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    बरेली नगर निगम की बैठक में विपक्ष का हंगामा:सपा पार्षद दल के नेता बोले- 52 लाख खर्च हुए, शहर में बंदरों का आतंक

    7 hours ago

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    बरेली नगर निगम बोर्ड की बैठक शुक्रवार को करीब 6 घंटे चली। बैठक में विपक्षी पार्षदों ने शहर की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर महापौर और अधिकारियों को घेरा। सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने बंदरों के आतंक, स्मार्ट सिटी, सड़कों की गुणवत्ता, नाला सफाई, सीवर और शिलापट्ट के मुद्दे उठाए। 4 साल में 9,241 बंदर पकड़े, खर्च हुए 52.54 लाख गौरव सक्सेना ने सदन में नगर निगम के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2022-23 से 2025-26 तक 9,241 बंदर पकड़े गए। इन पर 52 लाख 54 हजार 709 रुपए खर्च हुए। अकेले 2024-25 में 4,048 बंदर पकड़े गए और 28.86 लाख रुपए से ज्यादा खर्च हुए। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी शहर में बंदरों का आतंक बना हुआ है। सदन में तय हुआ कि 1 सितंबर से चारों जोन में टेंडर के जरिए बंदर पकड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। 6 वार्डों में सिमटी 945 करोड़ की स्मार्ट सिटी स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। सक्सेना के मुताबिक बरेली में 80 वार्ड हैं, लेकिन एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत सिर्फ 6 वार्डों को चुना गया। इन वार्डों में 65 परियोजनाओं पर करीब 945 करोड़ रुपए खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि अब स्मार्ट सिटी में नए वार्ड जोड़ने या नए काम कराने की योजना नहीं है। इससे बाकी 74 वार्डों के लोगों को परियोजना का लाभ नहीं मिल सका। 3 साल से सीवर की समस्या, पार्षद सदन में धरने पर बैठे आजम नगर के सपा पार्षद आरिफ कुरैशी ने इलाके में सीवर की समस्या को लेकर सदन में धरना दिया। आरोप है कि उनके घर के सामने और आसपास की सड़कों पर तीन साल से सीवर का गंदा पानी बह रहा है। धरने के बाद महापौर ने तीन अधिकारियों को मौके पर भेजकर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए। सड़क धंसने और नाला सफाई पर भी सवाल विपक्ष ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बरेली कॉलेज के सामने और स्काईवॉक के नीचे हाल में बनी सड़कें धंस गईं। पार्षदों ने काम की गुणवत्ता की जांच की मांग की। नाला सफाई को लेकर भी पार्षदों ने अधिकारियों को घेरा। आरोप लगाया कि कागजों में सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च दिखाए जाते हैं, जबकि कई बड़े नालों की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। अक्टूबर में नए सभागार में होगी बोर्ड बैठक नगर निगम की नई बहुमंजिला इमारत तैयार होने के बावजूद बोर्ड बैठक पुराने सभागार में हो रही है। इस पर सवाल उठने के बाद नगर निगम प्रशासन ने आश्वासन दिया कि अक्टूबर में होने वाली अगली बोर्ड बैठक नए सभागार में ही होगी। गृहकर-जलकर के ब्याज में छूट पर सहमति बैठक में गृहकर और जलकर के बकाए पर लगने वाले ब्याज यानी सरचार्ज को लेकर भी चर्चा हुई। सदन में 16 अगस्त से बकाए पर ब्याज में पूरी छूट देने पर सहमति बनी। विपक्ष ने मांग की कि 2007 से अब तक के सभी बकाएदारों को इसका लाभ दिया जाए। शिलापट्ट पर पार्षदों का नाम लिखने की मांग विकास कार्यों के शिलापट्ट पर जनप्रतिनिधियों के नाम लिखने का मुद्दा भी उठा। विपक्ष ने कहा कि सांसद, विधायक और एमएलसी के नाम लिखे जाएं, लेकिन संबंधित वार्ड के पार्षद का नाम भी शिलापट्ट पर दर्ज होना चाहिए। महापौर डॉ. उमेश गौतम ने इस मांग पर सहमति जताई और शासन व नगर विकास मंत्री को पत्र भेजने का आश्वासन दिया। डेलापीर ईडब्ल्यूएस क्वार्टर की जांच होगी डेलापीर के ईडब्ल्यूएस क्वार्टर में रजिस्ट्री और अवैध दुकानों का मामला भी बैठक में उठा। आरोप है कि कई मूल आवंटी रजिस्ट्री के लिए परेशान हैं, जबकि कुछ क्वार्टरों में अवैध रूप से दुकानें चल रही हैं। महापौर ने जांच के लिए कमेटी बनाई है। इसमें गौरव सक्सेना को भी सदस्य बनाया गया है। कमेटी 15 दिन में बैठक कर मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगी।
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