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    बरेली में बिजली विभाग ने बीजेपी कार्यालय को भेजी आरसी:जिलाध्यक्ष बोले- समय पर भरते हैं बिल; फिर ये मनमानी क्यों

    6 hours ago

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    यूपी के बरेली में बिजली विभाग के 'अजब-गजब' कारनामे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। विभाग की कार्यप्रणाली अब सत्ताधारी दल के लिए भी सिरदर्द बन गई है। ताजा मामला रामपुर गार्डन स्थित भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय का है( जहां विभाग ने 99,996 रुपये की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर दी है। जैसे ही वसूली की फाइल एडीएम एफआर कार्यालय पहुंची। भाजपाइयों में हड़कंप मच गया। अधिशासी अभियंता सूर्य कुमार की ओर से 18 फरवरी को जारी इस नोटिस ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिलाध्यक्ष बोले- अधिकारियों से करेंगे हिसाब-किताब इस पूरे प्रकरण पर भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा कार्यालय का बिजली बिल हमेशा समय पर जमा किया जाता है, ऐसे में आरसी जारी करना समझ से परे है। कहा कि यह किसी अधिकारी की बड़ी लापरवाही है और इस संबंध में उच्चाधिकारियों से सीधी बात की जाएगी कि आखिर बिना किसी ठोस आधार के यह मांगपत्र कैसे जारी कर दिया गया। आम हो या खास, बिजली विभाग से हर कोई त्रस्त बरेली में बिजली विभाग की मनमानी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले विभाग ने सिटी मजिस्ट्रेट आवास की 22 लाख रुपये से अधिक की आरसी जारी कर सुर्खियां बटोरी थीं। दबी जुबान में भाजपा नेता भी मान रहे हैं कि विभाग में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का बोलबाला है। नया कनेक्शन लेना हो या बिल ठीक कराना, आम जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने के साथ-साथ 'जेब ढीली' करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। नेताओं का कहना है कि विभाग अब अपनी मनगढ़ंत आरसी के जरिए सीधे शासन-प्रशासन को चुनौती दे रहा है। वसूली के नाम पर दहशत का माहौल ​फिलहाल, यह आरसी वसूली के लिए एडीएम एफआर कार्यालय में लंबित है। विभाग के इस कदम ने न केवल भाजपा कार्यालय की वित्तीय व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि बिजली विभाग के भीतर चल रही आंतरिक अव्यवस्था को भी उजागर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि जिलाध्यक्ष की आपत्ति के बाद विभाग अपनी गलती सुधारता है या फिर यह मामला शासन स्तर तक पहुंचता है।
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