Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ब्रह्मोस को मिला 6 बिलियन का महा ऑर्डर, सन्न हुआ अमेरिका

    10 hours ago

    1

    0

    एक समय ऐसा भी आएगा जब दुनिया की महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका के सबसे घातक पेट्रिएट मिसाइल सिस्टम को दुनिया डंप करना शुरू कर देगी और उसकी जगह चुनाव होगा भारत में बने आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल का। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं है बल्कि हकीकत बन चुकी है। आज पूरी दुनिया भारत के स्वदेशी मिसाइल तकनीक की कायल हो चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब हमने अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता दिखाई तब शायद दुनिया को अंदाजा नहीं था कि भारत बहुत जल्द ग्लोबल डिफेंस मार्केट का पावर हाउस बनने वाला है। अब खबर आई है कि कई देशों ने अमेरिकी पेट्रियट सिस्टम की बजाय भारत की आकाश मिसाइल को अपना प्रेफरेबल विकल्प चुन लिया है।  इसे भी पढ़ें: Kyiv के Bucha में रूसी हमले में 27 की मौत, 50 रिहायशी इमारतें हुईं क्षतिग्रस्तसिर्फ आकाश ही नहीं हमारी ब्रह्मोस की दहाड़ भी इतनी तेज है कि इसकी ऑर्डर बुक ने $6 बिलियन का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। दरअसल दुनिया भर के डिफेंस जनरल्स और हालिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के एक पेट्रिएट मिसाइल इंटरसेप्टर को बनाने की लागत लगभग ₹60 करोड़ यानी कि 7 बिलियन आती है। अब इसके मुकाबले भारत की डीआरडीओ द्वारा तैयार आकाश मिसाइल को देखिए। इसे बनाने का खर्च मात्र 4 से ₹4.5 करोड़ यानी 0.5 मिलियन है। यानी सीधा-सीधा 14 गुना का अंतर। अब आप सोच रहे होंगे कि क्या सस्ती होने से क्वालिटी पर फर्क पड़ता है? तो जवाब है बिल्कुल नहीं। इसे भी पढ़ें: भारत के हाथ आया Javelin हथियार, अब दुश्मनों के टैंकों की खैर नहीं! America से हुआ बड़ा रक्षा सौदाआकाश मिसाइल सिस्टम सिर्फ एक मिसाइल नहीं बल्कि एक कंप्लीट इकोसिस्टम है। इसमें आधुनिक रडार, कमांड, कंट्रोल और लांचर शामिल है। यह लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, यूएईवी और क्रूज मिसाइलों को पलक झपकते ही तबाह करने की क्षमता रखता है। अब सवाल यह है कि आखिर दुनिया पेट्रियट को क्यों डिच कर रही है? देखिए इसकी एक बड़ी वजह हालिया वैश्विक युद्ध है। रूस यूक्रेन हो या इजराइल, ईरान संघर्ष हर जगह एयर डिफेंस मिसाइलों का इस्तेमाल अनप्रेसिडेंटेड लेवल पर हुआ है। अमेरिका की अपनी रिपोर्ट कहती है कि उनकी पेट्रियट इन्वेंटरी तेजी से खत्म हो रही है। ईरान के खिलाफ ही अमेरिका अपने 1500 से ज्यादा इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर चुका है। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    ताशकंद में PM का ग्रैंड वेलकम, दूर-दूर तक गूंजता मोदी-मोदी का नारा
    Next Article
    Trump की 'ऐतिहासिक' Venezuela Oil Deal, 65 अरब बैरल तेल पर US के नियंत्रण के क्या हैं मायने?

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment