Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Bihar MLC: भाजपा में शामिल हुए 2 निर्दलीय एमएलसी, RJD ने की सदस्यता रद्द करने की मांग

    21 hours ago

    5

    0

    पटना, एक नवंबर हाल में निर्वाचित दो निर्दलीय विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा के एक दिन बाद रविवार को विपक्ष ने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए दल-बदल रोधी कानून के तहत दोनों विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की। बंशीधर ब्रजवासी ने पिछले सप्ताह हुए चुनाव में लगातार दूसरी बार तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट बरकरार रखी थी, जबकि राहुल राज भाजपा के बागी नेता हैं और वह सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट जद(यू) को आवंटित किए जाने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर जीते हैं। इन दोनों ने शनिवार शाम यहां भाजपा के विधायकों की बैठक में पहुंचकर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी।दोनों विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) ने भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता पर्चियां हाथ में लेकर तस्वीरें भी खिंचवाईं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर बिहार विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) निर्वाचित होने के एक हफ्ते से भी कम समय बाद भाजपा में शामिल होने की घोषणा करने वाले बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। राजद नेता ने कहा कि दोनों नवनिर्वाचित विधान परिषद के सदस्यों को दल-बदल रोधी कानून का ‘‘उल्लंघन’’ करने के लिए अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।साथ ही, उन्होंने भाजपा पर ‘‘संविधान का मजाक बनाने’’ का आरोप भी लगाया। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दसवीं अनुसूची में स्पष्ट प्रावधान है कि निर्दलीय निर्वाचित कोई भी सदस्य चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है तो उसे सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। राज्यसभा सदस्य एवं राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने भी इन विचारों का समर्थन किया।उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि इस मामले को लेकर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य विधान परिषद के सभापति से मुलाकात करेगा। इसके अलावा, पार्टी इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग का भी रुख करेगी। प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी ने भी सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोला।नवगठित पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह भारत के संवैधानिक लोकतंत्र के साथ अब तक किया गया सबसे क्रूर और भद्दा मजाक है। यह भाजपा की ओर से जनता के बीच अपनी छवि सुधारने की कोशिश है, जिसे हाल में बिहार विधान परिषद की आठ सीट के लिए हुए द्विवार्षिक चुनावों में बेहद खराब प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था।’’ भाजपा ने चार सीट पर चुनाव लड़ा था और दो पर जीत हासिल की। वहीं, उसकी सहयोगी जद(यू) ने शेष सीट पर चुनाव लड़ा और एक सीट पर विजय दर्ज की।इसके अलावा, दो सीट पर राजद और एक सीट पर जन सुराज पार्टी ने जीत दर्ज की। सौरभ ने भाजपा के कई नेताओं के उन दावों को भी खारिज कर दिया, जिनके जरिये उन्होंने यह कहते हुए विवाद को खत्म करने की कोशिश की है कि दोनों निर्दलीय विधान परिषद सदस्यों ने ‘‘पार्टी की सदस्यता नहीं ली थी, बल्कि केवल उसे अपना समर्थन दिया है।’’ जन सुराज पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दोनों विधान परिषद सदस्यों ने मीडिया के सामने जो बयान दिए हैं, उनसे किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं रह जाती। हमने उनकी तस्वीरें भी सुरक्षित रखी हैं, जिनमें पार्टी की सदस्यता पर्चियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं।इन तस्वीरों को विधान परिषद के सभापति और निर्वाचन आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा।’’ सौरभ ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने अपने कई फैसलों में स्पष्ट किया है कि दल-बदल रोधी कानून के ऐसे उल्लंघनों पर तीन महीने के भीतर कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि इस मामले में ऐसा नहीं होता है, तो हम उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।’’
    Click here to Read more
    Prev Article
    Manoj Sinha ने PM Package कर्मचारियों के लिए कश्मीर में 1,416 फ्लैट्स का किया उद्घाटन
    Next Article
    शाम छह बजे तक की बड़ी खबरें: Rahul Gandhi का EC पर निशाना, GST संग्रह में बड़ा उछाल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment