Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Iraq में US-Saudi Air Strike: IRGC के 4 सदस्यों की मौत, मिडिल ईस्ट में गहराया West Asia Crisis

    38 minutes from now

    1

    0

    ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका और सऊदी अरब के एक संयुक्त सैन्य ऑपरेशन में इराक में कई जगहों को निशाना बनाया गया, जिसमें ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कम से कम चार सदस्यों की मौत हो गई। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने बताया कि उत्तरी दियाला प्रांत में रात भर हुई बमबारी में IRGC के चार सदस्य मारे गए, जिनकी पहचान अली असगर अस्तानेह, अबोलफज़ल मोताकी, मोर्तेज़ा अकबरी और अमीर अब्बास दरहमफ़ोरौश के तौर पर हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये चारों लोग मध्य ईरान के काशान शहर के रहने वाले थे, हालांकि उनके ऑपरेशनल रोल के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई। इसे भी पढ़ें: West Asia Crisis: ईरान में US के Precision Strikes के बाद बचाव कार्य जारी, Trump बोले- अब हमारी बारी हैअल जज़ीरा ने ईरानी सूत्रों का हवाला देते हुए अलग से पुष्टि की कि इस संयुक्त कार्रवाई में IRGC से जुड़े चार लोगों की मौत हुई। वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि तकनीकी विशेषज्ञों और IRGC कर्मियों सहित लगभग 20 ईरानी सलाहकार मारे गए। अधिकारी ने कहा कि इन सलाहकारों की मौजूदगी के कारण ही जानबूझकर उन जगहों को निशाना बनाया गया, ताकि तेहरान-समर्थित मिलिशिया की मिसाइल और मानवरहित हवाई वाहन (UAV) तैनात करने की क्षमता को खत्म किया जा सके। इराक में पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज़ (PMF) ने घोषणा की कि बगदाद, दियाला, किरकुक और बसरा सहित सात प्रांतों में उसके कम से कम 20 कर्मी मारे गए और 32 अन्य घायल हो गए। इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि संयुक्त अभियान में पूर्वी इराक भर में "लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों" को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने बताया कि यह कार्रवाई 72 घंटों के दौरान हुए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के बाद की गई; उनका आरोप था कि ये हमले IRGC द्वारा अमेरिकी सैनिकों और सऊदी ऊर्जा सुविधाओं के खिलाफ किए गए थे।इसे भी पढ़ें: US Strikes IRGC: ईरान पर अमेरिका का जोरदार हमला, IRGC के दर्जनों सैन्य ठिकानों को किया तबाहयह सैन्य कार्रवाई रियाद के उन बयानों के बाद हुई जिनमें पुष्टि की गई थी कि सऊदी वायु रक्षा प्रणालियों ने पूर्वी प्रांत में तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले कई ड्रोनों को रोककर मार गिराया था। सऊदी अधिकारियों ने इन हमलों के लिए इराकी क्षेत्र से काम कर रहे ईरान-समर्थित समूहों को जिम्मेदार ठहराया। बगदाद की प्रतिक्रिया आलोचनात्मक रही। इराकी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इराक की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई को "अस्वीकार्य आक्रामकता" करार दिया। परिषद ने कहा कि यह बमबारी तब हुई जब इराकी अधिकारी सुरक्षा स्थिति को लेकर अमेरिकी और सऊदी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में सक्रिय रूप से शामिल थे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    PoJK Crisis: Rawalakot में सुरक्षा बलों की बर्बरता, JKJAAC का Target Killing आरोप
    Next Article
    Russia-Ukraine War: 280 अटैक ड्रोन और मिसाइल बारिश से दहला यूक्रेन, Zelensky ने बताया 'रूसी आतंक' का खौफनाक मंजर

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment