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    इंस्पेक्टर की मौत को पुलिस ने हत्या माना:सुसाइड नोट ने चौंकाया, पुलिस बोली– मरने से 8 दिन पहले कोई लेटर क्यों लिखेगा

    10 hours ago

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    जालौन में 5 दिसंबर 2025 को हुए इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड के मामले में पुलिस ने तीन महीने बाद 383 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। चार्जशीट में कॉन्स्टेबल मीनाक्षी पर हत्या का आरोप है। इंस्पेक्टर के सिर के ऊपरी हिस्से में एक गहरा घाव और गोली के दो निशान मिले हैं। जिसे पुलिस प्लांड मर्डर मान रही है। सीडीआर में वारदात के समय मीनाक्षी की इंस्पेक्टर के पास मौजूदगी भी मिली है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुकी है। जांच के दौरान पुलिस को इंस्पेक्टर का एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें रिश्तेदारों से पैसों के लेनदेन को लेकर जान देने की बात लिखी है। हालांकि ये सुसाइड नोट इंस्पेक्टर की मौत से 8 दिन पहले का है। पुलिस का मानना है कि कोई सुसाइड नोट लिखने के 8 दिन बाद क्यों जान देगा? लेकिन फिर भी सुसाइड नोट से राइटिंग का मिलान कराया जाएगा। इसमें भी पुलिस फारेंसिक एक्सपर्ट की मदद लेने की बात कह रही है। अब हम आपको पुलिस की चार्जशीट में सामने आई बड़ी बातें पढ़वाते हैं… पहले एक नजर में इंस्पेक्टर की मौत की पूरी कहानी... जालौन में 5 दिसंबर की रात 9 बजे थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की सर्विस रिवाल्वर से गोली लगने से मौत हुई थी। बुलेट उनके सिर के आर-पार हो गई। इंस्पेक्टर की मौत के बाद मीनाक्षी चीखती हुई बाहर आई और कहा- साहब ने गोली मार ली है। फिर वहां रुकने की बजाय भाग गई थी। थाने के आसपास लगे सीसीटीवी में महिला सिपाही भागती हुई नजर आई। जालौन एसपी दुर्गेश कुमार ने बताया था- इंस्पेक्टर के गोली मारने की सूचना महिला सिपाही ने ही सबसे पहले दी थी। जानकारी के मुताबिक, 2 दिसंबर को मीनाक्षी ने अपना बर्थडे इंस्पेक्टर से दूर जाकर मेरठ में मनाया था। यह बात इंस्पेक्टर को बुरी लगी थी। 5 दिसंबर को सिपाही मीनाक्षी इंस्पेक्टर के सरकारी आवास पर पहुंची। वहां दोनों के बीच तीखी बहस हुई। इंस्पेक्टर ने उससे बैठकर बात करने को कहा, लेकिन वो वापस जाने पर अड़ी रही। इसके बाद अचानक गोली चलने की आवाज आई। इसी दौरान मीनाक्षी आवास से भागती हुई और चिल्लाती हुई सीसीटीवी में कैद हुई। पुलिसकर्मियों से कहा कि साहब ने गोली मार ली है, ये कहने के बाद वो फरार हो गई। 6 दिसंबर को इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने मीनाक्षी के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई। 7 दिसंबर को मीनाक्षी को गिरफ्तार किया गया। उसे नौकरी से सस्पेंड भी कर दिया गया है। अब पढ़िए चार्जशीट में क्या कुछ सामने आया पुलिस ने हत्याकांड के 90 दिन पूरे होते ही 6 मार्च 2026 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। तीन दिन बाद यानी 9 मार्च को कोर्ट ने चार्जशीट एक्सेप्ट कर ली। यह 383 पन्नों की चार्जशीट है। जिसमें 38 गवाहों के बयान, इंस्पेक्टर और कांस्टेबल मीनाक्षी के बीच हुई बातचीत की कॉल डिटेल की 12 पन्नों की सीडीआर समेत एक पेज का सुसाइड नोट भी शामिल है। पढ़िए सुसाइड नोट में क्या लिखा है… सुसाइड नोट में लिखा- आत्महत्या के संबंध में… मैंने अपने साले और अपने साथियों से पैसा लेकर शिव