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    IPS बोले-मां के मुंह में तौलिया और जेवर गायब थे:लोग कह रहे हत्या नहीं हुई, सुनकर शर्म आती है; SP ने कहा था- शरीर पर चोट नहीं थी

    12 hours ago

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    "खबरों में कहा जा रहा है कि मां के जेवर मिल गए हैं। यह हत्या का मामला नहीं है। लेकिन, बिना विसरा रिपोर्ट आए मौत की वजह कैसे सामने आ सकती है? गांव में चाचा और भाइयों ने मुझे मां की जो हालत बताई थी, उसके मुताबिक उनके मुंह में तौलिया ठूंसा हुआ था और खून निकल रहा था। इसके अलावा दाहिने हाथ की अंगूठी, कंगन, नाक, कान, गले के जेवर और पायल गायब थे। इन हालातों को देखकर ही हमने पुलिस को तहरीर दी थी। मैं साफ कर दूं कि अब तक कोई भी जेवर बरामद नहीं हुआ है। जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना बिल्कुल ठीक नहीं है। मुझे शर्म आती है कि एक IPS अफसर की मां की मौत पर ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। मुझे इस पर सफाई देनी पड़ रही है, जबकि यह काम प्रशासन को करना चाहिए था।" यह कहना है IPS अधिकारी आशुतोष मिश्रा का, जिनकी मां इंद्रावती (95) की 16 अगस्त को अंबेडकरनगर में मौत हो गई थी। IPS ने शव की हालत देखकर अज्ञात के खिलाफ लूट और हत्या का केस दर्ज कराया था। IPS आशुतोष वर्तमान में लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में एसपी (हेडक्वार्टर) के पद पर तैनात हैं। बता दें कि मामले में SP प्राची सिंह ने कहा था कि पोस्टमॉर्टम में शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले थे। मौत की सही वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। इसके बाद से ऐसी खबरें आने लगी थीं कि मौत हार्टअटैक से हुई है। इसमें हत्या का कोई एंगल नहीं है। मामला जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर रूढ़ा धमरूआ गांव का है। IPS आशुतोष ने और क्या-क्या कहा? पढ़िए अब पूरे मामले को सिलसिलेवार तरीके से समझ लीजिए- रूढ़ा धमरूआ गांव निवासी IPS आशुतोष मिश्रा अपने मां-पिता के इकलौते बेटे हैं। दो बहने हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। पिता रामकुमार मिश्रा राजकीय इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल रहे। डेढ़ साल पहले उनकी मौत हो गई। इसके बाद घर में मां इंद्रावती अकेली बचीं। उन्होंने मां की देखभाल के लिए एक नौकरानी पियारी रख दी। खुद भी परिवार के साथ समय-समय पर आया-जाया करते थे। रविवार सुबह करीब 9 बजे नौकरानी जब सफाई करने आई तो उसने इंद्रावती को तख्त पर पड़ा देखा। उसे लगा कि सो रही होंगी। इस पर उसने आवाज दी, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। पास जाकर देखा तो वह मृत मिलीं। वह भागते हुए पड़ोस में रहने वाले IPS आशुतोष के चाचा रमेश चंद्र मिश्रा उर्फ कल्लू के पांस पहुंची। उन्हें सब बताया। वे भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद चाचा ने सुबह 9.49 बजे भतीजे आशुतोष को फोन कर सूचना दी। कहा कि भाभी की हार्टअटैक से मौत हो गई है। जल्दी आ जाइए। IPS आशुतोष के पहुंचने पर मामला पलटा चाचा कल्लू ने मालीपुर पुलिस को घटना की सूचना दोपहर करीब 1 बजे दी। कहा कि 2 सिपाही भेज दीजिए। दोपहर ढाई बजे IPS आशुतोष मिश्रा खुद गांव पहुंचे। उन्होंने नौकरानी पियारी और चाचा कल्लू से जानकारी ली। बॉडी की हालत पूछी। तब पता चला कि इंद्रावती के गले से सोने की चेन, तुलसी की माला, नाक की कील और कान के टॉप्स गायब थे। पैरों में पहनी पायल भी नहीं मिली। इन परिस्थितियों के आधार पर परिजनों ने हत्या के बाद जेवर लूटे जाने की आशंका जताई। अयोध्या रेंज के DIG सोमेन वर्मा, SP प्राची सिंह मौके पर पहुंचीं। मालीपुर थाने की पुलिस टीम मौके पर आई। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इंद्रावती के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। होंठ पर खून लगा हुआ था। परिजनों के अनुसार, इंद्रावती बीपी की मरीज थीं। SP बोलीं- सभी सामान बरामद होने की खबर गलत और भ्रामक SP प्राची सिंह ने बताया- 3 डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियोग्राफी करवाई गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया। इसलिए विसरा एफएसएल भेजा गया। आशुतोष के चाचा ने शुरुआती जानकारी में कार्डियक अरेस्ट की बात कही थी। इसलिए हार्ट को हिस्टोपैथोलॉजिकल एनालिसिस के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। FIR में दर्ज सामान की अभी बरामदगी नहीं हुई है। मौके से मिली कुछ पीली धातु की कीलनुमा चीजें और तुलसी की माला परिवार को सुपुर्द की गई हैं, लेकिन सभी सामान बरामद होने की खबर गलत और भ्रामक है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें दामाद ने धमकाया था-पूरे परिवार के लिए कफन तैयार रखना:प्रतापगढ़ में पिता बोले- बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर आया, मेरे सामने बेटे को गोली मार दी ‘दामाद ने धमकी दी थी कि आज पूरे परिवार को कफन में लिटा देंगे। बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर बुलेट से आया और गोली चलाई… बेटा सामने आ गया तो उसे मार दिया। मेरी आंखों के सामने बेटा खून से लथपथ पड़ा था।’ ये दर्द है प्रतापगढ़ के गया प्रसाद का, जिनके 48 साल के बेटे देवेंद्र की उसके बहनोई ने मंगलवार को दिनदहाड़े तीन गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद से पिता बदहवास हैं। वे बार-बार बेहोश हो जा रहे हैं। घर में रिश्तेदारों का जमावड़ा है। पूरी खबर पढ़ें
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