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    सपा नेता रेवती रमण के जन्मदिन पर पहुंचे भाजपा विधायक:फेसबुक पर तस्वीर भी पोस्ट की, प्रयागराज की सियासत में बढ़ीं चर्चाएं

    27 minutes ago

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    प्रयागराज की राजनीति में इन दिनों शहर उत्तरी विधानसभा सीट को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेई का समाजवादी पार्टी के पुराने दिग्गज और पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह के जन्मदिन समारोह में पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। 26 अगस्त को हर्षवर्धन बाजपेई रेवती रमण सिंह के जन्मदिन समारोह में पहुंचे। उन्होंने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और काफी देर तक उनसे बातचीत की। इस दौरान रेवती रमण सिंह के सांसद बेटे उज्ज्वल रमण सिंह भी मौजूद रहे। विधायक ने उनसे भी बातचीत की। यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में आ गई क्योंकि हर्षवर्धन बाजपेई ने समारोह की तस्वीर अपने फेसबुक प्रोफाइल पर भी साझा की। अब इसके राजनीतिक संदेश को लेकर भी अलग-अलग तरह की व्याख्या शुरू हो गई है। पहले तस्वीरें देखिए… समारोह में पहुंचे, गुफ्तगू भी की प्रयागराज की सियासत में रेवती रमण सिंह को समाजवादी राजनीति के पुराने और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। ऐसे में हर्षवर्धन का उनके जन्मदिन समारोह में पहुंचना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बनना स्वाभाविक माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह सिर्फ राजनीतिक शिष्टाचार और व्यक्तिगत संबंधों का मामला हो सकता है। वहीं कुछ राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को 2027 से पहले प्रयागराज में बन रहे संभावित चुनावी समीकरणों के संदर्भ में देख रहे हैं। 2027 से पहले केशव मौर्य के नाम की भी चर्चा दरअसल, शहर उत्तरी विधानसभा सीट को लेकर यह चर्चा उस समय और महत्वपूर्ण हो जाती है जब प्रयागराज में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के संभावित समीकरणों की बातें शुरू हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इन दिनों चर्चा है कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 2027 का विधानसभा चुनाव प्रयागराज शहर क्षेत्र की किसी सीट से लड़ सकते हैं। इन चर्चाओं में शहर उत्तरी विधानसभा सीट का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। चर्चा की एक वजह पिछले कुछ समय में केशव प्रसाद मौर्य की शहर उत्तरी क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता भी बताई जा रही है। वह क्षेत्र के लोगों से व्यक्तिगत संपर्क बढ़ा रहे हैं और लोगों के घर जाकर उनसे मुलाकात भी कर रहे हैं। यही वजह है कि उनकी संभावित चुनावी सीट को लेकर अटकलों में शहर उत्तरी का नाम भी लगातार सामने आ रहा है। अलग राजनीतिक नजरिए से देखी जा रही मुलाकात केशव मौर्य की सक्रियता और शहर उत्तरी से उनके संभावित चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच हर्षवर्धन बाजपेई का रेवती रमण सिंह के जन्मदिन समारोह में पहुंचना अब अलग राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के एक वर्ग में यह चर्चा है कि अगर भविष्य में शहर उत्तरी सीट पर भाजपा कोई फेरबदल करती है तो मौजूदा विधायक के सामने राजनीतिक विकल्पों को लेकर स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े होंगे। इसी संदर्भ में कुछ लोग 26 अगस्त को हुए घटनाक्रम को इस संभावना से जोड़कर देख रहे हैं कि विधायक ने भी भविष्य की राजनीति को लेकर अलग-अलग संभावनाओं पर विचार करना शुरू कर दिया हो। शहर उत्तरी फिलहाल भाजपा का मजबूत किला शहर उत्तरी विधानसभा सीट के पिछले चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो मौजूदा समय में यह सीट भाजपा के मजबूत किलों में गिनी जाती है। 1991, 1993, 1996 और 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र कुमार सिंह गौर ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2017 और 2022 में हर्षवर्धन बाजपेई ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की और लगातार दो बार विधायक बने। हालांकि, शहर उत्तरी सीट पर कांग्रेस का भी लंबा राजनीतिक प्रभाव रहा है और पार्टी इस सीट पर आठ बार जीत दर्ज कर चुकी है। इसके बावजूद पिछले कुछ चुनावों के नतीजों और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए शहर उत्तरी को भाजपा की मजबूत सीट माना जाता है। राजनीतिक चर्चाओं में कई लोग इसे भाजपा की ‘सेफ सीट’ भी कहते हैं। घटनाक्रम में छिपा बड़ा पॉलिटिकल संदेश पॉलिटिकल एक्सपर्ट और वरिष्ठ पत्रकार सुनील शुक्ला कहते हैं, जिस तरह से केशव प्रसाद मौर्य की सक्रियता बढ़ी है, उससे यह सवाल तेजी से राजनीतिक गलियारों में उठने लगा है कि अगर ऐसा हुआ तो हर्ष कहां जाएंगे। यह स्वाभाविक है कि हर्ष बाजपेयी शहर उत्तरी सीट छोड़कर जाना नहीं जाएंगे। उनकी दादी और पिता यहां से विधायक रहे। इस सीट पर उनका और उनके परिवार का एक बड़ा जनाधार तो है ही। ऐसे में विपरीत परिस्थितियां बनने पर दल विशेष का समर्थन मिल जाए तो वह बेहद मजबूत पोजीशन में होंगे। जहां तक फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करने का सवाल है तो इसका सीधा अर्थ यह है कि वह भाजपा ही नहीं बल्कि समर्थकों में भी संदेश पहुंचाना चाहते हैं। ऐसे में यह कहना कहीं से गलत नहीं होगा कि हर्षवर्धन बाजपेयी सभी संभावनाओं के द्वार खुले रखना चाहते हैं। क्या कहते हैं पार्टी पदाधिकारी भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता कहते हैं, “किसी के जन्मदिन पर जाकर उन्हें बधाई देने के राजनीतिक निहितार्थ निकालना सही नहीं। सबके अपने व्यक्तिगत संबंध होते हैं। जहां तक यह सवाल है कि इससे पहले कभी उन्होंने बधाई दी या नहीं, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। सोशल मीडिया पर उन्होंने फोटो पोस्ट किया है, इसके बारे में भी मुझे जानकारी नहीं है।” उधर सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि यह किसी दल का कार्यक्रम नहीं था। इसमें कई राजनीतिक दल के लोग पहुंचे थे। ऐसे में इसे चुनाव से जोड़कर देखना फिलहाल सही नहीं है। यह पार्टी नेतृत्व ही तय करेगा कि टिकट किसे मिलेगा। विधायक से नहीं मिला जवाब इस संबंध में हमने विधायक हर्ष बाजपेयी से भी बात करने का प्रयास किया। हालांकि उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
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