भूषण चौबे उर्फ चंचल चौबे जो महराजगंज का रहने वाला है, उसने मुझसे व मेरे रिश्तेदारों और साथियों का पैसा ले लिया कि मकान एलॉट करा दूंगा। पैसा प्रापर्टी में लगा दूंगा। लेकिन अब वो न पैसा दे रहा है न देने की कह रहा है। मैं बहुत परेशान हूं। लोग मुझसे पैसा माग रहे हैं, चंचल चौबे की प्रताड़ना से मैं आत्महत्या कर रहा हूं। इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, इसके अलावा किसी का दोष नहीं है। नीचे प्रार्थना प्रत्र के प्रारूप में लिखा है– अरुण कुमार राय, थाना कुठौंद, जालौन, दिनांक (27 नवंबर 2025)। इस सुसाइड नोट को पुलिस गंभीरता से ले रही है लेकिन इंस्पेक्टर की हत्या से इस सुसाइड लेटर को नहीं जोड़ रही है। पुलिस का मानना है कि घटना के 8 दिन पहले यानी 27 नवंबर 2025 को लेटर लिखकर एक हफ्ते बाद कोई सुसाइड क्यों करेगा। मौत के दिन की परिस्थितियां सुसाइड की ओर इशारा नहीं कर रही हैं। फिर भी इसकी जांच की जा रही है। चार्ज शीट में 231वें नंबर के पन्ने पर सुसाइड नोट लगा है। जबकि चार्जशीट में हत्या के सबूत दाखिल किए गए हैं। 38 गवाहों में पहले नंबर पर पत्नी और अंत में थाना इंचार्ज का नाम चार्जशीट में दिए गए 38 गवाहों पर पहले नंबर पर इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय का नाम है। दूसरे नंबर पर कुठोंद थाने के हेड मोहर्रिर प्रेम नारायण का नाम है, जबकि तीसरे नंबर पर इंस्पेक्टर के भाई अरविंद कुमार राय, चौथे पर उनका भतीजा प्रशांत राय और थाने की एक महिला कांस्टेबल समेत वर्तमान थाना इंचार्ज अजय पाठक का भी नाम है। सिर पर 3 सेमी चौड़ा, 2 सेमी गहरा घाव मिला चार्जशीट में लगी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इंस्पेक्टर की मौत से पहले उनके सिर पर बंदूक की बट से हमले का 3/2 सेमी का निशान मिला है। इसके अलावा दाहिनी कनपटी से घुसी सरकारी सर्विस पिस्टल की गोली बाईं कनपटी से निकलने का निशान मिला है। पुलिस का मानना है कि गोली लगने से पहले इंस्पेक्टर के साथ मारपीट और उनपर हमला भी हुआ है। उस समय सिर्फ कांस्टेबल मीनाक्षी की मौजूदगी उनके पास मिली है। 12 पन्नों की सीडीआर में इंस्पेक्टर और कांस्टेबल मीनाक्षी के बीच हुई बातचीत का लेखाजोखा है। जिसमें 300 बार से ज्यादा बार दोनों के बीच 3 दिन में बातचीत होने का जिक्र है। ये भी पुलिस की चार्जशीट में दिया गया है। बीते 6 मार्च यानी शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे की अदालत में पुलिस ने एफआईआर के 90 दिन के अंदर चार्जशीट दायर की। सोमवार यानी 9 मार्च को सिपाही मीनाक्षी की कोर्ट में पेशी हुई। मीनाक्षी काली टी-शर्ट, गुलाबी लोवर और हवाई चप्पल पहनकर पुलिस वैन से कोर्ट पहुंची। इस दौरान उसके पिता विपिन शर्मा अपनी बेटी से लगातार संपर्क में रहे। वो गाड़ी की खिड़की से बेटी से बात करते नजर आए। सिपाही मीनाक्षी शर्मा को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दोपहर 3 बजे पेश किया गया। मीनाक्षी के अधिवक्ता शिवेश सिंह सेंगर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर चार्जशीट से जुड़े कागजों की प्रतियां उपलब्ध न कराए जाने की दलील दी। कहा कि चार्ज शीट को प्रतिप्रेषण (कमिट) न किया जाये। 6 मिनट जज के सामने खड़ी रही मीनाक्षी इस मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) विनोद कुमार से जवाब मांगा। कोर्ट में APO ने सभी कागज प्रस्तुत किए। इस मामले में चार बार कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान CJM अभिषेक खरे ने सिपाही मीनाक्षी शर्मा को सामने पेश करने को कहा। 