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    जालौन में सिपाही मीनाक्षी शर्मा की डिफॉल्ट बेल खारिज:इंस्पेक्टर अरुण राय हत्याकांड में कोर्ट सख्त, 5 दिसंबर को हुई थी मौत

    3 hours ago

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    जालौन के कुठौंद थाने में तैनात रहे इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की हत्या के मामले में जिला कारागार उरई में बंद सिपाही मीनाक्षी शर्मा को कोर्ट से राहत नहीं मिली। उरई के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अभिषेक खरे की अदालत ने शुक्रवार को मीनाक्षी शर्मा की डिफॉल्ट बेल (डिफॉल्ट जमानत) की अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट का संज्ञान भी ले लिया है, चार्ज शीट 287 पन्नों में दाखिल की गई है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की 5 दिसंबर को सरकारी आवास पर गोली लगने मौत हुई थी। इस मामले में इंस्पेक्टर की पत्नी ने 6 दिसंबर को सिपाही मीनाक्षी के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत कराया था। 7 दिसंबर को पुलिस ने मीनाक्षी को गिरफ्तार करते हुए, न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद उरई जिला कारागार भेज दिया था। मौत के मामले में आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा बीते करीब 90 दिनों से जिला कारागार उरई में निरुद्ध है। इसी बीच मीनाक्षी के पिता विपिन कुमार शर्मा ने पुराने अधिवक्ता राजेश कुमार चतुर्वेदी की जगह नए अधिवक्ता शिवेश सिंह सेंगर के माध्यम से सीजेएम अदालत में डिफॉल्ट बेल के लिए अर्जी दाखिल की थी। अधिवक्ता शिवेश सिंह सेंगर ने शुक्रवार को अदालत में दलील देते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से 90 दिनों से अधिक का समय बीत चुका है। मीनाक्षी शर्मा को जमानत पर रिहा जबकि नियमानुसार पुलिस को इसी अवधि के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल करनी होती है। उनका कहना था कि तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल न किए जाने की स्थिति में आरोपी को डिफॉल्ट बेल दिए जाने का प्रावधान है। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से मीनाक्षी शर्मा को जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की। वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से एपीओ (सहायक अभियोजन अधिकारी) ने इसका विरोध करते हुए अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा 90 दिनों की निर्धारित समय सीमा के भीतर ही चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई। ऐसे में आरोपी को डिफॉल्ट बेल दिए जाने का कोई औचित्य नहीं बनता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे की अदालत ने पाया कि पुलिस द्वारा समय सीमा के भीतर ही चार्जशीट प्रस्तुत कर दी गई थी। इस आधार पर अदालत ने सिपाही मीनाक्षी शर्मा की डिफॉल्ट बेल की अर्जी को खारिज कर दिया। साथ ही अदालत ने इस मामले में दाखिल चार्जशीट का संज्ञान भी ले लिया है। बता दें कि विवेचक द्वारा 287 पन्नों की कोर्ट में हत्या के मामले में चार्जशीट और केस डायरी दाखिल की गई, जिसमें हत्या से जुड़े साक्ष्य, सीसीटीवी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने के अलावा सिर और शरीर के अन्य भागों में गंभीर चोट के निशान सीडीआर डाटा, सर्विलांस के साक्ष्य शामिल किए गए। आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार गौरतलब है कि कुठौंद थाने में तैनात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच के दौरान सिपाही मीनाक्षी शर्मा को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया था। यह मामला उस समय काफी चर्चाओं में रहा था और पूरे जनपद में सुर्खियों में आ गया था। अब अदालत द्वारा चार्जशीट का संज्ञान लिए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
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