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    BHU पेड़ कटाई पर 2.65 करोड़ की पेनल्टी:33 पेड़ कटे, NGT ने लगाया 2.65 करोड़ जुर्माना; BHU प्रशासन से छात्रों ने मांगा हिसाब

    12 hours ago

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    वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में 33 वृक्षों की अवैध कटाई से जुड़े मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा बरकरार रखी गई 2.65 करोड़ रुपये की पेनल्टी को लेकर छात्र समुदाय ने विश्वविद्यालय प्रशासन के रुख पर सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि इतने गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक मामले में प्रशासन स्पष्ट जवाब देने के बजाय मामले को टालने की कोशिश कर रहा है। छात्रों ने पूछा- जुर्माने की रकम कौन भरेगा छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन को मांग-पत्र सौंपकर यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि NGT द्वारा निर्धारित जुर्माने की राशि किस स्रोत से जमा की जाएगी। छात्रों ने सवाल उठाया कि क्या यह रकम विद्यार्थियों की फीस या विश्वविद्यालय के सामान्य बजट से दी जाएगी अथवा पेड़ों की कटाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों से इसकी वसूली होगी। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से आशंका बढ़ रही है कि कहीं 2.65 करोड़ रुपये का भार विश्वविद्यालय के सामान्य बजट या अप्रत्यक्ष रूप से विद्यार्थियों पर न डाल दिया जाए। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग छात्र प्रतिनिधियों ने अपने बयान में BHU अधिनियम, 1915 की धारा 7C(3) और सुप्रीम कोर्ट के Lucknow Development Authority बनाम M.K. Gupta (1994) मामले में प्रतिपादित सिद्धांतों का हवाला देते हुए सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, इन कानूनी प्रावधानों की वर्तमान मामले में वास्तविक लागू स्थिति और पेनल्टी की देनदारी किस पर बनती है, इसका अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक आदेशों और लागू कानून की व्याख्या पर निर्भर करेगा। छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए मामले पर स्पष्ट, लिखित और सार्वजनिक बयान जारी करने की मांग की है।
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