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    बलिया में किराना दुकान में आग, पत्नी-बेटे की मौत:पति छत से कूदा, पैर फ्रैक्चर; पुलिस-दमकल ने 5 घंटे में बुझाई आग

    3 hours ago

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    बलिया में घर में आग लगने से मां-बेटे की दम घुटने से मौत हो गई। जबकि पिता बचने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूद गया। आसपास के लोगों ने आग की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिंगेड टीम ने आग बुझाई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। वहीं, घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया। मकान में ही नीचे किराना की होलसेल दुकान है। जबकि परिवार ऊपर रहता है। रविवार-सोमवार की रात करीब 3 बजे दुकान में आग लगी। धीरे-धीरे पूरे घर में फैल गई। दुकान मालिक ने आग बुझाने का प्रयास किया। घर में एक ही रास्ता होने के चलते कोई बाहर नहीं निकल पाया। इसी बीच दुकान मालिक की पत्नी ने फोन करके बगल में कपड़े की दुकान के मालिक को फोन कर कहा- भइया बचा लो घर में आग लग गई है, नहीं तो हम मर जाएंगे। इसके थोड़ी ही देर में मां और 4 साल के बेटे की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं, दुकान मालिक जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूद गया। जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। घटना गड़वार थाना क्षेत्र के चिलकहर गांव की है। तस्वीरें देखिए… जानिए पूरा मामला चिलकहर गांव के रहने वाले नीरज चौरसिया (32) ने 5 साल पहले गांव से निकलकर चिलकहर-मटिहीं रोड एक मकान बनाया था। इसी मकान में आगे की ओर दो दुकानें हैं और पीछे परिवार रहता है। नीरज इस मकान में अपनी पत्नी रितिका (27), बेटे धीरज (4), छोटे भाई दीपक (28) और दुकान में काम करने वाले एक नौकर राजू गुप्ता के साथ रहता था। रविवार की रात पूरा परिवार खाना-पीना खाकर सो रहा था। तभी अचानक दुकान में आग लग गई और पूरे घर में धुआं भरने लगा। घुटन महसूस होतो ही नीरज की आंख खुल गई। वह दुकान में भागा। लेकिन तबतक आग काफी तेज हो गई थी। वह ऊपर अपने परिवार के पास आया। बचाने के लिए कोशिश की लेकिन बाहर का दरवाजा नहीं खुला। इसी हड़बड़ी में नौकर राजू गुप्ता छत पर मदद के लिए भागा। लेकिन कोई दिखा नहीं। रितिका ने पड़ोसी से कहा- भइया बचा लीजिए नीरज आग बुझाने की कोशिश करने लगा। वहीं उसकी पत्नी रितिका ने अपने पड़ोस के दुकानदार पिंटू सिंह को फोन किया। बताया- भइया घर में आग लग गई, बचा लो नहीं तो हम सब मर जाएंगे। पिंटू तत्काल नीरज के घर के सामने पहुंचा। पिंटू ने बताया कि तीन बजे हमारे पास नीरज और हमारी रितिका ने फोन कर बताया कि घर में आग लग गई है। हम तुरंत घर की तरफ दौड़े। जब पहुंचे तो देखा कि भाई ऊपर से कूद गए थे और बाहर निकले। हमने बचाव के लिए कोशिश की। हमारी दुकान, जो पास में कपड़े की है, वहां से सीढ़ी लेकर पीछे की तरफ लगाई। लेकिन अंदर नहीं जा पाए। नीरज ने किसी तरह बेटे-पत्नी रितिका बाहर निकाला इसके बाद हमने मेन गेट पर लगे ताले को तोड़ा। जैसे ही ताले टूटे, हम लोग अंदर जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन वहां भी आग लगी हुई थी। हमने पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। नीरज किसी तरह से अंदर घुसा और अपने बेटे धीरज और पत्नी रितिका को किसी तरह से बाहर निकाला। कहा कि इन्हें तुरंत अस्पताल ले जाओ। जब हम लोग दरवाजे तक उन्हें लेकर आए, तो देखा कि दम घुटने से उनकी मौत हो गई थी। कूदने की वजह से नीरज के पैर में फ्रैक्चर भी हुआ था, चोट गंभीर थी। नीरज के पिता भी उस समय घर में थे। फिलहाल उनका कोई पता नहीं है कि वह कहां हैं। मौके पर जाने पर देखा कि ऊपर और नीचे दोनों ताले बंद थे और बाहर से उन्हें बाहर निकाला गया था। रितिका के पिता का आरोप- ससुर ने गेट बाहर से बंदकर आग लगाई रितिका के पिता ने आरोप लगाया कि हमारी बेटी जब से ससुराल आई थी। तब से वह लगातार डिप्रेशन में थी। वह फोन करके कहती थी कि उसके सास-ससुर और जेठ हमेशा उसे और नीरज को परेशान करते थे। घर से निकल जाने के लिए कहते थे। बेटी की सुरक्षा के लिए हमने उसे जमीन खरीदवाकर एक मकान भी बनवा दिया था। जब मेरी बेटी और दामाद उसमें रहने लगे तो उसका सास ने थाने में तहरीर दी कि यह मकान खाली कर दो। क्योंकि नीरज और उसके छोटे भाई पंकज ने जमीन अपनी मां के नाम लिया था। वहीं, नीरज के बड़े भाई दीपक बाहर नौकरी करते थे, लेकिन मकान बनने की बात सुनकर वह भी लौट आए और मकान पर 1/3 हिस्सा लगाकर उसमें एक दुकान खोलकर रहने लगे। नीरज की मां और भाई दीपक ने उसपर दबाव डालकर थाने बुलवाया और फिर जबरन लिखवाया कि वह 6 महीने में मकान खाली कर देंगे। उसके पहले ही रात में घटना घट गई। नीरज के पिताजी ने ही मकान में आगे से ताला लगाकर दीपक और नीरज की मां के कहने पर आग लगा दी। एसपी ने बताया- साढ़े तीन बजे मिली घटना की सूचना वहीं एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि चिलकहर में एक दुकान में आग लगी है। सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। वहां जाकर देखा गया कि यह एक अलग मकान है, दो मंजिला, जिसमें थोक का व्यापार चलता था। पूरे मकान में किराने का सामान रखा हुआ था और आग काफी व्यापक रूप धारण कर चुकी थी। फायर ब्रिगेड की टीमों के साथ सभी अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश की। इस घटना में चार साल के मासूम और एक महिला की दम घुटने से मौत हो गई। फील्ड यूनिट घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। ----------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- मामी से निकाह के लिए पत्नी की हत्या की:संभल में 4 बच्चों के सामने वारदात, पकड़े जाने के डर से खुद को भी कैंची मारी संभल में मामी से निकाह के लिए पति ने पत्नी की हत्या कर दी। उसने अपने 4 बच्चों के सामने पत्नी को कैंची भोंककर मार डाला। इसके बाद पकड़े जाने के डर से खुद भी सुसाइड करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पति नफीस (40) मेडिकल स्टोर चलाता है, जबकि मृतक पत्नी नजमा (38) आशा वर्कर का काम करती थी। पढ़ें पूरी खबर…
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