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    गोवंश आश्रय स्थलों में लापरवाही पर जिम्मेदार होंगे दंडित:डीएम के निर्देश पर 21 बिंदुओं पर हुई जांच, मिली खामियां

    2 hours ago

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    कानपुर देहात में गोवंश संरक्षण के संबंध में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने डेरापुर क्षेत्र में सख्त कार्रवाई की है। तहसील समाधान दिवस के बाद, जिलाधिकारी के निर्देश पर 12 अधिकारियों की एक विशेष टीम ने क्षेत्र के 12 गोवंश आश्रय स्थलों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 21 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन जांच की गई। निरीक्षण के लिए जिलाधिकारी ने अलग-अलग गांवों में वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। इनमें कुढावल में डीपीआरओ, जलिहापुर में बीएसए, मुंडेरा किन्नर सिंह में जिला पूर्ति अधिकारी, खल्ला में उपायुक्त मनरेगा, कमालपुर में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, सिठमरा में बाल विकास अधिकारी, नंदपुर में कृषि अधिकारी, इन्द्रुख में पूर्ति अधिकारी, बचीतपुरवा में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, हारामऊ में समाज कल्याण अधिकारी, नुनारी बुजुर्ग में सेवायोजन अधिकारी और बनिपारा महाराज में डीआईओएस शामिल थे। जांच के दौरान गोवंशों की वास्तविक संख्या, ईयर टैगिंग, भूसा-हरा चारा, चोकर, पानी व स्वच्छता, टीकाकरण, जलभराव, विद्युत व्यवस्था, स्टॉक पंजिका और बीमार पशुओं की स्थिति सहित कुल 21 बिंदुओं का मूल्यांकन किया गया। कई आश्रय स्थलों पर हरे चारे के स्रोत का उल्लेख नहीं था, स्टॉक पंजिका अधूरी मिली और साफ-सफाई की स्थिति भी खराब पाई गई। निरीक्षण में मिली गंभीर खामियों पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि गोवंशों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने एसडीएम डेरापुर, बीडीओ डेरापुर व झींझक के साथ-साथ अनुश्रवण समितियों को भी नियमित औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईयर टैगिंग, चारा-पानी, साफ-सफाई, टीकाकरण और अभिलेखों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा सीधे तौर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
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