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    गोरखपुर में छोटे भाई के हत्यारोपी ने किया सरेंडर:3 दिन फरार रहकर पुलिस को दिया चकमा, सीने में गोली मारी थी; VIDEO सामने आया

    1 day ago

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    गोरखपुर में 9 जून को मां की तेरहवीं के दिन दुर्गविजय शर्मा ने छोटे भाई सत्यप्रकाश उर्फ शुभम शर्मा (23) के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना को अंजाम देकर हत्यारोपी भाई फरार हो गया था। पुलिस की 3 टीमें उसकी तलाश में लगी थी। पुलिस को चकमा देते हुए शुक्रवार अपराह्न करीब 3 बजे नाटकीय ढंग से हत्यारोपी ने सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं घटना वाले दिन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमे शुभम के सीने में गोली लगती है, वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगता है। फिलहाल दैनिक भाष्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। पुलिस भी वीडियो की जांच कर रही है। गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल धूषण बड़की रेतवहिया गांव में मंगलवार को मां के ब्रह्मभोज के दिन ही 2 सगे भाइयों के बीच विवाद हो गया। बात बिगड़ती चली गई। तभी बड़े भाई दुर्गविजय शर्मा ने कमर से तमंचा निकालकर छोटे भाई शुभम के सीने में गोली मार दी। छोटा भाई वहीं गिरकर तड़पने लगा। परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। नाराज परिजनों ने बड़े भाई के घर पर हमलार कर तोड़फोड़ की। इस दौरान उसकी पत्नी को भी जमकर पीट दिया। जिसे पुलिस ने सीएचसी पर भर्ती कराया था। 3 तस्वीरें देखिए… संपत्ति की वजह से परिवार में शुरू हुआ विवाद कोमल शर्मा की चार बेटे हैं। इसमे बड़ा दुर्गविजय, श्यामू, सोनू और सबसे छोटा शुभम शर्मा था। कोमल शर्मा छोटे बेटे शुभम को बहुत मानते थे। दुर्गविजय को यह बात बुरी लगती थी। इसको लेकर आए दिन विवाद होता था। एक एकड़ कीमती जमीन कोमल के नाम थी। जिसको लिखवाने के लिए दुर्गविजय बार-बार प्रयास करता था। उसे लगता था कि कहीं पिता कीमती जमीन शुभम के नाम न लिख दें। इसको लेकर 10 साल पहले विवाद हुआ। तब पंचायत हुई और पुस्तैनी मकान दुर्गविजय और सोनू को मिल गया। गांव में ही नया मकान बनवाकर कोमल पत्नी और अपने दो बेटे श्यामू व शुभम को लेकर रहने लगे। दुर्गविजय की दो बेटियां है। उसके घर में ही उसकी पत्नी राधा श्याम ज्वेलरी शॉप खोलकर चला रही थी। उसके काम में उसकी दो बेटियां 20 साल की सलोनी और 18 साल की रेनू साथ देती थी। इसके अलावा दुर्गविजय ऑटो चलाता था। उसी घर में सोनू ने बारबर की दुकान भी खोली थी। 10 साल पहले कोमल पर चाकू से हमला हुआ था। इसके पीछे भी दुर्गविजय का नाम सामने आया था। इसलिए परिवार के बीच और दूरियां बढ़ती चली गईं। मां की मौत के बाद बढ़ा झगड़ा शुभम का गोरखनाथ मंदिर से 9 मई को एक लड़की से इंगेजमेंट हुआ था। इसके बाद 6 फरवरी 2027 शादी की डेट निर्धारित की गई थी। इस प्रोग्राम में दुर्गविजय को नहीं बुलाया गया था। इससे वह काफी नाराज था। इसी बीच 25 मई को कोमल की पत्नी सावित्री की बीमारी से मौत हो गई। अंतिम संस्कार के बाद घर का कार्यक्रम था, उसमे दुर्गविजय को नहीं बुलाया गया। तब उसने अपने घर पर ही वह कार्यक्रम किया। 