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    कागजों में हो रहा छिड़काव, सड़कों पर उड़ रही धूल:आगरा स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में तीसरे से फिसलकर चौथे स्थान पर आया

    1 hour ago

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    वायु प्रदूषण की रोकथाम का दावा करने वाले नगर निगम की सच्चाई सामने आ गई है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में आगरा देश में तीसरे स्थान से फिसलकर चौथे स्थान पर आ गया है। इसके लिए नगर निगम सहित वे कई विभाग जिम्मेदार हैं, जिनकी लापरवाही की वजह से हवा में धूल के कणों की मात्रा बढ़ रही है। आगरा में पिछले एक साल से कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। मेट्रो के काम के साथ ही सीएम ग्रिड योजना के तहत 5 बड़े काम चल रहे हैं। इसके साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज में निर्माण काम के साथ ही रूई की मंडी फाटक पर आरओबी का काम प्रमुख रूप से चल रहे हैं। अब विस्तार से पढ़िए... हवाओं को साफ करने से जुड़ी पहल को अपनाने में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में आगरा देश में चौथे नंबर पर है। वहीं, लखनऊ ने इंदौर को पछाड़कर शीर्ष पर जगह बनाई है। दूसरे पर इंदौर और तीसरे पर जबलपुर रहा है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में आगरा की स्थिति लगातार गिर रही है। वर्ष 2025-2024 में आगरा देश में तीसरे और 2023 में दूसरे नंबर पर रहा था। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने स्वच्छ वायु दिवस के मौके पर सोमवार को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की एक रैंकिंग जारी की। देश के 130 शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर उठाए गए कदमों और पिछले सालों में आए सुधार को लेकर रैंकिंग जारी की है। सड़क पर धूल उड़ने की 2 तस्वीरें… ये हैं मुख्य कारण राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में आगरा के एक स्थान पिछड़ने की वजह धूल कणों (पीएम-10) की मात्रा बढ़ने को माना जा रहा है। धूल के कणों को उड़ने से रोकने के लिए सड़कों पर पानी छिड़काव सिर्फ दिखावा रहा। कागजों में छिड़काव दिखाया गया, मेट्रो, सीएम ग्रिड में सड़कें, नमामि गंगे प्रोजेक्ट में सीवर लाइन डालने और अन्य निर्माण कार्यों में धूल रोकने के उचित इंतजाम नहीं किए गए। मेट्रो का काम एक साल पहले शहर में मेट्रो कॉरीडोर पर काम चल रहा है। 16 रिंग मशीनों से 75 से 80 फीट गहरी खोदाई की गई। हर दिन 15 ट्रक मिट्‌टी निकाली गई। साढ़े सात किमी लंबी टनल से हर दिन 20 ट्रक मिट्‌टी निकली अधिकांश कार्य रात में किया गया। मिट्‌टी न उड़े, इसके लिए ठोस इंतजाम नहीं किए गए। सीएम ग्रिड का काम शहर में सीमए ग्रिड योजना के तहत 5 जगहों पर काम चल रहा है। इनमें कालिंदी विहार रोड, बसई मंडी रोड, कोठी मीना बाजार रोड के काम प्रमुख हैं। यहां हरा पर्दा लगाकर काम नहीं हो रहा है। स्थिति ये है कि सड़कों पर धूल उड़ रही है। मिट्‌टी को दबाने के लिए पानी का छिड़काव भी नहीं किया गया। एसएन मेडिकल कॉलेज के काम आगरा के सरोजिनी नायडू (एसएन) मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में 'मिनी एम्स' जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने, ओपीडी के विस्तार और नए भवनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। बिल्डिंग निर्माण के लिए यहां काफी खोदाई की गई है। लेकिन यहां भी मानकों की अनदेखी की गई। निर्माण स्थल पर हरा पर्दा नहीं लगाया गया है। इस आधार पर मिलते हैं अंक
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