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    बलरामपुर में राप्ती नदी शांत, बाढ़ का खतरा टला:सिसई घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से नीचे, प्रशासन रख रहा पैनी नजर

    8 hours ago

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    बलरामपुर में राप्ती नदी शांत बनी हुई है। फिलहाल जिले में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। मंगलवार सुबह 8 बजे सिसई घाट पर राप्ती का जलस्तर 102.720 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 104.620 मीटर से 1.9 मीटर नीचे है। नदी का डिस्चार्ज 11,305 क्यूसेक रहा। जलस्तर सामान्य होने से जिले में कहीं भी बाढ़, जलजमाव या नदी कटान की स्थिति नहीं है। बारिश और नदी के उतार-चढ़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन और बाढ़ खंड ने संवेदनशील क्षेत्रों और तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन के अनुसार, सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। संबंधित टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं। मंगलवार सुबह तक सिसई घाट पर 4.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, जिले की वास्तविक औसत वर्षा 23.14 मिलीमीटर रही। 1 जून से 8 सितंबर तक सिसई घाट पर कुल 624.24 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में जिले में बारिश सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम रही है। प्रशासन का कहना है कि कम बारिश के बावजूद नदी और तटबंधों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता में कोई कमी नहीं की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसका मकसद जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी या किसी अन्य स्थिति से तुरंत निपटना है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही जरूरी इंतजाम पूरे कर रखे हैं। बाढ़ सुरक्षा समितियां बनाई गई हैं। सूचनाओं के तेजी से आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप भी सक्रिय हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहा है। आम लोग बाढ़ से जुड़ी जानकारी या सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष के नंबर 05263-232283 और 7706881121 पर संपर्क कर सकते हैं। आकस्मिक स्थिति में तुरंत बचाव और मरम्मत कार्य के लिए जरूरी सामग्री का रिजर्व स्टॉक उपलब्ध है। तटबंधों पर बने रैट होल, शाही होल और रेन कट्स की मरम्मत पूरी हो चुकी है। सभी रेगुलेटर भी चालू हालत में बताए गए हैं। जिले में स्वीकृत छह बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं में से पांच का काम पूरा हो चुका है। छठी परियोजना का 95 प्रतिशत काम पूरा कर तटबंध को सुरक्षित स्तर तक मजबूत कर दिया गया है।
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