6 मिनट तक सिपाही मीनाक्षी शर्मा सीजेएम के सामने सिर झुकाए खड़ी रही। जज के सामने मीनाक्षी के चेहरे पर डर साफ तौर पर देखा गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही उसके चेहरे से डर दूर हो गया। इसके बाद मीनाक्षी कोर्ट में पड़ी बेंच पर बैठ गई और महिला पुलिस कर्मियों से हंसकर बात करती नजर आई। APO के जवाब के बाद सिपाही के वकील की दलील को खारिज कर दिया गया और चार्जशीट को स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 25 मार्च दी है। पेशी के बाद पुलिस की वैन से मीनाक्षी को वापस जेल भेजा गया। इस दौरान उसके पिता विपिन कुमार ने उसे कुछ रुपये भी दिये। वकील बोले- मीनाक्षी को गलत फंसाया गया मीनाक्षी के वकील शिवेश सिंह सेंगर ने बताया – पुलिस ने हमारी क्लाइंट को गलत फंसाया है, क्योंकि चार्जशीट में लगाया गया सुसाइड नोट यह बता रहा है कि इंस्पेक्टर ने आत्महत्या की है। जिस पर मैंने डिफॉल्ट बेल भी दाखिल की थी, क्योंकि चार्ज शीट का समय 90 दिन से अधिक हो गया था। इसके बावजूद भी हमारी डिफॉल्ट बेल को खारिज कर दिया गया। अब तक की जांच में क्या निकला... इंस्पेक्टर की मौत की पहली सूचना सिपाही मलिक को दी थी: एसआईटी जांच में कई और तथ्य भी सामने आए हैं। घटना के बाद सिपाही मीनाक्षी ने सबसे पहले जानकारी उसके साथ मेरठ से आए सिपाही अंकित मलिक को दी थी। उसके बाद वो पैदल ही भाग गई। उस रात मीनाक्षी उरई की ही अपनी साथी महिला कॉन्स्टेबल के यहां रुकी थी, लेकिन उसने इस घटना के बारे में अपनी दोस्त को कुछ नहीं बताया। मीनाक्षी ने मोबाइल से डेटा डिलीट किया: एसआईटी को एक अहम सुराग ये भी मिला है, जिसमें इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के बाद मीनाक्षी ने अपने मोबाइल से सारे रिकॉर्ड हटा दिये थे, उसने वॉट्सऐप कॉल से लेकर चैट तक को डिलीट कर दिया था। ऐसा माना जा रहा है कि उसने खुद के बचाने के लिए ऐसा किया, ताकि जांच में उसपर कोई आंच न आ सके। लेकिन मोबाइल की लोकेशन सहित कई सुराग मिले हैं, जो मामले को सुलझाने में अहम रोल निभाएंगे। 2 बातें जो सबसे ज्यादा चर्चा में हैं 1- मीनाक्षी की शादी तय हो गई थी। फरवरी- 2026 में उसकी शादी होनी है। इंस्पेक्टर के करीबी लोगों ने बताया कि मीनाक्षी इंस्पेक्टर पर अपनी शादी का पूरा खर्च उठाने का दबाव बना रही थी। वह 25 लाख रुपए खर्च करने की डिमांड कर रही थी। धमकी देती थी कि अगर शादी का खर्च नहीं उठाया तो वीडियो पत्नी को भेज देगी। 2- सर्विलांस टीम के एक अफसर ने बताया- मीनाक्षी के पास 3 मोबाइल और 4 सिम, जबकि इंस्पेक्टर के पास 3 सिम मिले हैं। सभी का डेटा खंगाला जा रहा है। जालौन के एसपी डॉक्टर दुर्गेश कुमार ने बताया– इंस्पेक्टर की मौत में सुसाइड का कोई भी लेना देना नहीं है। यह सभी विवेचना का भाग है। जैसे ही विवेचना पूरी दाखिल की जाएगी। सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। --------------- ये खबर भी पढ़ें नॉनवेज खाते पुजारी की तस्वीर वायरल, भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा:कानपुर में मंदिर से घसीटकर निकाला, बोले- धर्म भ्रष्ट कर रहा है कानपुर में एक मंदिर के पुजारी की नॉनवेज खाते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस पर लोग भड़क गए। करीब 50-60 लोग मंदिर पहुंचे और पुजारी को मंदिर परिसर से बाहर बुलाने लगे। पूरी खबर पढ़ें
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