30 जून का 10वां था। इस दिन सभी लोग बाल बनवा रहे थे। तभी दुर्गविजय भी वहां पहुंचा, जबरदस्ती उसने भी सबके साथ बाल बनवाया। मंगलवार को ब्रह्मभोज था, उसमे भी दुर्गविजय को नहीं बुलाया गया। तभी उसके गांव के लोगों ने कहा कि घर जाकर बात कर लो, या फिर अलग से ब्रह्मभोज करो। इसपर मंगलवार को ब्रह्मभोज वाले दिन सुबह करीब 11:45 बजे दुर्गविजय की पत्नी राधा कार्यक्रम में पहुंच गई। घर पर पूजा पाठ चल रहा था, सभी रिश्तेदार और पटीदार जुटे थे। इस दौरान राधा को देखकर परिजनों ने नाराजगी व्यक्त की। तब राधा ने फोन कर दुर्गविजय को सारी बात बताई। इसके बाद दुर्गविजय भी वहां पहुंचा। वहां पर शुभम और दुर्गविजय में विवाद शुरू हो गया। तभी दुर्गविजय ने तमंचा निकालकर शुभम के सीने में गोली मार दी। पुलिस से झड़प के बाद अंतिम संस्कार हुआ शुभम के शव का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शाम करीब 5 बजे शव सफेद कपड़े में लपेट कर गांव लाया गया। जवान बेटे का शव देखकर पिता कोमल की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला। इसके बाद मझले बेटे श्यामू रिश्तेदारों और गांव के लोगों के साथ शव का अंतिम संस्कार करने पिपराइच के घाट की तरफ निकला। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स भी साथ में चल रही थी। अचानक रास्ते में सैकड़ों ग्रामीण परिजनों के साथ शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस से झड़प भी हुई। परिजन सीएम को बुलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस के आश्वासन देने पर करीब आधे घंटे बाद वे शव लेकर दाह संस्कार करने के लिए रवाना हुए। घाट पर श्यामू ने छोटे भाई का दाह संस्कार किया। चार भाइयों ने मिलकर किया था ब्रह्मभोज का इंतजाम गांववालों ने बताया कि इस परिवार में 4 भाई थे। सबसे बड़ा दुर्गविजय है। फिर श्यामू, सोनू और सबसे छोटा शुभम था। दुर्गविजय गांव में 500 मीटर दूरी पर अलग घर बनाकर अपने परिवार के साथ रहता है। उसके साथ छोटा भाई सोनू भी रहता है। इसके अलावा श्यामू और शुभम अपने पिता कोमल शर्मा के अलग घर में रहते थे। चारों ने मिलकर ब्रह्मभोज का इंतजाम किया था। मां की मौत के बाद मंगलवार को ब्रह्मभोज का कार्यक्रम रखा गया था। घरवाले शोक में डूबे थे। लेकिन, आयोजन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई की जान चली गई। मां के ब्रह्मभोज वाले दिन हुई इस घटना से पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। शुभम प्रॉपर्टी का काम करता था शुभम प्रॉपर्टी डीलर था। मई महीने में गोरखनाथ मंदिर में उसकी इगेंजमेंट हुई थी। जबकि आरोपी बड़ा भाई दुर्गविजय ऑटो चलाता था। वारदात के बाद दुर्गविजय की पत्नी की हालत भी बिगड़ गई। उसे सीएचसी पहुंचाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद पुलिस सुरक्षा में उसे रखा गया है। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि चचेरे भाई मनोज शर्मा की तहरीर पर आरोपी दुर्गविजय शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपी के परिजनों और साले को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस की 3 टीमें आरोपी दुर्गविजय की तलाश में जुटी हैं। आरोपी के घर और दुकान में तोड़फोड़ आरोपी दुर्गविजय गांव में परिवार से अलग घर बनवाकर रहता था। यह घटनास्थल से 500 मीटर की दूरी पर है। उसके साथ छोटा भाई सोनू भी रहता था। इसके अलावा श्यामू और शुभम पिता कोमल शर्मा के साथ रहते थे। दुर्गविजय ने अपने घर पर ही बारबर (नाई) की दुकान खोली थी। घटना के बाद नाराज लोगों ने दुकान में तोड़फोड़ कर दी थी। सुरक्षा के लिहाज से वहां भी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।
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