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    गोरखपुर में IIT के इंजीनियर की फ्लैट में डेडबॉडी मिली:बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया, पिता सिंचाई विभाग में रह चुके हैं एक्सईएन

    3 hours ago

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    गोरखपुर में फ्लैट के अंदर IIT के इंजीनियर की डेडबॉडी मिली। फ्लैट से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा और अंदर गए। देखा कमरे का सामान फैला हुआ था। इंजीनियर अभिषेक (45) का शव सोफे पर पड़ा था। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, लैपटाप समेत अन्य सामान कब्जे में ले लिया है। मोबाइल फोन लॉक है। पुलिस उसे खुलवाने का प्रयास कर रही है। पूरा मामला शुक्रवार सुबह सहारा एस्टेट के मल्हार अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 2/202 का है। IIT से पढ़ाई के बाद दिल्ली की निजी कंपनी में इंजीनियर थे अभिषेक त्रिपाठी मूल रूप से कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के महासोन गांव के रहने वाले थे। वह 4 भाई बहन थे। उनके पिता सभा त्रिपाठी सिंचाई विभाग में एक्सईएन से रिटायर्ड थे। 10 साल पहले उनका निधन हो गया था। 2013 इंजीनियर की मां भी नहीं रहीं। अभिषेक का छोटा भाई अंबरीष अमेरिका में IT इंजीनियर हैं। बड़े भाई आशुतोष की वर्ष 2014 में चेन्नई में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। राजू बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सुरक्षा गार्ड थे। अभिषेक त्रिपाठी की बहन गुड़िया गोरखपुर रहती हैं, उनकी शादी हो चुकी है। अभिषेक नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे और गोरखपुर स्थित फ्लैट में अकेले रहकर वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे। लेकिन 4 साल पहले उनकी नौकरी छूट गई थी। बहन मौके पर पहुंचीं, भाई अमेरिका से गोरखपुर के लिए रवाना शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद बहन अर्चना मौके पर पहुंचीं। छोटे भाई अंबरीष को भी अमेरिका में जानकारी दी गई। परिवार के अनुसार, वह गोरखपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। अंबरीष के पहुंचने तक अभिषेक का शव मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है। उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। नौकरी छूटने के बाद मानसिक परेशानी से घिर गए बहन अर्चना ने बताया- नौकरी जाने के बाद अभिषेक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने लगी थी। उनका लखनऊ में इलाज भी कराया गया। बाद में भी उनका उपचार चलता रहा, लेकिन परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। परिवार के लोगों के अनुसार, बीमारी के कारण कई बार उनके व्यवहार में बदलाव दिखाई देता था। वह कभी-कभी लोगों से अभद्र भाषा में बात कर देते थे। इसका असर धीरे-धीरे उनके रिश्तों पर भी पड़ा। रिश्तेदारों और परिचितों का उनके पास आना-जाना कम होता गया। बहन ने बताया- अभिषेक की आर्थिक जरूरतों का इंतजाम उनका छोटा भाई अंबरीष करता था। परिवार के लोग भी समय-समय पर अभिषेक से मिलने आते थे। सहारा एस्टेट का फ्लैट ही बनी दुनिया अभिषेक ने शादी नहीं की थी और सहारा एस्टेट स्थित अपने निजी फ्लैट में अकेले रहते थे। परिवार के लोग समय-समय पर उनसे मिलने आते थे, लेकिन उनके साथ रहने वाला कोई नहीं था। पड़ोसी उन्हें पहचानते थे, लेकिन उनकी निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। तीन से चार दिन पुराना था शव पुलिस ने बताया- अभिषेक करीब तीन से चार दिन से फ्लैट से बाहर नहीं निकले थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस फिलहाल मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। सीओ कैंट कीर्ति निधि आनंद ने बताया- फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। शव करीब तीन से चार दिन पुराना है। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- करोड़पति कारोबारी के बेटे ने नौकर को क्यों नहीं पहचाना: कानपुर में 309 कॉल कीं, 3 बार साथ घूमा; बेटे पर शक गहराने की 5 वजह कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू शालू के बाद अब बेटे सुब्रत पर भी पुलिस का शक गहरा गया है। जांच में सामने आया है कि सुब्रत ने सुपारी किलर विशाल गौतम से तीन महीने में करीब 309 बार फोन पर बात की थी। पढ़ें पूरी खबर…
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