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    भाकियू चढूनी का ट्रैक्टर मार्च, तहसीलों पर प्रदर्शन:केंद्र की नीतियों और फ्री ट्रेड डील का विरोध

    12 hours ago

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    भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को केंद्र सरकार की नीतियों और प्रस्तावित भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील के विरोध में जनपद की विभिन्न तहसीलों पर ट्रैक्टर मार्च निकाला। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन महावन तहसील पर भाकियू चढूनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतन सिंह पहलवान के नेतृत्व में हुआ। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ तहसील परिसर पहुंचे और केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां कृषि और किसानों के हित में नहीं हैं, जिससे वे लगातार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसान नेताओं ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील से भारतीय किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है और वहां बड़े पैमाने पर खेती होती है। इसके विपरीत, भारत के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत हैं, जो ऐसी प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे। प्रदर्शनकारी किसानों ने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की खरीद की गारंटी का कानून बनाना, किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, बीज बिल और बिजली बिल को वापस लेना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किसानों, मजदूरों और आम जनता के लिए मुफ्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने की भी मांग की। किसान नेताओं ने बताया कि संगठन इन मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत है। इसी कड़ी में 27 फरवरी को किसान विरोधी नीतियों के विरोध में अमेरिकी राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन भी किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि 23 मार्च को हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पीपली में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस महापंचायत में देशभर से किसान, मजदूर और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जहां आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
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