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    CSJMU में भगवान ऋषभदेव पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 13 मार्च को:सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान पर नेपाल-अमेरिका के विद्वान करेंगे मंथन

    22 hours ago

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    छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में 13 और 14 मार्च को जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाय जाएगा। इस मौके पर 'तीर्थंकर ऋषभदेव: उनका सामाजिक-सांस्कृतिक अवदान' विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी भी होगी। इसमें भारत, नेपाल और अमेरिका के विद्वान भगवान ऋषभदेव के जीवन दर्शन और समाज को दी उनकी देन पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम आचार्य विद्यासागर सुधासागर जैन शोधपीठ और दीनदयाल शोध केंद्र के साझा प्रयासों से आयोजित हो रहा है। पहले दिन देश-विदेश के वक्ता रखेंगे अपनी बात संगोष्ठी की शुरुआत 13 मार्च को दोपहर 1 बजे होगी। उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (जयपुर) के डॉ. धर्मेन्द्र कुमार जैन मुख्य वक्ता होंगे। वहीं, काठमांडू (नेपाल) के निरज दाहाल अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में अपनी बात रखेंगे। क्राइस्ट चर्च कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ. नीता दवे जैन भी उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालेंगी। दूसरे दिन अमेरिका और इंदौर के विशेषज्ञ ऑनलाइन जुड़ेंगे कार्यक्रम के दूसरा दिन तकनीक और ज्ञान का संगम होगा। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाला तीसरा सत्र ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इसमें कैलिफोर्निया (अमेरिका) से श्री अभय जैन और इंदौर के प्रो. अनुपम जैन शामिल होंगे। इसके अलावा आईआईटी रुड़की के प्रो. अशोक कुमार जैन और उदयपुर से डॉ. सुमत कुमार जैन भी भगवान ऋषभदेव के सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा करेंगे। शोधार्थी पढ़ेंगे रिसर्च पेपर, दिखेगा सांस्कृतिक संगम संगोष्ठी के अलग-अलग सत्रों में देश भर से आए शोधार्थी अपने रिसर्च पेपर पढ़ेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज के निदेशक डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी, प्रो. अशोक कुमार जैन और डॉ. प्रिया जैन सहित पूरी टीम जुटी हुई है। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को यह बताना है,कि भगवान ऋषभदेव ने किस तरह आदि काल में समाज को लिपि, कृषि और शिल्प जैसी कलाओं से परिचित कराकर एक व्यवस्थित जीवन जीने की कला सिखाई थी।
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