Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    CJI बोले-गंभीर मामलों में न्यायपालिका संसद का इंतजार नहीं करती:डिजिटल अरेस्ट पर खुद संज्ञान लिया; केंद्र को कठोर कानून बनाने के लिए कहा

    2 hours ago

    1

    0

    भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि भारतीय न्यायपालिका ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए तरह के फ्रॉड पर संसद के कानून बनाने का इंतजार करने के बजाय सक्रिय रूप से कार्रवाई करती है। उन्होंने शनिवार को लंदन में 43वें इंटरनेशनल सिम्पोजियम ऑन इकोनॉमिक क्राइम के समापन समारोह में यह बात कही। CJI ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम पर स्वतः संज्ञान लिया है। इसमें ठग वीडियो कॉल के जरिए खुद को पुलिस अधिकारी, न्यायिक अधिकारी या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों से धोखाधड़ी करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2025 में डिजिटल अरेस्ट के एक मामले में स्वत: संज्ञान लिया था। कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से इस समस्या के स्तर का आकलन करने, अलग अपराध बनाने और नुकसान के अनुपात में सजा तय करने की दिशा में कदम उठाने को कहा था। CJI ने मनी लॉन्ड्रिंग, केजरीवाल जमानत केस और भ्रष्टाचार पर भी बात की; 5 पॉइंट.. 1. PMLA कानून में दुरुपयोग की शिकायतें: सूर्यकांत ने कहा कि PMLA जैसी व्यवस्थाएं पूरी तरह अचूक नहीं हैं। कुछ लोगों ने जांच एजेंसियों पर इसके दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। इनमें गिरफ्तारी के स्पष्ट कारण नहीं बताने और जरूरत से ज्यादा हिरासत में रखने जैसी शिकायतें शामिल हैं। ऐसे मामलों में न्यायपालिका ने हस्तक्षेप कर राहत दी है। 2. गिरफ्तारी के कारण लिखित में देना जरूरी: गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में देना जरूरी है। केवल मौखिक रूप से कारण बताना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल बनाम CBI मामले का भी जिक्र किया और कहा कि लंबे समय तक मुकदमे से पहले हिरासत में रखना सजा में नहीं बदलना चाहिए। 3. मनी लॉन्ड्रिंग का पैसा वापस लाना चुनौती: सूर्यकांत ने कहा कि दुनिया में हर साल बड़े पैमाने पर अवैध धन की मनी लॉन्ड्रिंग होती है। इसके मुकाबले 100 में से एक से भी कम हिस्सा वापस हासिल हो पाता है। ऐसे में अवैध संपत्ति की बरामदगी अब भी बड़ी चुनौती है। 4. कौटिल्य ने भी भ्रष्टाचार का जिक्र किया था: CJI ने करीब 2300 साल पुराने कौटिल्य के अर्थशास्त्र का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि इसमें सरकारी अधिकारियों द्वारा खजाने से धन निकालने के तरीकों का उल्लेख है। कौटिल्य ने सरकारी धन के लालच की तुलना जीभ पर रखे शहद या जहर का स्वाद लेने से की थी। 5. आर्थिक अपराधों से निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग: CJI ने कहा कि आर्थिक अपराध और अवैध पैसा अक्सर देशों की सीमाओं के पार चला जाता है। ऐसे मामलों में दूसरे देशों के साथ सहयोग जरूरी है। उन्होंने म्यूचुअल लीगल असिस्टेंटस ट्रीटी (MLAT) को अवैध संपत्ति और धन को वापस लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु में नेशनल लॉ स्कूल का दीक्षांत समारोह रद्द: CJI सूर्यकांत चीफ गेस्ट थे, छात्रों ने विरोध किया CJI सूर्यकांत को चीफ गेस्ट बनाए जाने के विरोध के बीच गुरुवार को बेंगलुरु नेशनल लॉ स्कूल (NLSIU) ने 12 सितंबर को होने वाला अपना दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया। यहां के छात्र और पूर्व छात्रों के CJI को चीफ गेस्ट बनाने का विरोध कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    जिम ट्रेनर की खौफनाक करतूत, 21 साल की मॉडल का कत्ल; आदतन अपराधी इमरान की कहानी चौंका देगी
    Next Article
    न्यूयॉर्क में भागवत बोले- भारत के DNA में एकता-विविधता:हम अलग होकर भी एकदूसरे से जुड़े, गलत सोच इंसान को जानवरों के करीब ले जाती है

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment