Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    स्कूल में ‘एआई का ड्राइविंग लाइसेंस’:शिक्षक चैट्बॉट्स का सही इस्तेमाल करना सिखा रहे ताकि कमान छात्रों के हाथ में रहे, वॉशिंगटन पार्क स्कूल ने शुरू किया अनूठा कोर्स

    1 hour ago

    1

    0

    न्यूयार्क के नेवार्क में स्थित ‘वॉशिंगटन पार्क हाई स्कूल’ की एक कक्षा में इन दिनों अजीब सा सन्नाटा और फिर गहन चर्चा का शोर सुनाई देता है। यहां विषय गणित या इतिहास नहीं, बल्कि कुछ ऐसा है जो आने वाले कल की दिशा तय करेगा, एआई लिटरेसी। टीचर माइक टॉबमैन और स्कॉट कर्न ने मिलकर हाल ही में 12वीं के छात्रों के लिए अनूठा कोर्स शुरू किया है। उनका मानना है कि एआई एक कार की तरह है। वे चाहते हैं कि उनके छात्र इस टेक्नोलॉजी के सिर्फ ‘पैसेंजर’ बनकर पीछे न बैठें, बल्कि कुशल ‘ड्राइवर’ बनकर इसे सही दिशा में ले जाएं। टॉबमैन इस क्लास की तुलना ड्राइविंग टेस्ट की तैयारी से करते हैं। क्लास में वाइटबोर्ड पर एक सवाल चमकता है- ‘क्या आप तकनीक को चला रहे हैं या तकनीक आपको चला रही है?’ छात्र एड्रियन फैरेल (18) बताते हैं कि वे एआई का इस्तेमाल अपने गणित के होमवर्क की शुद्धता जांचने के लिए करते हैं। वहीं, ब्रायना पेरेज स्वीकार करती हैं कि जब वे स्पॉटिफाई का ‘एआई डीजे’ सुनती हैं, तो ‘पैसेंजर मोड’ में होती हैं क्योंकि टेक्नोलॉजी उनकी पसंद तय कर रही होती है। स्कूल के टीचर्स ने इस नए कोर्स में कुछ दिलचस्प तरीके अपनाए हैं। इतिहास की क्लास में खास चैटबॉट बनाया गया है जो छात्रों के तर्कों को चुनौती देता है। जब 17 साल की एलिसन ने दंगे के कारणों पर तर्क रखा, तो चैटबॉट ने उससे कहा-‘मैं तुम्हें इस पर थोड़ा और सोचने को कहूंगा।’ एलिसन कहती हैं, इस बहस से उनकी सोच और बेहतर हुई। एक अन्य क्लास में बच्चे एआई का इस्तेमाल ‘करियर सिमुलेशन’ के लिए कर रहे हैं। नर्स बनने की तैयारी कर रही 17 साल की अनिया ने एआई की मदद से अपने प्रोजेक्ट को ज्यादा स्पष्ट बनाया। केर्न कहते हैं,‘बच्चे आपस में बात करें या मौलिक सोच का इस्तेमाल करें, तो मैं चाहूंगा कि कभी एआई उसमें दखल न दे। कोर्स में डीपफेक, कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा होती है। ब्रायना कहती हैं,‘अगर ऐसे कोर्स न हों, तो हमें पता ही नहीं चलेगा कि भविष्य में हमारे सामने क्या आने वाला है।’ स्कूल अब इस एआई ‘ड्राइविंग लाइसेंस’ कोर्स को 12वीं के छात्रों के लिए अनिवार्य करने की योजना बना रहा है। एआई लिटरेसी- यह ड्राइविंग टेस्ट के लिए तैयार करने जैसा एआई लिटरेसी चैटबॉट्स को समझकर इस्तेमाल करने की कला है। इसमें तीन बातें अहम हैं- पहली- स्मार्ट प्रॉम्प्टिंग, यानी चैटबॉट से सही सवाल पूछकर सही काम करवाना। दूसरी- जोखिम पहचानना, यानी देखना कि एआई कब गलत जानकारी दे रहा है या कब पक्षपाती है और तीसरी- क्रिएटिविटी, यानी एआई की मदद से कुछ नया बनाना, जैसे अब कुछ बच्चे एप खुद बना रहे हैं। टीचर इसे किशोर को ड्राइविंग टेस्ट के लिए तैयार करने जैसा मानते हैं- इसलिए इसे ‘एआई का ड्राइविंग लाइसेंस’ कहा जा रहा है|
    Click here to Read more
    Prev Article
    NCERT चैप्टर विवाद, सुप्रीम कोर्ट बोला- सिर्फ माफी काफी नहीं:यह ज्यूडिशियरी को बदनाम करने की एक गहरी, सोची-समझी साजिश
    Next Article
    सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज के 3 नए फोन लॉन्च:कीमत ₹88 हजार से शुरू; प्राइवेसी फीचर से स्क्रीन साइड वाले को नहीं दिखेगी

    Related साइंस & टेक्नॉलजी Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment