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    बांदा कोडीन कांड में 3 मेडिकल एजेंसियों के लाइसेंस रद्द:चौथी मेडिकल स्टोर से कोडीनयुक्त दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक

    10 hours ago

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    बांदा में कोडीनयुक्त कफ सीरप की अवैध खरीद-बिक्री के मामले में औषधि विभाग ने कार्रवाई की है। अब तक तीन मेडिकल एजेंसियों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। वहीं, चौथी एजेंसी से कोडीनयुक्त दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। हाल ही में हमीरपुर के टेढ़ा मोड़ स्थित ओम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस रद्द किया गया। जांच में 3 सितंबर को पकड़ी गई कोडीन सीरप की खेप का बिल इसी एजेंसी के नाम पर मिला था। ओम मेडिकल एजेंसी रवींद्र गुप्ता के नाम पर चलती है। रवींद्र गुप्ता मामले के मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता उर्फ किशन का बहनोई है। 3 सितंबर को कोडीनयुक्त कफ सीरप की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इसके बाद औषधि विभाग ने इससे जुड़े मेडिकल कारोबारियों और एजेंसियों के दस्तावेज खंगालना शुरू किया। इसी दौरान पकड़ी गई खेप से संबंधित बिल ओम मेडिकल एजेंसी के नाम पर सामने आया। औषधि विभाग ने एजेंसी से खरीद-बिक्री, बिल और दवाओं की सप्लाई से जुड़े रिकॉर्ड के संबंध में जवाब मांगा था। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की। सहायक आयुक्त औषधि वीरेंद्र कुमार ने मंगलवार देर रात इस कार्रवाई की जानकारी दी। ओम मेडिकल एजेंसी से पहले सोमवार को अतर्रा की श्री श्याम मेडिकल एजेंसी और मामा मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस रद्द किए गए थे। विभागीय जांच में दोनों एजेंसियों में लाइसेंस सुरक्षित और प्रदर्शित नहीं मिले। साथ ही, कुछ दवाओं के बिल भी उपलब्ध नहीं कराए गए। नोटिस जारी होने के बाद तय समय में जवाब नहीं मिलने पर दोनों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। अतर्रा के रामलीला मार्ग पर स्थित श्रीराम मेडिकल एजेंसी पर फिलहाल लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई नहीं हुई है। इसका लाइसेंस कल्लूराम पांडेय के नाम पर है। उनके बेटे रोहित पांडेय इस मामले में आरोपी हैं। विभाग के मुताबिक, एजेंसी के नाम कोडीनयुक्त कफ सीरप का बिल नहीं मिला है और नोटिस का जवाब भी दिया गया है। इसलिए फिलहाल कोडीनयुक्त दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है।
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