Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भीम आर्मी ने UGC 2026 का समर्थन किया:चंदौसी में प्रदर्शन कर एसडीएम को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा, 'समान अवसर प्रकोष्ठ' की मांग

    2 hours ago

    1

    0

    संभल में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के साथ कथित भेदभाव के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी 2026 अधिनियम का समर्थन किया। मंगलवार दोपहर 3 बजे, संभल के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने यूजीसी 2026 के समर्थन में एक रैली निकाली। शाम 4 बजे, वे तहसील चंदौसी पहुंचे और एसडीएम आशुतोष तिवारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने यूजीसी अधिनियम 2026 को सख्ती से लागू करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रत्येक कॉलेज में 'इक्वल अपॉर्चुनिटी सेल' (समान अवसर प्रकोष्ठ) का गठन अनिवार्य करने पर भी जोर दिया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में राजीव कुमार, प्रेम सिंघानिया (जिला प्रभारी), रोबिन कुमार आजाद (मंडल महासचिव), विकास कुमार, नदीम मलिक (तहसील अध्यक्ष), सुभाषचंद्र सागर (विधानसभा अध्यक्ष), महेश पाल सैनी, विनीत, लकी सिंह, रिंकू सिंह, शक्ति सिंह, इकरान मलिक, इस्तकार, भगवान सिंह, विकास, बृजेश, बंटी, राजकुमार, सौदान सिंह, राजवीर, हेम चन्द्र और अंकित सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि यूजीसी को पूर्ण रूप से प्रभावी बनाया जाना चाहिए, ताकि शोषण और अत्याचार बंद हो सके। उन्होंने कहा कि जब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए प्रावधान किए गए, तब कोई विरोध नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही यूजीसी की बात आई, तो कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, क्योंकि यह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए है। राजीव कुमार ने आगे कहा कि यूजीसी अभी पूर्ण रूप से लागू नहीं हुआ है, फिर भी विरोध प्रदर्शनों से यह स्पष्ट होता है कि जाति के आधार पर भेदभाव जारी रखने की मंशा है। उन्होंने जोर दिया कि यूजीसी के लागू होने से आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। उनका मानना है कि जब बहुजन समाज के लोग उच्च पदों पर पहुंचेंगे, तभी उन्हें समाज के हित में काम करने का अवसर मिलेगा। कुछ लोग नहीं चाहते कि ये दलित, पिछड़े, आदिवासी और कमजोर लोग आगे बढ़ें। वे हमारी आवाज़ को दबाना चाहते हैं, जैसा कि संविधान लागू होने से पहले सदियों तक होता आया है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बहुजन समाज अब जागरूक हो चुका है और अपने अधिकारों को समझने लगा है। जहाँ भी बहुजन समाज के अधिकारों को दबाया जाएगा, वहाँ हम एक होकर अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पुलिस के हत्थे चढ़े दो शातिर चोर:एक तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद, तीन साथी फरार
    Next Article
    दिव्यांग महिला के बच्चों का आरटीई से होगा दाखिला:जालौन डीएम ने दूरस्थ जनसुनवाई में दिए निर्देश

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment