहीं है, लेकिन इसका दुरुपयोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा अनियंत्रित होम डिलीवरी के लिए किया जा रहा है। ऑनलाइन अवैध बिक्री से दवा व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।
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