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    CEO की जांच में फर्जी निकला मंत्री का वोट-जिहाद:वाराणसी में नवदीप रिणवा बोले-4500 वोटर में 9 डुप्लीकेट मिले, 10 अप्रैल को फाइनल वोटर लिस्ट आएगी

    8 hours ago

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    वाराणसी के विधायक और UP सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल के SIR पर उठाए सवाल और वोट जिहाद के दावे को यूपी निर्वाचन ने नकार दिया है। कैबिनट मंत्री के वोट जिहाद का दावा जांच में फर्जी साबित हुआ। जबकि मंत्री की ओर से दी गई सूची की जांच में महज 9 मतदाता डुप्लीकेट मिले, जिनका नाम एक जगह से काटा जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जांच के बाद सभी आरोपों को खारिज कर दिया। सोमवार को वाराणसी पहुंचे मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया- राज्यमंत्री की ओर से कथित फर्जी मतदाताओं की सूची पर हमने जांच की। पहले चरण के सत्यापन में लगभग 4500 मतदाताओं की जांच की गई। इसमें केवल आठ वोटर डुप्लीकेट मिले। मंत्री के तमाम आरोपों पर आगे की जांच प्रक्रिया अभी जारी है और शेष प्रविष्टियों का भी सत्यापन किया जा रहा है। 9000 नाम की सूची डीएम वाराणसी को मिली थी, एक लाख वोट काटने का आरोप लगाया था जिसके बाद चंद नाम मिले, जो डबल फार्म भरने या अन्य कारणों से डुप्लीकेट थे। निर्वाचन की टीम तैयार, 10 अप्रैल को फाइनल सूची होगी जारी यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आधारशिला है। इसे बनाए रखना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 10 अप्रैल 2026 को पूरे प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची भविष्य के सभी चुनावों के लिए स्थायी रिकॉर्ड के रूप में उपयोग में लाई जाएगी। आयोग का लक्ष्य है कि मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी समयबद्ध और त्रुटिरहित हो ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा मजबूत बना रहे। मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति और आगामी चरणों का पूरा होमवर्क कर लिया गया है। फर्जी फार्म भरने की बात प्रमाणित, दर्ज होगी एफआईआर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर फर्जी प्रविष्टि कराई है तभी उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी निर्दोष मतदाता को परेशान नहीं किया जाएगा और केवल ठोस साक्ष्य के आधार पर ही कार्रवाई होगी। पूरे प्रकरण में प्रशासन की प्राथमिकता मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना और जनता के विश्वास को कायम रखना है। नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने नाम और विवरण की जांच करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार कराएं। आयोग का प्रयास है कि अंतिम रूप से प्रकाशित सूची भविष्य के सभी चुनावों के लिए एक भरोसेमंद और स्थायी दस्तावेज के रूप में उपयोगी सिद्ध हो।
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