Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जन आंदोलनों को जोड़ने के लिए Rahul Gandhi ने Satyagraha डिजिटल मंच किया शुरू

    16 hours ago

    1

    0

    नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि देश में सत्य को दबाया जा रहा है और इसे रोकना उनकी जिम्मेदारी है। गांधी ने देशभर में विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों को एक मंच पर लाने के लिए ‘सत्याग्रह’ नामक डिजिटल मंच की शुरुआत की। उन्होंने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के एक दिन बाद शुरू किए गए इस मंच पर लोगों से सरकार के खिलाफ अपने विरोध और संघर्ष को दर्ज कराने का आग्रह किया, ताकि जहां कहीं सत्य को कुचला जा रहा हो, वहां लोगों की मदद की जा सके।उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देशभर में लोग अपने हक के लिए लड़ रहे हैं..और अक्सर अकेले लड़ रहे हैं। जेन-जी, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित, महिलाएं- हर संघर्ष की अपनी कहानी है, पर जो आवाज अकेली उठती है, वह अक्सर दब जाती है।’’ गांधी ने कहा, ‘‘ सत्याग्रह इन्हीं आवाजों को एक मंच पर साथ लाने की पहल है।’’ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘बापू ने यही सिखाया था - सच सबसे बड़ा हथियार है पर उससे भी बड़ा हथियार है, एकजुट होकर सच के साथ खड़े होना। अगर आप भी किसी अन्याय से लड़ रहे हैं - अपनी कहानी भेजिए।दो मिनट लगेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपकी कहानी मंच पर आएगी। आप देखेंगे कि आपकी तरह और कौन-कौन लड़ रहा है और मैं जो कर सकता हूं, करूंगा - संसद में, सड़क पर, खत लिखकर, जहां भी मेरी जरूरत हो वहां आपके साथ खड़े होकर - नेता विपक्ष के रूप में ये मेरी जिम्मेदारी है।’’ उन्होंने पोस्ट के साथ जारी एक वीडियो में कहा, ‘‘जैसा कि आप सभी जानते हैं, पूरे देश में सत्य को दबाया जा रहा है और देशभर में कई आंदोलन चल रहे हैं।’’ गांधी ने कहा कि जमीन, महिलाओं के अधिकारों, दलितों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों, शिक्षा तथा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में आंदोलन हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन आंदोलनों को संगठित करने, उन्हें एक मंच पर एक साथ लाने और आपके साथ मिलकर यह देखने की कोशिश करना चाहते हैं कि जिन मुद्दों को लेकर आप लड़ रहे हैं, उनके समाधान में हम कैसे मदद कर सकते हैं।‘सत्याग्रह’ वेबसाइट देखिए, प्रपत्र भरिए और अपने आंदोलन को वेबसाइट पर दर्ज कराइए। हम यह देखने की कोशिश करेंगे कि आपकी किस तरह मदद की जा सकती है। हम आपसे संपर्क में रहेंगे।’’ गांधी ने कहा, ‘‘नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि जहां सत्य को कुचला जा रहा हो, वहां लोगों के प्रतिरोध में उनकी मदद करूं।सत्य महत्वपूर्ण है। यह सर्वोच्च स्तर पर भी महत्वपूर्ण है और यह भी जरूरी है कि देश के हर कोने में इसके लिए लड़ाई लड़ी जाए।’’ उन्होंने देर शाम एक अन्य पोस्ट में कहा कि ‘सत्याग्रह’ मंच शुरू हुए नौ घंटे हुए हैं और इस दौरान 10,000 से अधिक लोग तथा समूह आगे आ चुके हैं। गांधी ने कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि भारत में कितने लोग पहले से अपने संघर्ष लड़ रहे हैं- चुपचाप और यह सोचकर कि उनकी बात कोई नहीं सुन रहा।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी बात सुन रही है और मंच पर आने वाली प्रत्येक जानकारी को पढ़ा जाएगा।गांधी ने कहा, ‘‘जहां किसी वास्तविक संघर्ष की आवाज को समाधान के लिए और बुलंद करने की जरूरत होगी, हम ऐसा करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल शुरुआत है। ‘सत्याग्रह’ एक दिन का अभियान नहीं है। यह वर्षों तक चलेगा और हर छोटे-बड़े आंदोलन के साथ खड़ा रहेगा।’’ गांधी ने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, ‘‘अपनी आवाज उठाने और संविधान के पक्ष में खड़े होने के लिए धन्यवाद।’’ उन्होंने उन लोगों से भी अपनी कहानी साझा करने की अपील की, जिन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया है।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ‘सत्याग्रह’ वेबसाइट का उद्देश्य विभिन्न आंदोलनों और विरोध की आवाजों को एक मंच पर लाना है। रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘कल हम सभी ने देखा कि गांधी जयंती पर बापू के दिखाए रास्ते पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ गृह मंत्री की पुलिस ने किस तरह बर्बरता की।’’ रमेश ने कहा, ‘‘चोरी के वोट से अवैध रूप से बनी यह सरकार आम नागरिकों, छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेती रही और उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोकती रही, जबकि यह हमारा संवैधानिक अधिकार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इससे कोई डरने या दबने वाला नहीं है।प्रदर्शन आज भी जारी हैं और लोग अपनी आवाज उठाते रहेंगे।’’ रमेश ने कहा कि राहुल गांधी का उद्देश्य विरोध की सभी आवाजों को एकजुट करना है, चाहे वे कहीं से भी और किसी भी मुद्दे को लेकर उठ रही हों। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। कांग्रेस पार्टी इस सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले प्रत्येक नागरिक और संगठन के साथ खड़ी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे पर अड़े AISA प्रदर्शनकारी, Jantar Mantar से 200 हिरासत में
    Next Article
    विमान अपहरण की कोशिश विफल करने वाले Captain Smit Machhar को मिले अशोक चक्र: ABVP

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment