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    गंगा खतरे के निशान से महज 4 सेंटीमीटर दूर:15 मोहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी, 22 नावें लगाई गई, लोगों की बढ़ी चिंता

    7 hours ago

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    उन्नाव में पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और हरिद्वार-नरोरा बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 112.96 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 113 मीटर है, जिससे गंगा अब खतरे के निशान से सिर्फ चार सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से गंगा किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। सोमवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 112.71 मीटर था, जो मंगलवार शाम तक 112.96 मीटर पहुंच गया। बुधवार को भी जलस्तर बढ़ा, जिससे 24 घंटे के भीतर गंगा के जलस्तर में 29 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग ने बुधवार को भी जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई है। इससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी जा रही है। तीन तस्वीरें देखें बैराज के सभी 30 गेट खुले कानपुर में गंगा बैराज में पानी का दबाव लगातार बना हुआ है। इस वजह से पिछले करीब एक हफ्ते से बैराज के सभी 30 गेट पूरी तरह खोले गए हैं। पहाड़ी इलाकों से लगातार पानी आने और हरिद्वार-नरोरा बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने का असर गंगा के जलस्तर पर पड़ रहा है। पानी की लगातार आवक के कारण गंगा तेजी से उफान पर है। गंगा का पानी अब रिहायशी इलाकों में लगातार आगे बढ़ रहा है। तेजीपुरवा, कर्बला, गोताखोर, सैय्यद कंपाउंड और मनसुखखेड़ा जैसे कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। कई परिवारों को घरों से बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है। पानी बढ़ने के कारण लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं।
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