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    झांसी जेल में अकेला पड़ा अतीक का बेटा अली:अबान की मौत के बाद कोई परिजन मिलने नहीं पहुंचा, 1 महीने से सिर्फ वकीलों से मुलाकात

    4 hours ago

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    झांसी जेल में बंद माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अहमद अब अकेला पड़ गया है। छोटे भाई अबान की मौत के बाद से उससे मिलने कोई भी परिजन जेल नहीं पहुंचा है। करीब एक महीने से सिर्फ उसके वकील ही उससे मिल रहे हैं। अली ने भी अभी तक किसी परिजन या रिश्तेदार का नाम मुलाकाती के तौर पर दर्ज नहीं कराया है। पहले अबान हर 7 से 8 दिन में अली से मिलने झांसी जेल आता था। वहीं, अतीक का बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है। अली से अबान मिलने आता था, जबकि उमर से मिलने के लिए मंझला भाई अहजम जाता था। 6 अगस्त को अबान अली से मुलाकात के लिए प्रयागराज से झांसी आ रहा था। इसी दौरान झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ के खिल्ली गांव के पास उसकी तेज रफ्तार कार रिटेनिंग वॉल से टकरा गई। हादसे में अबान और उसके दोस्त की मौत हो गई थी। करीब 11 महीने से झांसी जेल में बंद है अली अली 1 अक्टूबर 2025 से झांसी जेल में बंद है। इन करीब 11 महीनों में अबान 40 से ज्यादा बार उससे मुलाकात कर चुका था। अली अपनी पसंद की चीजें भी अक्सर अबान से ही मंगवाता था। भाई की मौत से अली को बड़ा झटका लगा। अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के दौरान अली और उमर को पहली बार पैरोल मिली थी। इस दौरान अली ने भाई अहजम को भी झांसी जेल आकर उससे मिलने से रोक दिया था। इसके बाद से कोई रिश्तेदार उससे मिलने नहीं पहुंचा। सिर्फ उसके वकील ही जेल में मुलाकात करने आए हैं। हर हफ्ते अली से मिलने झांसी आता था अबान अली अपने छोटे भाई अबान को बहुत प्यार करता था। दोनों की महीने में करीब तीन-चार बार मुलाकात होती थी। सख्त पहरे में होने वाली इस मुलाकात के दौरान LIU और सिपाही भी मौजूद रहते थे। सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही दोनों भाई एक-दूसरे को देखते थे, गले लग जाते थे। कुछ मिनट तक इसी तरह एक-दूसरे से मिलते थे। मुलाकात के लिए अबान कई बार बस स्टैंड के पास एक होटल में भी रुकता था। वह हर बार बड़े भाई के लिए नॉवेल और किताबें लेकर आता था। हादसे के बाद अबान की कार से दो किताबें मिली थीं। इनमें 'द स्टेशनरी शॉप ऑफ तेहरान' और 'द इडियट' शामिल हैं। नए मुलाकाती का नाम नहीं मिला वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया- अली ने अब तक किसी रिश्तेदार का नाम मुलाकाती के तौर पर जेल प्रशासन को नहीं दिया है। मुलाकात के लिए अली से मिलने आने वालों का जेल प्रशासन बाकायदा रिकॉर्ड रखता है। एलआईयू को भी सूचना दी जाती है। अबान की मौत के बाद अली वकीलों से ही मुलाकात कर रहा है। अबान भाई से जेल में मिलने जा रहा था 6 अगस्त की सुबह 5 बजे 21 साल का अबान प्रयागराज से झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली से मिलने निकला था। क्रेटा कार में उसके साथ 4 दोस्त भी थे।सुबह करीब 10:30 बजे झांसी से 70 किमी पहले पूंछ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार करीब 7 फीट हवा में उछल गई। इसके टुकड़े करीब 40 फीट तक हाईवे पर बिखर गए। कार का बायां हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। एयरबैग खुलने के बावजूद हादसा इतना भीषण था कि अबान और उसके पीछे बैठे दोस्त सोनू की मौके पर मौत हो गई। पुलिस और राहगीरों ने दरवाजा तोड़कर सभी को बाहर निकाला। हादसे में घायल उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारुक अहजम को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, हादसे के बाद अबान के आखिरी शब्द थे- “मुझे बचा लो…”। अबान का शव लेने झांसी पहुंचे अहजम ने कहा था- "अल्लाह की चीज थी, अल्लाह ने ले ली।" 