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    गोरखपुर के सेंट पॉल्स स्कूल पहुंचे डॉ. चिनु क्वात्रा:छात्रों को दी मास्टरक्लास, बोले- समस्या बताएं तो समाधान भी लेकर आएं

    4 hours ago

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    गोरखपुर के सेंट पॉल्स स्कूल में प्रख्यात समाजसेवी और पर्यावरणविद् डॉ. चिनु क्वात्रा गुरुवार को पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यार्थियों को मास्टरक्लास दी और उनसे सीधे संवाद किया। जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने छात्रों को सकारात्मक सोच, इंसानियत, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की सीख दी। उन्होंने कहा, “समस्या की बात तभी करें, जब उसका समाधान आपके पास हो।” उनका कहना था कि केवल समस्याओं की चर्चा करने से बदलाव नहीं आएगा, उसके समाधान के लिए खुद आगे बढ़ना होगा। डॉ. क्वात्रा ने छात्रों से कहा कि हमारे आसपास कई समस्याएं हैं। अक्सर लोग उनकी शिकायत करते हैं, लेकिन समाधान की दिशा में कदम नहीं बढ़ाते। अगर किसी समस्या को उठा रहे हैं तो यह भी सोचें कि उसे दूर कैसे किया जा सकता है और उसमें हम खुद क्या योगदान दे सकते हैं। छोटी शुरुआत भी ला सकती है बदलाव उन्होंने कहा कि समाज में कुछ अच्छा करने के लिए बड़े पद, ज्यादा पैसे या बहुत सारे संसाधनों का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। अपने आसपास से की गई छोटी-सी शुरुआत भी बड़े बदलाव की वजह बन सकती है। इसके लिए सबसे जरूरी सकारात्मक सोच और कुछ करने का संकल्प है। विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान डॉ. क्वात्रा ने “इंसान बनो, बहुत स्कोप है” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता सिर्फ अच्छी नौकरी, ज्यादा पैसा या बड़ा पद हासिल करना नहीं है। एक संवेदनशील, ईमानदार और जिम्मेदार इंसान बनना भी उतना ही जरूरी है। करियर के साथ इंसानियत भी जरूरी उन्होंने छात्रों को समझाया कि पढ़ाई करें, अपने करियर में आगे बढ़ें और सफलता हासिल करें, लेकिन इस दौरान इंसानियत को पीछे न छोड़ें। अपने आसपास के लोगों की परेशानी को समझना और जरूरत पड़ने पर उनकी मदद के लिए आगे आना भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्यावरण संरक्षण का जिक्र करते हुए डॉ. क्वात्रा ने विद्यार्थियों को “आज एक पेड़ अपनाइए” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए सिर्फ पौधा लगाना काफी नहीं है। पौधा लगाने के बाद उसे जीवित रखने और बड़ा करने की जिम्मेदारी लेना ज्यादा जरूरी है। पौधा लगाएं और बड़ा होने तक संभालें उन्होंने छात्रों से कहा कि अपने घर, स्कूल या आसपास एक पेड़ को अपनाएं। नियमित पानी देने से लेकर उसकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी खुद उठाएं। अगर हर व्यक्ति एक पेड़ को अपनाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण को बड़े अभियान में बदला जा सकता है। मास्टरक्लास के दौरान विद्यार्थियों ने भी उत्साह दिखाया। उन्होंने डॉ. क्वात्रा से सामाजिक कार्यों, पर्यावरण और जीवन से जुड़े सवाल पूछे। छात्रों ने अपने विचार भी साझा किए। डॉ. क्वात्रा ने अपने अनुभवों के जरिए उनके सवालों का जवाब दिया और समाज के लिए कुछ बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। तीन संदेशों पर रहा फोकस डॉ. क्वात्रा ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किसी खास उम्र का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। विद्यार्थी भी अपने घर, स्कूल और आसपास से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। बदलाव के लिए उम्र से ज्यादा सही सोच और मजबूत संकल्प मायने रखता है। पूरी मास्टरक्लास में डॉ. क्वात्रा ने मुख्य रूप से तीन बातें छात्रों के सामने रखीं- “समस्या की बात तभी करें, जब उसका समाधान आपके पास हो”, “इंसान बनो, बहुत स्कोप है” और “आज एक पेड़ अपनाइए।” इन तीन संदेशों के जरिए उन्होंने छात्रों को समाधान तलाशने, बेहतर इंसान बनने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने की सीख दी। पढ़ाई के साथ जिम्मेदारी की सीख स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, मास्टरक्लास का उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी पढ़ाई तक सीमित न रखते हुए उन्हें समाज और पर्यावरण के प्रति भी जागरूक करना था। स्कूल में ऐसे कार्यक्रमों के जरिए छात्रों को संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जाता है। डॉ. चिनु क्वात्रा खुशियां फाउंडेशन के संस्थापक एवं सचिव हैं। संस्था शिक्षा, जीरो हंगर, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में काम कर रही है। फाउंडेशन की ओर से Beach Warriors, Roti Ghar, वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण जैसे अभियान भी चलाए जा रहे हैं। मास्टरक्लास के अंत में विद्यार्थियों को अपने स्तर पर समाज और पर्यावरण के लिए सकारात्मक पहल करने का संदेश दिया गया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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