2023 में असद के एनकाउंटर के बाद अतीक के भाई अशरफ ने भी यही बात कही थी। जानकारी के अनुसार, भाई की मौत की खबर मिलने पर जेल में बंद अली रातभर रोता रहा था। अब पढ़िए टेक्निकल कमेटी की जांच में क्या सामने आया? तकनीकी जांच के लिए परिवहन विभाग के आरआई राघव कुमार और एमटी (तकनीकी) प्रभारी शिव कुमार की अगुवाई में कमेटी बनाई गई थी। टीम ने कार की तकनीकी स्थिति और हादसे के दौरान हुए नुकसान का बारीकी से परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि कार का बायां फ्रंट हिस्सा कंक्रीट की कठोर सुरक्षा दीवार से टकराने के बाद पीछे की सीट तक धंस गया था। तकनीकी भाषा में इसे फ्रंटल डिफॉर्मेशन क्रश कहा जाता है। ऐसी स्थिति आगे की सीट पर बैठे व्यक्ति के लिए बेहद घातक हो सकती है। 130 की स्पीड में दौड़ रही थी कार कमेटी के मुताबिक, हादसे के समय कार की रफ्तार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा थी। यह करीब 36.1 मीटर प्रति सेकंड के बराबर है। यानी सामने कोई बाधा आने के बाद ड्राइवर के पास प्रतिक्रिया के लिए सिर्फ एक सेकंड भी हो, तो कार करीब 36 मीटर आगे बढ़ सकती है। तेज रफ्तार के कारण कंक्रीट की सुरक्षा दीवार से टकराते ही कार का फ्रंट क्रश जोन पीछे के पैसेंजर हिस्से तक पहुंच गया। टक्कर में स्टेयरिंग से पहियों को नियंत्रित करने वाला टाई-रॉड भी क्षतिग्रस्त हो गया। एयरबैग खुलने के बावजूद अबान की जान नहीं बच सकी। टक्कर के बाद 10 फीट उछली कार रिपोर्ट के मुताबिक, डिवाइडर से टकराने के बाद कार करीब 10 फीट की ऊंचाई तक उछली और फिर दाएं टायर के बल नीचे गिरी। इससे दायां पहिया और सस्पेंशन अचानक बहुत अधिक वर्टिकल इम्पैक्ट लोड की चपेट में आए। यानी जमीन पर गिरते समय वाहन का भार अचानक दाएं हिस्से पर पड़ा। इसी वजह से बाईं तरफ से टक्कर लगने के बावजूद कार के दाएं हिस्से का टायर और सस्पेंशन भी क्षतिग्रस्त हो गया। फिलहाल तकनीकी जांच में कार की तेज रफ्तार की पुष्टि हुई है, लेकिन हादसा आखिर किस वजह से हुआ, यह निश्चित रूप से सामने नहीं आया है। पिता अतीक की कब्र के बगल में दफनाया गया था 8 अगस्त को अबान को प्रयागराज में पिता अतीक की कब्र के बगल में दफनाया गया था। तीनों भाइयों अली, उमर और अहजम ने अबान को कंधा दिया था। मां शाइस्ता परवीन बेटे के जनाजे में शामिल नहीं हुई। वह पति अतीक और बेटे असद के जनाजे में भी नहीं पहुंची थी। शाइस्ता 2023 से फरार है। भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से अली-उमर को पैरोल मिली थी। इसके बाद पुलिस झांसी से अली और लखनऊ से उमर को लेकर आई थी। दोनों का चेहरा न दिखे, इसलिए वैन पर पर्दे डाल दिए गए थे। अली-उमर को 4 साल में पहली बार पैरोल मिली थी। ------------- ये भी पढ़ें- भाजपा यूपी में सपा-कांग्रेस के खिलाफ नैरेटिव सेट करेगी: लखनऊ में बीएल संतोष और विनोद तावड़े की बैठक; मिशन 2027 का रोडमैप बनाया भाजपा के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े और राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने शुक्रवार को लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर कोर ग्रुप के साथ बैठक की। सीएम योगी भी बैठक में भी थे। बैठक में तय हुआ कि भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा संकल्प अभियान के जरिए चुनाव प्रचार का पहला दौर पूरा करेगी। पढ़िए पूरी खबर…
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